पाक जेल में बद जमालदीन के घर वालों की बढ़ी चिंता 

जैसलमेर 
बीते सप्ताह पाकिस्तान की जेल में बंद सरबजीत पर हुए हमले के बाद चार दिन बाद मौत हो जाने से जैसलमेर के बांधा गांव में भी माहौल चिंतनीय हो गया है। जैसलमेर के बांधा गांव का जमालदीन पिछले 27 साल से कराची जेल में बंद है। एक छोटी सी भूल के चलते वह सीमापार कर पाकिस्तान जा पहुंच तब से वह कराची जेल में बंद है। 
सरबजीत पर हुए हमले तथा उपचार के दौरान हुई मौत से जमाल के परिजनों एवं गांव वालों में भी भय का माहौल है। उन्हें भी लगता है कि कहीं उनके जमाल की स्थिति सरबजीत की तरह न हो। जमाल के पुत्र हासम खां ने बताया कि 1986 में जमालदीन मवेशी चराते हुए भूलवश पाकिस्तान की सीमा में चला गया। जहां पाकिस्तान पुलिस ने पकड़ कर उसे जेल में डाल दिया। तब से लेकर अभी तक न तो सरकार ने कोई कार्रवाई की है और न ही उसे रिहा किया गया है। 12 साल पहले एक खत आया था जिसमें 15 दिन बाद रिहाई का लिखा था। उसके बाद से लेकर आज तक न तो खत है नहीं कोई संदेश। 
कहीं मार तो नहीं दिया 
जमालदीन के भाई कमाल दीन का कहना है कि उन्हें तो कभी- कभी डर भी लगता है कि कहीं उसे मार तो नहीं दिया गया है। पिछले 12 साल से कोई खबर नहीं आई है। कराची जैल में बंद है या कहीं और इसके बारे में भी कुछ नहीं जानते। 27 साल में मात्र एक पत्र ही पाकिस्तान से आया है। पाकिस्तान की कोट लखपत जैल में सरबजीत पर हुए हमले एवं उपचार के दौरान मौत के बाद से जमालदीन के घर वालों की चिंता और अधिक बढ़ गई है। गांव में भी लोग सहमे हुए है। 

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