'सरकार से ज्यादा राज्यपाल को प्रदेश की चिंता' 
जयपुर। 
नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया ने गुरूवार को विधानसभा में आरोप लगाया कि प्रदेश की हालत और जनता से सरकार को कोई मतलब नहीं। सरकार से ज्यादा तो राज्यपाल प्रदेश की चिंता कर रही हैं। कानून व्यवस्था, महिलाओं की सुरक्षा जैसे कई मामले में राज्यपाल को निर्देश देने पड़े। राज्यपाल के अभिभाषण पर बहस के दौरान कटारिया ने कहा कि सरकार 15 फ्लैगशिप योजनाओं की घोषणाएं करके वाहवाही लूट रही है जबकि हकीकत में एक भी योजना सही नहीं चल रही। प्रदेश के 33 हजार करोड़ रू. के बजट में से सरकार दिसम्बर तक 50 प्रतिशत राशि भी खर्च नहीं कर पाई। विकास दर 6.5 से गिर 4.5 पर आ गई है।
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सरकारी स्कूल बने बूचड़खाने
कटारिया ने आरोप लगाया कि सरकारी स्कूल बूचड़खाने बन गए हैं। इनमें बच्चे जाना ही पसन्द नहीं करते। सदन में बैठे सभी सदस्यों के बच्चे निजी स्कूलों में पढ़ रहे हैं। निजी स्कूल और निजी विश्वविद्यालय पैसे लेकर डिग्री बांट रहे हैं।

एक सवाल के दो जवाब देकर उलझी सरकार
भाजपा विधायक जसवंत सिंह की ओर से आबकारी ठेकेदारों पर बकाया को लेकर गत वर्ष और इस वर्ष पूछे गए सवाल के जवाब में अंतर नहीं होने के मामले में सरकार और प्रतिपक्ष ऎसे उलझे की हंगामे के बीच प्रश्नकाल की कार्यवाही आधा घंटे के लिए स्थगित करनी पड़ी। पिछले सत्र में पूछे सवाल में 2008-09, 2009-10 और 2010-11 में शराब ठेकेदारों पर बकाया में लाखों बताए गए थे।

जबकि चालू सत्र में 2008-09 से 2010-11 तक ठेकेदारों पर बकाया राशि करोड़ों रूपए में बताई गई है। नेता प्रतिपक्ष ने विरोध किया और दोनों उत्तर पटल पर रख दिए। आसन ने मंत्री को उत्तर देखकर बोलने को कहा तो वो बोले, उन्हें उत्तर देखने की जरूरत नहीं। इस पर हंगामा होने लगा और कार्यवाही स्थिगित हो गई। फिर धारीवाल ने मामले पर 7 मार्च को चर्चा के लिए कहा जिसे मान लिया गया।

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