8 सीरियल ब्लास्ट से दहला महाबोधि मंदिर
बोधगया। बिहार के बोधगया में महाबोधि मंदिर परिसर के अंदर और बाहर रविवार सुबह एक के बाद एक 8 धमाके हुए। धमाकों में दो विदेशी बौद्ध भिक्षु घायल हो गए। इनमें से एक म्यांमार का है जबकि दूसरा तिब्बत का है। दोनों को अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें से एक की हालत गंभीर है।
गृह मंत्रालय ने कहा,आतंकी हमला
गृह मंत्रालय ने इसे आतंकी हमला करार दिया है। केन्द्रीय गृह सचिव अनिल गोस्वामी ने इस बात की पुष्टि की है कि बोध गया में हुए धमाके आतंकी हमला है। अभी तक किसी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली। गृह मंत्रालय ने कहा है कि धमाकों में अल कायदा का हाथ नहीं है। बिहार पुलिस को संदेह है कि हमले में इंडियन मुजाहिदीन का हाथ हो सकता है। गृह राज्य मंत्री आरपीएन सिंह ने कहा है कि आईबी ने कुछ दिन पहले ही बिहार सरकार को इस बारे में खुफिया जानकारी दी थी।
नीतीश ने कहा,नहीं हुई सुरक्षा में चूक
धमाकों के बाद मौके पर पहुंचे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि महाबोधि मंदिर परिसर के अंदर और बाहर 9 धमाके हुए हैं। उन्होंने कहा कि एनआईए मामले की जांच करेगी। मंदिर की सुरक्षा के लिए सीआईएसएफ के जवानों को तैनात किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सीआईएसएफ टॉप सिक्योरिटी फॉर्स है। वह मंदिर की सुरक्षा के लिए उचित और योग्य है। नीतीश ने इस बात से इनकार किया है कि सुरक्षा में चूक की वजह से हमला हुआ है। उन्होंने कहा कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएग। सैलानियों और बौद्ध भिक्षुओं के लिए जल्द ही मंदिर खोल दिया जाएगा। पुलिस ने पहले ही मामले की जांच शुरू कर दी है।
दो जिंदा बमों को निष्क्रिय किया गया
धमाकों के बाद पुलिस ने मंदिर परिसर को खाली करा लिया। धमाकों की सूचना मिलते ही बम निरोधक दस्ता मौके पर पहुंचा। मंदिर परिसर में दो जिंदा बम मिले,जिन्हें निष्क्रिय कर दिया गया। महाबोधि मंदिर प्रबंधन समिति के सदस्य अरविंद सिंह ने बताया कि एक जिंदा बम भगवान बुद्ध की मूर्ति के नजदीक मिला।
एक अन्य जिंदा बम बस स्टैण्ड के नजदीक मिला। महाबोधि मंदिर में सुबह चार बजे से ही पूजा शुरू हो जाती है। पूजा में देश-विदेश के बौद्ध भिक्षु जुटते हैं। धमाके सुबह हुए इसलिए ज्यादा नुकसान नहीं हुआ।
सुबह 5 से 6 बजे के बीच हुए धमाके
गया पुलिस के मुताबिक धमाके 5.30 से 6 बजे के बीच हुई। पहला धमाका करीब 5.25 बजे हुआ। मगध रेंज के डीआईजी नैयर हुसेनन खान ने बताया कि चार धमाके मंदिर परिसर में अंदर हुए जबकि तीन करमापा मोनेस्ट्री के नजदीक हुए। एक ब्लास्ट 80 फीट ऊंची भगवान बुद्ध की मूर्ति के नजदीक हुआ। एक अन्य ब्लास्ट बाईपास के नजदीक बस स्टैण्ड पर हुआ। हालांकि सीरियल ब्लास्ट से मंदिर को कोई नुकसान नहीं हुआ है।
मंदिर और बोधि वृक्ष को कोई नुकसान नहीं
एडीजी (कानून व्यवस्था)एसके भारद्वाज ने बताया कि प्रथम दृष्ट्या लगता है कि धमाके आतंकी संगठनों ने किए हैं। उन्होंने कहा कि संभावित हमले को लेकर सामान्य अलर्ट था। इसके चलते राज्य पुलिस ने सुरक्षा कड़ी कर दी थी। उन्होंने कहा कि बोधगया मंदिर की बाहरी सुरक्षा का जिम्मा पुलिस के पास है जबकि अंदर की सुरक्षा का जिम्मा मंदिर ट्रस्ट के अधिकारियों के पास है। डीआईजी स्पेशल ब्रांच पारसनाथ ने कहा कि महबोधि मंदिर का गर्भ गृह पूरी तरह सुरक्षित है। मंदिर परिसर को पूरी तरह खाली करा दिया गया है।
आईबी ने पहले ही किया था अलर्ट
भारद्वाज ने कहा कि पहला धमाका महाबोधि वृक्ष के नजदीक हुआ। इससे वहां रखी एक टैबल उड़ गई। इससे दो लोग घायल हो गए। इसी वृक्ष के नीचे महात्मा बुद्ध को ज्ञान हासिल हुआ था। दूसरा ब्लास्ट शायग उस प्रांगण में हुआ जहां पुस्तकें रखी जाती है। धमाके से फर्नीचर नष्ट हो गया। लेकिन मूर्तियों और स्मारकों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। भारद्वाज ने बताया कि धमाके कम तीव्रता के टाइम बम थे।
उन्होंने कहा कि छह से सात महीने पहले सूचना मिली थी कि महोबाधि मंदिर पर आतंकी हमला हो सकता है। इसके बाद मंदिर परिसर की सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। वहां अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए थे। महाबोधि मंदिर पहले से आतंकियों के निशाने पर था। आईबी ने पिछले हफ्ते ही अलर्ट जारी किया था। इसके मद्देनजर मंदिर के मुख्य पुजारी ने हथियार की मांग भी की थी।

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