आखातीज पर बाल विवाह रोकने के लिए प्रभावी प्रयास करने के निर्देश
जैसलमेर,25 अप्रेल/
कलक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट शुचि त्यागी द्वारा अक्षय तृतीया के अवसर पर आगामी 13 मई एवं अन्य अवसरों पर अबूझ सावों म संम्भावित बाल विवाह रोकने के लिए प्रभावी प्रयास करने के सम्बन्ध म आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए ह®।
बाल विवाह रोकथाम के प्रति रहे सजग, करें निरोधात्मक कार्यवाही
जिला मजिस्ट्रेट त्यागी ने पुलिस अधीक्षक के साथ ही उपखण्ड अधिकारी एवं तहसीलदार जैसलमेर,पोकरण, भणियांणा एवं फतेहगढ़, उपनिदेशक महिला एवं बाल विकास, विकास अधिकारी पंचायत समिति जैसलमेर,सम एवं सांकड़ा , मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला शिक्षाधिकारी माध्यमिक/प्रांरभिक, सहायक निदेशक सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग , आयुक्त नगरपरिषद जैसलमेर एवं अधिशाषी अधिकारी नगरपालिका पोकरण, ब्लोक शिक्षाधिकारी पंचायत समिति जैसलमेर, सम सांकड़ा को इस सम्बन्ध म परिपत्रा प्रेषित कर निर्देशित किया ह® कि वे इस सामाजिक बुराई पर अंकुश लगाने के लिए गांव-गांव एवं ढांणी-ढांणी म बाल विवाह रोकने के लिए पर्याप्त सतर्कता बरतेग एवं पूर्ण निगरानी रखने के लिए निरोधात्मक कदम उठाने की कार्यवाही सुनिश्चित करग।
नियंत्राण कक्ष की करें स्थापना
जिला मजिस्ट्रेट ने पुलिस अधीक्षक जैसलमेर, उपखण्ड अधिकारी जैसलमेर, पोकरण एवं फतेहगढ़ में उनके कार्यालयों में महिला एवं बाल विकास , चिकित्सा एवं पंचायतीराज विभाग की सहभागिता लेकर बाल विवाह होने की जन सामान्य द्वारा दी जाने वाली जानकारी व सूचना देने के लिए नियंत्राण कक्ष की स्थापना करने के निर्देश दिए।
विवाह सहायता योजनाओं की दें जानकारी
उन्होंने अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि जो अभिभावक बेटियों के विवाह का व्यय वहन करने में सक्षम नहीं हैं जिसके कारण वे बाल विवाह करवाते हैं उन्हें महिला एवं बाल विकास तथा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग एवं अन्य सरकारी योजनाओं द्वारा दी जाने वाली सहायता राशि के संबंध में जानकारी प्रदान करें तथा सामुहिक विवाहों को प्रोत्साहित करने के लिये प्रचार-प्रसार करें।
मौजीज व्यक्तियों को बाल विवाह रोकने के सौंपे दायित्व
जिला मजिस्टेªट ने निर्देश दिए कि वे गांव में प्रमुख व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें बाल विवाह रोकने की जिम्मेदारी देवें। इसके साथ ही नरेगा में कार्य करने वाले व्यक्तियों में यदि कोई व्यक्ति बाल विवाह करता हैं तो उन्हें नरेगा में कार्य नहीं देने की हिदायत देने का भी संदेश दें। इसके साथ ही जिन जातियों में नाता प्रथा हो उनमें जिन लड़कियों के विवाह हो गये हैं उनका गौना करने में देरी करने में जागरुकता बढ़ाई जायें।
सूचना तंत्रा को रखें मजबूत, तत्काल मिले बाल विवाह की सूचना
उन्होंने बाल विवाह रोके जाने के लिए निरोधात्मक कदम उठाए जाने के लिए यह सुनिश्चित करग कि किसी छोटे गंाव एवं कस्बे म विवाह होने की पूर्ण तैयारी की जानकारी आसानी से प्राप्त हो जाती ह® जैसे निमंत्राण-पत्रा, ट®ट हाऊस, हलवाई, बरात के लिए परिवहन वाहन की व्यवस्था आदि ऐसी पूर्व तैयारियाॅं ह® जिससे गांव के शिक्षक, ग्रामसेवक, पटवारी, एएनएम आदि लोकसेवकों को इसकी आसानी से जानकारी प्राप्त हो सकती ह®। इसलिए इन्ह अपने-अपने क्षेत्रा म बाल विवाह के रोकथाम के प्रति सतर्कता रखने के निर्देश जारी कर।
आमजन को दें बाल विवाह रोकने के सन्देश
उन्होंने यह भी निर्देशित किया ह® कि बाल विवाह रोकथाम के लिए अपने अधीनस्थ कार्मिक ,चिकित्साकर्मी ,राजस्वकर्मी, पुलिस , सामाजिक न्याय एवं अधिकारिताकर्मी , महिला एवं बाल विकास ,पंचायतीराज, शिक्षा विभाग के कर्मचारियों को पाबंद कर कि वे बाल विवाह रोकने का संदेश आमजन तक पहुंचाएॅं। इसम स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं स्वयंसेवी संस्थाओं का भी पूरा सहयोग ल।
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