सज्जन बनें दोषी,10 लाख डॉलर का इनाम
न्यूयॉर्क।
यह इनाम उन्हीं लोगों को दिया जाएगा जो आगे आकर कुमार के खिलाफ सबूत और गवाही देंगे ताकि दिल्ली की उस अदालत के फैसले को बदलवाया जा सके जिसमें कांग्रेस नेता को बरी कर दिया था। इनाम की घोषणा "सिखस फॉर जस्टिस" (एसएफजे) नामक सामाजिक संगठन ने की। एसएफजे ने कहा कि वह बड़े से बडे वकील की सेवाएं लेंगे जो दिल्ली हाई कोर्ट में सज्जन को बरी करने के निचली अदालत के फैसले को चुनौती दे सके।
एसएफजे के विधि सलाहकार गुरपतवंत सिंह पन्नूं ने कहा कि यह इनाम उन लोगों के लिए मौका है जिन्होंने दंगों में बेगुनाह लोगों को मरते हुए देखा ताकि वे सबूतों के साथ आगे आएं और उन कांग्रेसी नेताओं के खिलाफ गवाही दे सकें जो दंगों के लिए जिम्मेदार हैं।
उल्लेखनीय है कि अदालत ने सज्जन कुमार को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया था। अदालत का मानना था कि शिकायतकर्ता जगदीश कौर के साक्ष्यों को किसी स्वतंत्र गवाह ने पुष्टि नहीं की थी। एसएफजे दंगों मे कुमार के हाथ होने की बात को सही साबित करने के लिए और गवाहों को ढूंढने के लिए मुहित चलाएगा।
अमरीका में कई सिख नेताओं ने सज्जन कुमार को बरी किए जाने के फैसले पर हैरानी जताई है। कांग्रेस नेता को करीब तीन दशक बाद मंगलवार को 1984 में हुए दंगों के एक मामले में बरी कर दिया था। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की 31 अक्टूबर 1984 को हत्या के बाद राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और अन्य इलाकों में तीन दिन तक चले दंगों में 3 हजार सिखों मार दिया गया था।
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