नगरपरिषद की साधारण बैठक बहस, हंगामा व आरोप-प्रत्यारोप
बाड़मेर
नगरपरिषद की बैठक में रोडवेज बस स्टैंड का नामकरण के मुद्दे पर विपक्ष के सदस्यों ने विरोध जताते हुए हंगामा खड़ा कर दिया। आरोप-प्रत्यारोप के बीच पार्षदों में तूं तूं मैं मैं की नौबत आ गई। वहीं आरयूआईडीपी योजना के तहत शहर में पेयजल पाइप लाइनें बिछाने के दौरान खोदी गई सड़कों का पेचवर्क नहीं करवाए जाने पर सत्ता पक्ष व विपक्ष के सदस्यों ने अफसरों को खरी खरी सुनाते हुए गुस्सा झाड़ा। इससे एक बारगी तो माहौल गरमा गया। सभापति उषा जैन व आयुक्त बी.एल सोनी ने समझाइश करते हुए सदस्यों को शांत किया। शहर के आबादी क्षेत्र के बाहर बसी कॉलोनियों को विकसित करने के प्रस्ताव का जोरदार विरोध किया गया।
नगरपरिषद की साधारण बैठक गुरुवार को सभापति उषा जैन की अध्यक्षता में शुरू हुई। जनप्रतिनिधियों को तव्वजो नहीं मिलने से खफा हुए भाजपा पार्षद आधा घंटे तक निर्धारित स्थान पर नहीं आए। रोडवेज के नवनिर्मित बस स्टैंड का नामकरण पूर्व सांसद वृद्धिचंद जैन के नाम करने का प्रस्ताव रखते हुए प्रतिपक्ष नेता सुरेश मोदी ने विरोध जताते हुए कहा कि रोडवेज बस स्टैंड का नामकरण तिलक बस स्टैंड पहले से कर रखा है। अब तो सिर्फ बस स्टैंड को शिफ्ट किया जा रहा है। ऐसे में नामकरण करना गलत है। इस पर पार्षद अशोक दर्जी, अरविंद जांगिड़ ने एतराज जताते हुए कहा कि तिलक बस स्टैंड का नामकरण यथावत रखा गया। इससे हंगामा खड़ा हो गया। पार्षद दमाराम व सुल्तान सिंह के बीच नोंक झोंक हुई। आरयूआईडीपी के तहत पाइप लाइनें बिछाने के दौरान खोदी गई सड़कों की मरम्मत नहीं किए जाने पर सत्ता पक्ष के सदस्य अमृत जैन, बलवीर माली ने कहा कि प्रोजेक्ट पूरा हो गया, मगर अभी तक सड़कों का पेचवर्क कार्य शुरू नहीं किया गया है। जगह जगह क्षतिग्रस्त सड़कें परेशानी का सबब बन रही है। विपक्षी सदस्यों ने रोष जताते हुए कहा कि आरयूआईडीपी के अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
सभापति को सुनाई खरी खरी
पार्षद सुल्तान सिंह ने भूखंडों के पट्टे जारी करने के मुद्दे पर कहा कि सभापति के पास सात सात दिन तक पट्टों की पत्रावलियां अटक जाती हंै। फाइलों को आगे भेजने की बजाय रोकना गलत है। उन्होंने सभापति उषा जैन पर निशाना साधते हुए खरी खरी सुनाई। इस पर जैन ने कहा कि नियमानुसार कार्य हो रहा है। आरोप बेबुनियाद है।
इन प्रस्तावों पर हुआ विचार विमर्श
नए बस स्टैंड का नामकरण पूर्व सांसद स्व. वृद्धिचंद जैन के नाम करने। नए कार्यों की निविदाओं की पुष्टि एवं वित्तीय, प्रशासनिक स्वीकृतियां, नियमनशुदा कॉलोनियों के विकास कार्य, शहर की सफाई व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए उपकरणों की खरीद, स्वीकृत पद के विरुद्ध कार्यरत कार्मिकों को पातेय वेतन में पदोन्नति, बीआरजीएफ योजना के कार्य समेत कुल 14 मुद्दों पर विचार विमर्श किया गया।
दूषित पानी से जीना दुश्वार
पार्षद पपसिंह ने सीवरेज का मुद्दा उठाते हुए कहा कि नाले का पानी नाइयों की ढाणी व नाहरसिंह की ढाणी के पास जमा हो गया है। करीब आधा किलोमीटर की परिधि में बीते कई दिनों से दूषित पानी से लोग बीमार पड़ रहे हैं। नगरपरिषद प्रशासन को परवाह ही नहीं है। इस दौरान आयुक्त बी.एल. सोनी व पपसिंह के बीच हल्की नोंक झोंक हो गई।
ये थे मौजूद
बैठक में उप सभापति चैनसिंह भाटी, आयुक्त बी.एल. सोनी, पार्षद भवानीसिंह शेखावत, जड़ाकवंर, उर्मिला जैन, दमाराम माली, बलवीर माली समेत कई जनप्रतिनिधि व अधिकारी मौजूद थे।
कॉलोनियां से पहले शहर का विकास करवाएं
बैठक में शहर के आबादी क्षेत्र से बाहर बसी कॉलोनियों को विकसित करने का प्रस्ताव सदन में रखने पर प्रतिपक्ष नेता सुरेश मोदी ने कहा कि पहले शहर विकास को मोहताज है। कॉलोनाइजर की कॉलोनियों के विकास की बात मायने नहीं रखती है। पहले शहर का विकास करवाइए और बाद में कॉलोनियों को विकसित करें। इस मुद्दे पर काफी देर तक हंगामा हुआ। पार्षद सुल्तान सिंह, अशोक दर्जी, अरविंद जांगिड़ ने भी आपत्ति जताते हुए कहा कि शहर में सुविधाओं का विस्तार करने की जरूरत है।
कर्मचारियों को कचौरी मत खिलाओ
प्रतिपक्ष नेता सुरेश मोदी ने उप सभापति चैनसिंह भाटी पर निशाना साधते हुए कहा कि यह नगरपरिषद कार्यालय है न की कांग्रेस कार्यालय। कर्मचारियों को कचौरियां खिलाकर कार्य करवाया जा रहा है। इस पर उप सभापति भाटी गुस्से में आकर बोले यह आरोप निराधार है। कुछ देर तक दोनों के बीच तकरार चली।

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