धमाकों में इंडियन मुजाहिदीन का हाथ! 
नई दिल्ली/पटना।
बिहार के बोध गया में महाबोधि मंदिर पर हुए आतंकी हमले में इंडियन मुजाहिदीन का हाथ हो सकता है। बिहार पुलिस ने यह संदेह जताया है। पुणे की जर्मन बेकरी ब्लास्ट केस में आरोपी सैयद मकबूल से इस मामले में पूछताछ की जाएगी। मकबूल आतंकी संगठन इंडियन मुजाहिदीन से जुड़ा है। 
मकबूल ने ही महाबोधि मंदिर के आतंकियों के निशाने पर होने की जानकारी दी थी। मकबूल ने जांचकर्ताओं को बताया था कि महाबोधि मंदिर की रेकी की गई है। फिदायीन हमले के लिए मंदिर की रेकी की गई है। उसने कहा था कि म्यांमार में रोहिंग्या मुस्लिमों पर हुए हमलों का बदला लेने के लिए महाबोधि मंदिर निशाने पर है। मकबूल के पास से महाबोधि मंदिर का नक्शा भी मिला था। 
आतंकियों के प्लान को इंडियन मुजाहिदीन के टॉप ऑपरेटिव रियाज भटकल और इकबाल भटकल ने मंजूरी दे दी थी। इंडियन मुजाहिदीन के सैयद मकबूल और इमरान का नाम पिछले साल फरवरी में हैदराबाद के दिलसुख नगर में हुए ब्लास्ट के मामले में भी सामने आया था। दोनों ने दिलसुखनगर की रैकी की थी। 
दिलसुख नगर ब्लास्ट के बाद ही गृह मंत्रालय ने बिहार सरकार को दोबारा अलर्ट किया था। साथ ही सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने को कहा था। रियाज और इकबाल काफी समय से आत्मघाती हमलावरों की टीम बनाने की योजना पर काम कर रहे थे। 
2008 में बाटला हाउस एनकाउंटर से पहले भटकल बंधुओं ने आतिफ अमीन को आत्मघाती हमलावर बनने के इच्छुक लड़कों की खोज का जिम्मा सौंपा था। बाटला हाउस एनकाउंटर में अमीन के मारे जाने के कारण भटकल बंधु आत्मघाती हमलावरों की टीम बनाने में कामयाब नहीं हो पाए।

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