लाजवाब युद्ध कौशल, थर्रा उठा रेगिस्तान 

चांधन फील्ड फायरिंग रेंज (जैसलमेर)। 
कई दिशाओं से एक साथ आते विमान तो कभी धमाकों की गूंज से थर्रा उठती धरती। टार्गेट पर काल्पनिक दुश्मन बन जाता निशाना। आसमान में कलाबाजियां दिखाते मिग, तेजस,सुखोई। यह नजारा था विश्व की सबसे शक्तिशाली वायुसेनाओ में शुमार भारतीय वायुसेना द्वारा शुक्रवार को जैसलमेर जिले के चांधन फील्ड फायरिंग रेंज मे अब तक के सबसे बड़े व दिन-रात के युद्धाभ्यास आयरन फीस्ट (फौलादी मुक्का) का।
वायुसेना ने देश के राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह समेत कई हस्तियों के सामने अब तक के सबसे बड़े व दिन-रात के युद्धाभ्यास आयरन फीस्ट (फौलादी मुक्का) का प्रदर्शन करा। जैसे ही आकाश से वार कर दुश्मनों का आकाशवीरों ने सफाया किया तो थार की धरती भी थर्रा उठी।
रेगिस्तान में बम वर्षा और लड़ाकू विमानों के अचूक निशानों से ध्वस्त होते टारगेट को देखकर हर कोई दंग रह गया। ठीक 4 बजकर 26 मिनट पर आकाश में धूम -धड़ाका शुरू हुआ जो 7 बजकर 39 मिनट पर अंजाम तक पहुंचा। सबसे पहले टारगेट संख्या 6 को मिराज 2000 ने ध्वस्त किया। 
शाम के धुंधलके व रात के अंधेरे में हुई बम वर्षा से जहां जमीं पर रेत के गुबार उठे तो आसमां में विमानों की कलाबाजियों ने हैरत में डाल दिया। दोपहर, शाम व रात की अलग-अलग परिस्थतियों में वायु योद्धाओं ने दुनिया को अपनी हवाई ताकत का अहसास करवाया। इसमें वायुसेना के सबसे पुराने टाइगर माथ से लेकर अत्याधुनिक सुखाई-30 व तेजस आकाश में अठखेलियां कर अपना शक्ति प्रदर्शन करते नजर आए।

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