मिल गई रिफाइनरी, 14 को होगा एमओयू
जयपुर/बाड़मेर .
मिल गई रिफाइनरी, 14 को जयपुर में होगा एमओयूलबे समय से  रिफायनरी को लेकर चल रहे कयासों को विराम लग गया और हमारी रिफाइनरी को मंजूरी मिल गई है। नई दिल्ली में मंगलवार को हुई हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक में बाड़मेर में रिफाइनरी लगाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। अब रिफाइनरी का प्रस्ताव पेट्रोलियम मंत्रालय के पास अनुमोदन के लिए जाएगा। वहां से मंजूरी के बाद 14 मार्च को जयपुर में राज्य सरकार और एचपीसीएल के बीच एमओयू होगा। इसके लिए केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री वीरप्पा मोइली 13 मार्च को जयपुर आ रहे हैं। 
रिफाइनरी की मंजूरी से प्रदेश के इतिहास में विकास का नया पन्ना जुड़ गया है। पश्चिमी राजस्थान में आर्थिक समृद्धि के द्वार खुलेंगे। राज्य के राजस्व में बढ़ोतरी होगी, वहीं हजारों लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे।
बाड़मेर में 9 मिलियन टन सालाना की क्षमता वाली रिफाइनरी लगाई जाएगी। इस पर 37,230 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। रिफाइनरी के लिए एचपीसीएल ने ईआईएल व अन्य एजेंसियों से विस्तृत रिपोर्ट तैयार कराई है। 
नवीनतम तकनीक वाले इस प्रोजेक्ट को रिफाइनरी कम पेट्रो केमिकल्स नाम दिया गया है। यह देश की 26वीं रिफाइनरी होगी। राजस्थान 15वां ऐसा प्रदेश होगा, जहां रिफाइनरी लगेगी। 

वीरप्पा मोइली ने दी बधाई
एचपीसीएल के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक की अध्यक्षता एचपीसीएल के सीएमडी एस.आर. चौधरी ने की। बैठक में रिफाइनरी के प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के तुरंत बाद केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री वीरप्पा मोइली ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को फोन पर बधाई दी। गहलोत ने उनका आभार जताया। 

11 बाय प्रोडक्ट निकलेंगे
रिफाइनरी में क्रूड ऑयल से गैसोलीन (पेट्रोल), डीजल फ्यूल, लिक्वीफाइड पेट्रोलियम गैस (एसपीजी), नैफ्था, केरोसीन और जेट एयरक्राफ्ट फ्यूल्स, फ्यूल ऑयल, लुब्रीकेटिंग ऑयल, पैरा फिक्स वैक्स, अस्फाल्ट एंड टार, पेट्रोलियम कोक और सल्फर आदि प्रोडक्ट्स निकलेंगे। इन पर आधारित उद्योगों की चेन शुरू होगी। इनके अलावा हाइड्रोजन लाइट हाइड्रोकार्बन्स रिफॉर्म्स और पैरालिसिस गैसोलीन भी निकलती है। इनका परिवहन नहीं किया जा सकता, इसलिए इनका रिफाइनरी कॉम्पलेक्स में ही उपयोग किया जाएगा। 

राज्य सरकार मंजूर कर चुकी है 56 हजार करोड़ रु.
रिफाइनरी के लिए राज्य सरकार 56040 करोड़ रु. का पैकेज पहले ही मंजूर कर चुकी है। इसमें से हर साल 3736 करोड़ रु. 15 साल तक एचपीसीएल को वायबिलिटी गेप फंड के रूप में दिए जाएंगे। इसके अलावा निशुल्क भूमि, पानी, आधारभूत विकास आदि सुविधाएं भी दी जाएंगी।

इनकी इकाइयां लगेंगी
क्रूड से निकलने वाले बाय प्रोडक्ट्स से जिन 129 तरह के उत्पादों की इकाइयां लग सकती हैं, उनमें क्लोथिंग इंक, हार्ट वाल्व, क्रेयोन्स, पैरा सूट्स, शैंपू, शेविंग क्रीम, फुटबॉल, पैंट ब्रश, बैलून्स, फैन बेल्ट, छाता, पैंट्स रोलर्स, लगेज, एंटी फ्रीज, मॉडल वैक्स, फ्लोर वैक्स, स्पोर्ट्स कार बॉडीज, टायर्स, डिश वाशिंग लिक्विड, अनब्रेकेबल डिशेज, टूथ ब्रश, टूथपेस्ट, कॉम्ब, टैंट्स, हेयर कलर्स, लिपिस्टिक, आइस क्यूब ट्रे, इलेक्ट्रिक ब्लैंकेट, टेनिस रैकेट्स, नाइलोन रोप, आइस बकेट्स, फर्टिलाइजर्स, हेयर कलरिंग, टॉयलेट सीट, डेंचर एडहेसिव, लाउड स्पीकर्स, मूवी फिल्म, फिशिंग बूट्स, कैंडल्स, वाटर पाइप्स, कार इनेमल, शॉवर कर्टन, क्रेडिट कार्डस, एस्प्रिन, गोल्फ बॉल्स, डिटर्जेंट, सनग्लासेज, ग्लू, फिशिंग रॉड्स, लिनोलियम, प्लास्टिक वुड्स, सॉफ्ट कॉन्ट्रेक्ट लेंसेज, ट्रेस बैग्स, हैंड लोशन, टेलीफोन, इनेमल, ट्रांसपेरेंट टेप, एंटीसेप्टिक, वेक्यूम बॉटल्स, डियोड्रेंट, पेंटहोज, रबिंग अल्कोहल, कारपेट, एपोक्सी पेंट, ऑयल फिल्टर्स, अपहोलस्ट्री, हियरिंग एड्स, कार साउंड इंसुलेशन, कैसेट्स, मोटरसाइकिल हेलमेट्स, पिलो, शॉवर डोर, शूÊा, रेफ्रीजरेटर लाइनिंग, इलेक्ट्रिकल टेप, सैफ्टी ग्लास, अवनिंग्स, सलाद बॉउल, रबर सीमेंट, ड्रिंकिंग कप्स, हाउस पैंट, रोलर स्केट व्हील्स, गुइटार स्ट्रिंग्स, अमोनिया, आई ग्लासेज, आइस चेस्ट, लाइफ जैकेट्स, टीवी केबीनेट, कार बैटरी केसेज, इंसेक्ट, रेपीलेंट, रेफ्रिजरेन्ट्स, टाइपराइटर रिबन्स, कोल्ड क्रीम, ग्लिसरीन, प्लाइवुड एडहेसिव, कैमेरा, एनेस्थेटिक्स, आर्टीफिशियल टर्फ, आर्टीफिशियल लिंबास, बैंडेज, डेंचर, मोप्स, बीच अंब्रेला, बाल-पॉइंट पेन्स, बूट्स, नेल पॉलिश, गोल्फ बैग्स, कौल किंग, टेप रिकॉर्ड, कर्टन, विटामिंस कैप्सूल, डेशबोर्ड, पुट्टी, परकोलेटर्स, स्की, इंसेक्टीसाइड्स, फिशिंग ल्यूर्स, परफ्यूम, शू पॉलिश, पेट्रोलियम जैली, फॉशेट वाशर्श, फूड प्रिजर्वेटिव्स, एंटीथिस्टेमाइन्स, कोर्टीसोन, डाइज, एलपी रिकॉर्ड, सॉल्वेंट, रुफिंग आदि शामिल हैं।

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