खोला पिटारा,बांटी सौगातें 
जयपुर। 
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस सरकार के आखिरी बजट में सबको खुश करने की कोशिश की है। उन्होंने महंगाई की मारी जनता को कोई बड़ी राहत तो नहीं दी है लेकिन आम जनता पर महंगाई का अतिरिक्त बोझ भी नहीं डाला है। मुख्यमंत्री ने साल 2013-14 के बजट भाषण में कई लोकलुभावन घोषणाएं की है। 
सबसे बड़ी घोषणा नि:शुक्ल जांच योजना को लेकर की गई है। अब राजस्थान के सभी अस्पतालों में नि:शुल्क जांच होगी। यह योजना 15 अगस्त से शुरू होगी। साथ ही मुख्यमंत्री मुफ्त दवा योजना का दायरा भी बढ़ा दिया गया है। इस योजना के दायरे में करीब 600 दवाओं को लाया गया है। 

कर्मचारियों को मिला बड़ा तोहफा
आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए राज्य कर्मचारियों को बड़ा तोहफा दिया गया है। गहलोत ने कर्मचारियों की नाराजगी को दूर करने के लिए कृष्णा भटनाकर समिति की सिफारिशों को 1 जुलाई 2013 से लागू करने की घोषणा की है। राजस्थान में करीब 6 लाख कर्मचारी हैं। वेतन विसंगती को लेकर कर्मचारी काफी समय से नाराज चल रहे थे। कई कर्मचारी संगठन वेतन विसंगति दूर करने की मांग को लेकर सड़कों पर उतर आए थे। राज्य सरकार ने कर्मचारियों को छठे वेतनमान का लाभ 2006 की बजाय 2008 से दिया था। कर्मचारी इसे 2006 से देने की मांग कर रहे थे। कांग्रेस के घोषणा पत्र में यह मांग पूरी करने का वादा किया गया था। 

नौकरियों की भरमार 
मुख्यमंत्री ने बेरोजगार की बढ़ती समस्या से निपटने के लिए छप्पर फाड़ नौकरियों की घोषणा की है। चिकित्सा और शिक्षा विभाग में सबसे ज्यादा नौकरियों की घोषणाएं की गई है। विभिन्न विभागों में करीब 1 लाख 50 हजार पदों पर भर्ती की जाने की घोषणा की है। 

1.पांच हजार शारीरिक शिक्षकों की भर्ती 
2.उर्दू के एक हजार व्याख्याताओं की भर्ती
3.1 हजार सैकेण्ड ग्रेड उर्दू शिक्षकों की भर्ती
4.20 हजार थर्ड ग्रेड टीचरों की भर्ती
5.10 हजार सेकैण्ड ग्रेड शिक्षकों की भर्ती 

1.चिकित्सा विभाग में 20 हजार नई भर्तियां होगी
2.64 दंत चिकित्सों की नियुक्तियां होगी
3.चिकित्सकों के 8 हजार पद स्वीकृत किए गए हैं
4.सामान्य स्वास्थ्य केन्द्रों में 1 हजार भर्तियां होगी
5.15 स्थानों पर चिकित्सा कॉलेजों में 1175 नई भर्तियां होगी

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