विद्यार्थियों के प्रति सरकार संवेदनहीन डॉ. चौधरी
बाड़मेर, 23 फरवरी 2013
प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य डॉ. मृदुरेखा चौधरी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि ग्राम पंचायत सरणू और उसके राजस्व गांवों के दौरे के दौरान कई चौकाने वाली समस्याएं सामने आई। जिसमें ग्राम पंचायत सरणू में एक मात्र सीनियर हायर सैकण्डरी विद्यालय हैं। जो आस पास के 1015 किलोमीटर के दायरे में अध्ययनरत विद्यार्थियों को सीनियर हायर सैकण्डरी की शिक्षा उपलब्ध करवाता है। चूंकि बड़ी बड़ी घोाणाऐं और बड़ी बड़ी लुभावनी बातों में माहिर सरकार के जनप्रतिनिधियों द्वारा इस विद्यालय को क्रमोन्नत तो करवा दिया लेकिन सीनियर स्तर का स्टाफ विद्यालय को उपलब्ध नहीं करवा सके।
डॉ.चौधरी ने बताया कि बोर्ड की परीक्षाऐं नजदीक है और विद्यार्थियों को जब स्टाफ ही नहीं मिला तो फिर क्रमोन्नत विद्यालय का क्या औचित्य रहा.....?, ये एक विचारणीय प्रश्न है।
डॉ.चौधरी ने बताया कि इस राज्य सरकार के शासन काल में जहां नजर घुमाओं, समस्याओं का अम्बार लगा नज़र आता है। वहीं सरणू के राईकों की ाणी, सरणू चिमनजी, सरणू भीमजी, सरणू पनजी, सऊओं की ाणी, आकल, मूंणों की ाणी इत्यादी में चार साल से पानी की आपूर्ति पूर्णतः बन्द है। वहीं बिजली, सड़क, चिकित्सा, शिक्षा, बी.पी.एल बिजली योजना इत्यादी के नाम पर आम लोगों को केवल मात्र ठगा ही है। वहीं रोजगार की बातें करने वाली राज्य सरकार की घोषणाऐं थोथी व काल्पनिक सिद्ध हुई है।
डॉ. चौधरी ने बताया कि अब तो ये आलम है कि सरकार की गलत नीतियों की वजह से विद्यार्थी बेबस, जनता बदहाल, पशुधन बदहवास और युवा बेरोजगारी की मार से त्रस्त हो चुके है और सरकार के नुमाइन्दे और जनप्रतिनिधि बड़े बड़े दावों के साथ अपने कार्यकाल को स्वर्णिम कार्यकाल घोषित करने में लगे हुए है। लगता है कि लोकतंत्र की परिभाषा ही राज्य सरकार के नुमाइन्दों ने बदल दी लगती है। अब तो राज्य सरकार को मानो ॔॔अंधेर नगरी चौपट राजा और सरकार के प्रतिनिधि बजाएं बाजा’’ जैसी स्थिति को साकार कर रही है।
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