CCTV में मिले अहम 'सुराग', आतंकियों ने नहीं काटे थे तार
CCTV में मिले अहम 'सुराग', आतंकियों ने नहीं काटे थे तार
CCTV में मिले अहम 'सुराग', आतंकियों ने नहीं काटे थे तार

नई दिल्ली। हैदराबाद के पुलिस कमिश्नर अनुराग शर्मा ने शनिवार शाम को प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि दिलसुख नगर में सीसीटीवी कैमरे के तार काटने की बात गलत है। धमाके की शाम तक सीसीटीवी काम कर रहा था और इसमें महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। सभी फुटेजों की जांच की जा रही हैं लेकिन जांच पूरी होने से पहले कुछ कहना ठीक नहीं होगा। पीएम मनमोहन सिंह भी रविवार को हैदराबाद जाएंगे। 


राज्य की गृह मंत्री सबीत इंद्र रेड्डी ने बताया कि जांच के लिए 15 टीमें गठित की गई हैं और हर टीम में 10-15 लोग शामिल हैं। उन्होंने बताया कि अगले छह महीनों में हैदराबाद और सैबराबाद में 3500 सीसीटीवी कैमरा लगाए जाएंगे। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि धमाकों से पहले शहर में 303 में से 23 सीसीटीवी कैमरा खराब थे। उन्होंने बताया कि धमाकों की जांच एसआईटी को सौंपी गई है। फांरेंसिक टीम ने मौके से अहम सबूत जुटाए हैं। उन्होंने धमाके के दोषियों को जल्द पकड़ने का भरोसा दिलाया है और धमाकों का महत्वपूर्ण सुराग देने वालों को 10 लाख का इनाम देने की घोषणा भी की। 


धमाके के बाद सीएम किरन रेड्डी के साथ पुलिस अधिकारियों की अहम बैठक हुई। कमिश्नर का कहना था कि पुलिस ने घायलों की समय पर मदद की। जांच में कई एजेंसियां मदद कर रही हैं। लोगों के लिए जागरुकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं। उनका कहना था कि अलर्ट के बाद शहर में सुरक्षा बढ़ाई गई थी। 


हैदराबाद में हुए बम धमाकों के पहले वीडियो फुटेज में एक संदिग्ध आदमी दिखा था। इसमें वह विस्फोट से कुछ देर पहले एक पुरानी साइकिल में हरे रंग का थैला लेकर आया था लेकिन वापस जाते समय उसकी साइकिल में थैला नहीं था। वहीं एक टीवी चैनल के मुताबिक हैदराबाद पुलिस ने दिलसुखनगर बम धमाके में छह लोगों को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ कर रही है। केंद्रीय जांच एजेंसियों की कई टीमें संदिग्ध आतंकियों की धरपकड़ के लिए उत्तर प्रदेश, बिहार और महाराष्ट्र में छापे मार रही हैं। धमाकों पर बीजेपी के वरिष्‍ठ नेता लाल कृष्‍ण आडवाणी ने कहा है कि पाकिस्तान बार-बार इंडियन मुजाहिदीन की आड़ में भारत को निशाना बना रहा है। उसने भारत के खिलाफ अघोषित युद्ध छेड़ दिया है। 


वहीं राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिवशंकर मेनन ने हैदराबाद धमाकों के मामले में बेतुका बयान दिया है। मेनन से यह पूछने पर कि पाकिस्तान की शह पर हो रही आतंकी हरकतों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जा रही है, तो उनका जवाब था कि यह तो वैसा ही सवाल है कि कोई आपसे ये पूछ दे कि आपने अपनी पत्नी को पीटना कब छोड़ा। ऐसे सवाल का कोई सही जवाब नहीं मिल सकता। आतंकी हमले से बैकफुट पर आई सरकार के लिए मेनन का बयान मुश्किल खड़ी कर सकता है।
अफजल गुरु की फांसी के फौरन बाद 9 और 10 फरवरी को पीओके के मुजफ्फराबाद में हुई यूनाइटेड जेहाद काउंसिल की बैठक में दिलसुखनगर में धमाकों की साजिश रची गई थी। लश्कर सरगना हाफिज सईद और हिजबुल मुजाहिदीन के सरगना सैयद सलाउद्दीन के नेतृत्व में हुई इस बैठक को ‘एक्शन मीटिंग’ नाम दिया गया था। खुफिया ब्यूरो द्वारा जुटाई गई जानकारियों के मुताबिक बैठक में हूजी और जैश-ए-मुहम्मद के सरगना भी मौजूद थे। इसमें इंडियन मुजाहिदीन के भगोड़े आतंकियों रियाज भटकल और यासीन भटकल को रेकी कर नक्शे के साथ रिपोर्ट देने को कहा गया था।

हैदराबाद ऑपरेशन की फंडिंग दुबई स्थित बशीर कैंप के जरिए हुई। खुफिया सूत्रों के मुताबिक धमाकों के लिए पहले 16, 19 और 20 फरवरी की तारीखें चुनी गई थीं। लेकिन भारतीय खुफिया एजेंसियों को योजना का पता लग गया था और अलर्ट भी जारी हो गए थे। इसलिए योजना में तब्दीली करते हुए आतंकियों ने 21 फरवरी को घटना को अंजाम दिया।

आईएम के 7-8 आतंकियों ने दिया अंजाम 

खुफिया सूत्रों के मुताबिक रियाज और यासीन भटकल कुछ दिन पहले दुबई में बशीर कैंप के लोगों से मिले थे। धमाके को अंजाम देने की जिम्मेदारी लश्कर ने इंडियन मुजाहिदीन को दी थी। इसमें इंडियन मुजाहिदीन को हैदराबाद और सिकंदराबाद में हूजी के स्लीपर सेल ने मदद की। सूत्रों के मुताबिक हैदराबाद के बेगम बाजार और दिलसुखनगर की रेकी की गई थी। इसके अलावा मुंबई, चेन्नई और बेंगलुरु में भी रेकी की गई थी। आईएम और हूजी ने बोधगया की भी रेकी की थी। हैदराबाद में हूजी के स्लीपर सेल और महाराष्ट्र के नांदेड मॉड्यूल ने इंडियन मुजाहिदीन को पुरानी साइकिलें और अमोनियम नाइट्रेट मुहैया करवाया और अन्य मदद भी की। इंडियन मुजाहिदीन ने 7-8 आतंकियों को इसकी जिम्मेदारी सौंपी थी। 

जेल में बंद आतंकियों से पूछताछ से खुलासे 

इंडियन मुजाहिदीन के जेलों में बंद आतंकियों से व्यापक पूछताछ की जा रही है। पूछताछ में कई नए खुलासे सामने आ रहे हैं। केंद्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने भास्कर से कहा, ‘जांच कई स्तर पर चल रही है। ठोस परिणाम के आने की जल्द उम्मीद है।’ गृह मंत्रालय के सूत्रों ने भास्कर को बताया है कि एनआईए की छह टीमें देश के विभिन्न हिस्सों में इस धमाके की जांच में जुटी हैं। धमाके के सूत्र बिहार के दरभंगा के अलावा उत्तर प्रदेश, झारखंड, कोयंबटूर और नांदेड (महाराष्ट्र) के साथ कर्नाटक तक फैले होने की आशंका है। यह भी पता चला है कि कई शहरों में आतंकी स्लीपर सेल लोकल टेरर ग्रुप्स को मदद दे रहा है। ये अपने ठिकाने जल्दी-जल्दी बदल देते हैं। इसी वजह से हैदराबाद में भी वारदात को अंजाम देने में आतंकी सफल रहे। 


हैदराबाद में आतंकी धमाकों के बाद आतंकी संगठन दिल्ली को अपना अगला निशाना बना सकते हैं। खुफिया एजेंसियों ने इस बाबत अलर्ट जारी कर इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर तैनात सुरक्षा एजेंसियों सहित दिल्ली पुलिस को आगाह किया है। खुफिया एजेंसियों द्वारा भेजे गए अलर्ट में प्रतिबंधित छात्र संगठन सिमी (स्टूडेंट इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया) के आतंकियों पर आतंकी वारदात को अंजाम देने की आशंका जाहिर की गई है। खुफिया एजेंसियों ने आईजीआई एयरपोर्ट पर तैनात सुरक्षा एजेंसियों को इस बात के लिए भी ताकीद की है कि आतंकी बांग्लादेश और नेपाल से हवाई मार्ग के जरिए दिल्ली में दाखिल हो सकते हैं। लिहाजा बांग्लादेश और नेपाल से आने व जाने वाली फ्लाइटों और उसमें सफर करने वाले मुसाफिरों पर खास नजर रखी जाए।

एयरपोर्ट सुरक्षा से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी खुफिया एजेंसियों की चेतावनी के बाद नेपाल और बांग्लादेश से आने वाली सभी फ्लाइटों के सभी रजिस्टर्ड बैगेज का एक्स-रे कराया जा रहा है। विस्फोटक इम ह्रश्वलांट कर टर्मिनल में दाखिल होने वाले मुसाफिरों की पहचान के लिए प्रोफाइलिंग टीम और इंटेलीजेंस की टीम को सतर्क कर दिया गया है। वहीं नेपाल और बांग्लादेश जानी वाले सभी फ्लाइटों में बोर्डिंग से पहले पूरे विमान की जांच शुरू कर दी गई है। विमान में प्रवेश करने वाले मुसाफिरों के लिए सेकेंडरी लैडर ह्रश्ववाइंट चेकिंग करने के आदेश दे दिए गए हैं। रजिस्टर्ड बैगेज का इन लाइन बैगेज सिस्टम की मदद से पांच स्तरीय जांच शुरू कर दी गई है। इसके अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरों की मदद से एयरपोर्ट में मौजूद सभी मुसाफिरों पर कड़ी नजर रखी जा रही है।


मरने वालों की संख्या 16, घायल 117 
इस बीच हैदराबाद के दिलसुख नगर में गुरुवार को हुए दोहरे बम धमाके में चार और लोगों की मौत हो गई। मरने वालों की संख्या अब 16 हो गई है। शहर के विभिन्न अस्पतालों में 117 लोगों का इलाज चल रहा है। इनमें से चार लोगों की हालत गंभीर है। 

एनसीटीसी पर सरकार करेगी नए सिरे से कवायद 
केंद्र सरकार राष्ट्रीय आतंकवाद रोधी केंद्र (एनसीटीसी) के गठन पर नए सिरे से कवायद शुरू करेगी। हैदराबाद की आतंकी घटना के बाद कांग्रेस और केंद्र सरकार के शीर्ष नेतृत्व ने आतंकवाद से लडऩे के लिए इस एजेंसी की जरूरत पर गौर किया है। राजनीतिक मजबूरियों के चलते पीछे हुई सरकार ताजा आतंकी घटना के बाद इस मामले में फिर से मुस्तैद नजर आ रही है। सरकार ने तय किया है कि राज्यों को इस मसले पर राजी करने के लिए पत्र लिखा जाएगा। राजनीतिक दलों के साथ भी सरकार इस मामले में नए सिरे से बात करेगी। गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने कहा कि सरकार तो चाहती थी कि एनसीटीसी का गठन हो लेकिन कुछ राज्यों को इस पर विरोध था। उधर विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने एनसीटीसी के गठन पर राज्यों से सहयोग की मांग की। उन्होंने कहा कि यह थोपने वाली बात नहीं है बल्कि सभी राजनीतिक दलों, राज्य सरकारों और केंद्र सरकार के स्तर पर शामिल लोगों सहित हम सबके लिए चिंता की बात है। खुर्शीद ने कहा कि हमें संकुचित राजनीतिक फायदों की बजाए देशहित में बड़ी तस्वीर की ओर देखना चाहिए। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने हैदराबाद आतंकी हमले पर गृह मंत्री से पूरी रिपोर्ट हासिल की है। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री किरण कुमार रेड्डी से भी इन नेताओं की टेलीफोन पर बात हुई है। 


शिंदे के सेल्फ गोल ने सांसत में डाला 

केंद्र सरकार को लग रहा है कि आतंकी हमले की वजह से सरकार के पक्ष में सकारात्मक माहौल बनाने की कोशिशों को धक्का लगा है। इस हमले के बाद सरकार एक बार फिर बैकफुट पर है। जिस तरह से गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने इंटेलीजेंस इनपुट होने की बात कही, उससे सरकार की ही किरकिरी हुई है। कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने माना कि जब केंद्र और राज्य दोनों ही जगहों पर कांग्रेस की सरकार है तो यह सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर खुफिया सूचनाओं पर सरकार कार्रवाई क्यों नहीं कर पाई। ऐसे में एनसीटीसी के गठन का मसला छेड़कर आतंकी घटनाओं को रोकने के लिए केंद्र सरकार अपनी तत्परता का एहसास दिलाने का प्रयास कर सकती है। 

एक के बाद एक कई अहम मौकों पर बयान देने में चूक कर रहे गृहमंत्री को लेकर कांग्रेस में एक धड़ा असहज महसूस कर रहा है। पार्टी के एक नेता ने कहा कि गृह मंत्री काफी संजीदा हैं। वे पूरी ईमानदारी से काम भी कर रहे हैं लेकिन उन्हें बयान देते वक्त सजग रहने की जरूरत है। शिंदे तेलंगाना के गठन को लेकर समयसीमा तय करके फंस चुके हैं। हिंदू आतंकवाद पर उन्होंने विवादित बयान दिया। बाद में उन्हें यू टर्न लेकर कहना पड़ा कि उनके बयान का आधार नहीं था। 
श्रीनगर में कर्फ्यू के दौरान प्रदर्शन, पथराव 

जम्मू और कश्मीर में शुक्रवार को अनेक स्थानों पर प्रदर्शन हुआ। कुछ जगह पुलिस पर पथराव भी किया गया। शुक्रवार को हुर्रियत कॉन्फ्रेंस ने बंद का ऐलान किया था। सोपोर, बडग़ाम और कुलगाम और श्रीनगर के 11 थाना क्षेत्रों में गुरुवार शाम को ही धारा-144 लगा दी गई थी। श्रीनगर के जिला मजिस्ट्रेट बशीर अहमद खान ने बताया कि इन इलाकों में शुक्रवार सुबह कफ्र्यू लगा दिया गया था। कफ्र्यू के बावजूद जो नेता घरों से बाहर निकले। उन्हें रैलियों में पहुंचने से पहले ही हिरासत में ले लिया गया। कुछ नेताओं को उनके घरों में ही नजरबंद कर दिया गया। हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के गिलानी गुट ने 20-21 फरवरी और जम्मू कश्मीर लिब्रेशन फ्रंट ने 22 फरवरी को कश्मीर बंद का ऐलान किया था। राज्य में पिछले नौ दिन से हिंसा, बंद और प्रदर्शनों का दौर जारी है। इससे करीब 1200 करोड़ रुपए के नुकसान की आशंका जताई जा रही है।

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