प्रशासन और नागरिको ने तीन महीने बाद ली राहत की सांस ली 
बाड़मेर 
 राजस्थान के बाड़मेर जिले में करीब तीन महीने पहले होमगार्ड में मिले 66 बमों का निस्तारण चार + एक धमाको के साथ हुआ, शुक्रवार की रोज शाम साढ़े चार बजे जालिपा स्थित आर्मी फायरिंग रेंज में पुणे से आई टीम ने सावधानी पूर्वक कर दिया,  पुणे से आई सेना के करीब एक दर्जन सदस्यों की टीम ने मिले 66 का निस्तारण कर दिया। एहतियात के तौर पर आसपास के इलाके को खाली करा लिया गया था। निस्तारण में करीब ढेड घंटे से ज्यादा समय लगा.बमों को निष्क्रिय करने के बाद सेना और प्रसाशनिक अधिकारियो, पुलिस अधिकारियो और नागरिको ने राहत की सांस ली, बमों को  पंद्रह-पंद्रह बमों को एक साथ चार चक्रों में निष्क्रिय किया .बम डिफ्यूज के धमाको से आस पास के दो किलोमीटर के एरिया दहल गया .पूर्व में सूचना देने के कारन अफरा तफरी नहीं फेली पाच चरणों में बमों को डिफ्यूज किया गया बमों के निस्तारण के वक्त सेना के अधिकारियो, और अतिरिक्त जिला कलक्टर अरूण पुरोहित, जिला पुलिस अधिक्षक राहुल बारहठ, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नरेन्द्रसिंह, डिप्टी नाजिम अली, उपखण्ड अधिकारी विनीतासिंह, भूमि अवाप्ति अधिकारी अयूब खांन, बाड़मेर तहसीलदार बद्रीनारायण विश्नोई समेत अधिकारी मौजूद थे। 
बाड़मेर शहर पिछले तीन माह से बमों के कारण खोफ में बैठे थे और बाड़मेर का बॉर्डर होमगार्ड परिसर बमों के ढेर पर बेठे थे। पुणे से यहां पहुंचा सेना का बम निरोधक दस्ता भी इतने सारे बम देख सकते में था । परिसर में मिले 66 जिंदा बमों को डिफ्यूज करने का काम शुक्रवार को कर दिया । पूरी एहतियात के साथ इस काम को अंजाम दिया गया । 
इन बमों को डिफ्यूज करने के लिए बाड़मेर के होमगार्ड परिसर से छह ट्रकों में लादकर 15 किलोमीटर दूर आर्मी की फायरिंग रेंज जालिपा में लाया गया था इसके लिए नेशनल हाइवे 15 को शुक्रवार तड़के 4 बजे से बंद कर दिया गया था क्योंकि जरा सी चूक किसी बड़े हादसे को अंजाम दे सकतीथी । यह बम इतने खतरनाक थे कि इनके फटने से करीब आठ किलोमीटर के इलाके में असर पड़ सकता था । बमों के मिलने के बाद से ही इलाके के लोग दहशत में थे ।
फिलहाल बाड़मेर जिला प्रशासन, पुलिस और सेना पूरी सतर्कता के साथ बमों को डिफ्यूज करने का काम पूर्ण कर हें । सेना के सामने सबसे बड़ी चुनौती थी कि बिना किसी लापरवाही के इस काम को सफलतापूर्वक अंजाम दिया जा सके। जिसमे सेना के अधिकारी और प्रसाशनिक अधिकारी, पुलिस अधिकारी ने सफलता हासिल की 

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