पंजीयन के आधार पर ही होता है योजनाओं का सूत्रपात- धानका

जैसलमेर, 6 मार्च / उपमुख्य रजिस्ट्रार (जन्म-मृत्यु) एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी बलदेवसिंह उज्जवल ने कहा कि जन्म एवं मृत्यु का रजिस्ट्रीकरण सामाजिक एवं आर्थिक विकास के लिए अनिवार्य है। उन्होंने संभाभियों को निर्देश दिए कि वे इस कार्य को गंभीरता से करें एवं प्रत्येक जन्म एवं मृत्यु की घटना का अनिवार्य रूप से पंजीयन करें।

मुख्य कार्यकारी अधिकारी उज्जवल बुधवार को सांख्यिकी विभाग के तत्वाधान में आयोजित जिला स्तरीय जीवनांक प्रशिक्षण में संभागियों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आज के समय में जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र प्राप्त करना अनिवार्य है इसलिए आमजन में भी यह संदेश देना जरूरी है कि वे इस प्रकार की घटना का पंजीयन रजिस्ट्रार कार्यालय में आवश्यक रूप से कराएं। उन्होंने कहा कि समाज एवं प्रदेश के विकास में जन्म एवं मृत्यु के पंजीयन का अहम आधार है एवं इनके आकंडों के आधार पर ही योजनाएं बनती है।

उन्होंने इस कार्य से जुडे अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देश दिए कि वे अपने क्षेत्र में इस कार्य को पूर्ण जिम्मेदारी के साथ करें एवं इस बात का भी ध्यान रखें की जन्म एवं मृत्यु की घटना का पंजीयन होने से वंचित नहीं रहे। उन्होंने कहा कि इस कार्य के लिए दक्ष प्रशिक्षकों द्वारा सम्भागियों को जो जानकारी प्रदान की जाती है उसको ध्यान से सुने एवं नियमानुसार कार्य को अन्जाम दें।

अतिरिक्त जिला कलक्टर परशुराम धानका ने कहा कि जन्म एवं मृत्यु पंजीयन प्रदेश के विकास की महत्त्वपूर्ण धुरी है एवं इसके आधार पर ही सभी विकास योजनाओं का निर्माण होता है। उन्होंने पंजीयन के महत्त्व के बारे मे विस्तार से जानकारी दी एवं कहा कि शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र में आम जन में इसके प्रति ऎसी जागृति पैदा कर दें कि लोग आगे आकर जन्म-मृत्यु घटना का पंजीयन कराने आएं।

उन्होंने पंचायती राज विभाग एवं नगर निकाय विभाग से जुडे़ अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देश दिए कि वे जन्म-मृत्यु की घटना का पंजीयन करने के प्रति चौकस रहें एवं शत् प्रतिशत घटनाओं का पंजीयन करना सुनिश्चित करें। उन्होंने प्रतिमाह जन्म एवं मृत्यु पंजीयन की सूचना समय पर भेजने के निर्देश दिए एवं कहा कि इस कार्य में किसी प्रकार की शिथिलता नहीं बरते। उन्होंने मृत्यु की घटना का पंजीयन करने पर विशेष जोर दिया एवं हिदायत दी की प्रत्येक मृत्यु की घटना का पंजीयन अनिवार्य रूप से हो।

जिला रजिस्ट्रार एवं सांख्यिकी अधिकारी डॉ. बृजलाल मीणा ने प्रशिक्षण में संभागियों को पावर प्रजेन्टेशन के माध्यम से जन्म-मृत्यु पंजीयन नियम एवं अधिनियमों के प्रावधानों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने पंजीकरण संबंधित प्रपत्र संख्या 1, 2 एवं 3 को भरने की प्रक्रिया के बारे में बताया एवं कहा कि जन्म-मृत्यु प्रतिवेदन प्रपत्र के कोई भी कॉलम को खाली नहीं रखें एवं सभी सूचनाएं सही रूप से पूर्ण भरें। उन्होंने जन्म-मृत्यु पंजीयन की मासिक सूचना माह की 5 तारीख तक जिला रजिस्ट्रार जन्म-मृत्यु कार्यालय जैसलमेर को अनिवार्य रूप से भिजवाने के निर्देश दिए।

प्रशिक्षण में जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बी.एल बुनकर के साथ ही ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी, शिक्षा विभाग के अधिकारी, पंचायती राज व नगर निकाय के अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे एवं उन्होंने ध्यान से प्रशिक्षण प्राप्त किया व जन्म-मृत्यु पंजीयन प्रपत्राें के भरने के बारे में शंकाओं का समाधान किया।

---000---

जैसलमेर में दिसम्बर 2012 तक 120 फीसदी रहा जन्म पंजीयन

जैसलमेर, 6 मार्च / जैसलमेर जिले में जन्म-मृत्यु पंजीयन का कार्य सुचारू रूप से किये जाने के कारण जन्म का पंजीयन शत् प्रतिशत से भी अधिक रहा है। जिला कलक्टर शुचि त्यागी ने जन्म-मृत्यु पंजीकरण की प्रगति की जानकारी देते हुए बताया कि जिले में जनवरी 2012 से दिसम्बर2013 तक जन्म की संभावित घटना 17 हजार 270 के विरूद्ध 20 हजार 868 वास्तविक पंजीकृत हुआ है, जो 120.83 प्रतिशत है।

उन्होंने बताया कि पंचायत समिति जैसलमेर में आलोच्य अवधि में जन्म की सम्भावित 4हजार 425 घटना के विरूद्ध 4 हजार 645 वास्तविक जन्म घटना का पंजीयन हुआ है, जो 105प्रतिशत है। इसी प्रकार मृत्यु की सभावित 1 हजार 98 घटना के विरूद्ध 496 का पंजीयन हुआ है, जो45.17 प्रतिशत है। इसी प्रकार पंचायत समिति सम क्षेत्र में जन्म की स।भावित 4 हजार 805 लक्ष्य के विरूद्ध 4 हजार 540 का पंजीयन हुआ है, जो 94.48 प्रतिशत है। वहीं मृत्यु पंजीयन 1 हजार 192के विरूद्ध 635 का पंजीयन हुआ है, जो 53.27 प्रतिशत है। पंचायत समिति सांकड़ा में जन्म की सम्भावित 5 हजार 730 के लक्ष्य के विरूद्ध 3 हजार 352 का पंजीयन हुआ है, जो 58.50 प्रतिशत है। इसी प्रकार मृत्यु का पंजीयन 1 हजार 410 के विरूद्ध 587 का हुआ है, जो 41.63 प्रतिशत है। इस प्रकार ग्रामीण क्षेत्र मे कुल 14 हजार 960 के जन्म के पंजीयन के विरूद्ध 12 हजार 537 का पंजीयन हुआ है जो 83.80 प्रतिशत है। जबकि मृत्यु का 3 हजार 700 के विरूद्ध 1 हजार 718 का पंजीयन हुआ है जो 46.43 प्रतिशत है।

जिला कलक्टर ने बताया कि नगर परिषद् जैसलमेर क्षेत्र मे जन्म की सम्भावित 1 हजार740 घटना के लक्ष्य के विरूद्ध 6 हजार 40 का पंजीयन हुआ है , जो 347 प्रतिशत है। वहीं सम्भावित मृत्यु की घटना 500 के विरूद्ध 299 का पंजीयन हुआ है, जो 59.80 प्रतिशत है। नगरपालिका पोकरण क्षेत्र में संभावित जन्म की 570 की घटना के विरूद्ध 2 हजार 291 का पंजीयन हुआ है, जो 401प्रतिशत है। वहीं मृत्यु की सम्भावित घटना 170 के विरूद्ध 141 का पंजीयन हुआ है, जो 82.94प्रतिशत है। इस प्रकार शहरी क्षेत्र में कुल जन्म का पंजीयन 360.64 प्रतिशत रहा वही मृत्यु का पंजीयन 65.67 रहा है।

---000---

बैंक ऋण वसूली पर विशेष ध्यान दें - बैंक अध्यक्ष देवीसिंह भाटी

जैसलमेर, 6 मार्च / जैसलमेर केन्द्रीय सहकारी बैंक के अध्यक्ष देवीसिंह भाटी ने जैसलमेर शाखा के अधीन ग्राम सेवा सहकारी समितियों के व्यवस्थापक, सहायक अधिशाषी अधिकारी एवं शाखा प्रबन्धकों को निर्देश दिए कि वे वसूली कार्य पर विशेष ध्यान दें एवं एक अभियान चलाकर बैंक की बकाया वसूली करें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री शून्य प्रतिशत ब्याज योजना की सार्थकता तभी सिद्ध होगी जब खरीफ 2012 मे वितरित अल्पकालीन फसली ऋणों की शत् प्रतिशत वसूली की जायेगी।

जैसमलेर केन्द्रीय सहकारी बैंक के अध्यक्ष भाटी ने बुधवार को बैंक के प्रधान कार्यालय में आयोजित बैंक अधिकारियों एवं सहकारी समितियों के व्यवस्थापकाें की बैठक में यह निर्देश दिए। उन्होेंने व्यवस्थापको को निर्देश दिए की वे अल्पकालीन फसली ऋण की वसूली प्राथमिकता से करे। उन्होंने कहा कि लक्ष्यों की पूर्ति नहीं करने पर उनके विरूद्ध कार्यवाही के लिए रजिस्ट्रार सहकारी विभाग जयपुर को लिखा जायेगा। उन्होंने अवधिपार ऋणियों के विरूद्ध कठोर कार्यवाही कर वसूली करने के व्यवस्थापकों को निर्देश दिए एवं कहा कि वसूली के लिए बकाया ऋणियों के बारें में सभी प्रचार माध्यमों का पूरा-पूरा उपयोग करें।

बैंक के प्रबन्ध निदेशक बी. एल. मीणा ने ऋण वसूली अभियान को गति प्रदान करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि अगला खरीफ ऋण उन्हीं समितियों में बांटा जाएगा जिनकी वसूली का प्रतिशत कम से कम 90 प्रतिशत होगा। उन्होंने कहा कि मार्च,13 तक निर्धारित लक्ष्यों से कम वसूली करने वाले व्यवस्थापकों, फील्ड स्टॉफ व बैंक स्टॉफ के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी। बैंक के मुख्य प्रबन्धक एम.एल. भाटिया ने सुझाव दिया कि वसूली के लिए प्रचार-प्रसार करें, जिससेे वसूली पर अच्छा प्रभाव पड़ेगा।

---000---

बीएडीपी की समीक्षा बैठक शुक्रवार को

जैसलमेर, 6 मार्च / सीमाक्षेत्र विकास कार्यक्रम (बीएडीपी) की प्रगति की समीक्षा बैठक जिला कलक्टर शुचि त्यागी की अध्यक्षता में शुक्रवार, 8 मार्च को दोपहर 1 बजे कलेक्ट्रेट सभागार में रखी गई है। मुख्य कार्यकारी अधिकारी बलदेव सिंह उज्जवल ने यह जानकारी दी। 

---000---

बीसूका की समीक्षा बैठक सोमवार को

जैसलमेर, 6 मार्च / बीस सूत्री कार्यक्रम की मासिक प्रगति की समीक्षा बैठक जिला कलक्टर शुचि त्यागी की अध्यक्षता में सोमवार, 11 मार्च को अपराह्रन 4 बजे कलेक्ट्रेट सभागार में रखी गई है। मुख्य आयोजना अधिकारी जिला परिषद् फकीरचन्द ने यह जानकारी दी।

---000---

आपदा प्रबन्धन के बारे में जिलास्तरीय प्रशिक्षण मंगलवार को

जैसलमेर, 6 मार्च / आपदाआें के बेहतर प्रबन्धन एवं क्षमता संवद्र्धन के लिए 1दिवसीय प्रशिक्षण एवं कार्यशाला का आयोजन 12 मार्च, मंगलवार को प्रातः 11 बजे डीआरडीए सभागार जैसलमेर में रखा गया है। अतिरिक्त जिला कलक्टर परशुराम धानका ने बताया कि इस कार्यशाला में जिला स्तरीय अधिकारियों, स्वंयसेवी संस्थाओं के पदाधिकारियों, नेहरू युवा केन्द्र के स्वयंसेवक व राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक भाग लेंगे।

अतिरिक्त जिला कलक्टर परशुराम धानका ने बताया कि इसी प्रकार उपखण्ड जैसलमेर का उपखण्ड स्तरीय प्रशिक्षण 13 मार्च को प्रातः 11 बजे डीआरडी हॉल जैसलमेर में रखा गया है। इसमें उपखण्ड स्तरीय अधिकारियों, स्वयंसेवी संस्थाओं के पदाधिकारियों, नेहरू युवा केन्द्र के स्वयं सेवक व राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों की भागीदारी रहेगी।

0 comments:

एक टिप्पणी भेजें

 
HAFTE KI BAAT © 2013-14. All Rights Reserved.
Top