शुक्रवार से प्रारम्भ होगा इलैक्टि्रक, वायरमैन प्रशिक्षण
जैसलमेर, 28 फरवरी/ जिले में अल्पसंख्यक वर्ग के बेरोजगार युवाओं को व्यावसायिक व तकनीकी शिक्षा प्रदान कर रोजगार के काबिल बनाने के लिए 30 आशार्थियों को भारत निर्माण विकास परिषद् के द्वारा प्रशिक्षण देने के लिए अल्पसंख्यक मामलात विभाग राज.जयपुर की स्वीकृति जारी की गई है।
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी राणाराम गेंवा ने बताया कि चयनित आशार्थियों का इलैक्टि्रक/वायरमैन प्रशिक्षण शुक्रवार, 1 मार्च से प्रारम्भ होगा। यह प्रशिक्षण तीन माह तक चलेगा। इस प्रशिक्षण का उद्घाटन जनप्रतिनिधियों व गणमान्य अतिथियों के सान्निध्य में अल्पसंख्यक कार्यालय के पास सरस्वती उच्च प्राथमिक विद्यालय, नवखुणिया, जैसलमेर मे शुक्रवार, 1 मार्च को प्रातः 11.00 बजे रखा गया है। 

स्वाईन फ्लू की रोकथाम के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण सम्पन्न
जैसलमेर , 28 फरवरी/ जैसलमेर जिले में स्वाईन फ्लू रोग की प्रभावी रोकथाम एवं जनजागृति के लिए जैसलमेर व सम ब्लॉक में कार्यरत एएनएम, ऑगनवाडी कार्यकत्र्ताओं व आशा सहयोगिनियों का एक दिवसीय प्रशिक्षण जिला मुख्यालय स्थित स्वास्थ्य भवन परिसर में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आनंद गोपाल पुरोहित की अध्यक्षता में आयोजित किया गया ।
इस एक दिवसीय प्रशिक्षण में जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बी.एल. बुनकर ने बताया कि जिले में स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्वाईन फ्लू रोग की प्रभावी रोकथाम के लिए व्यापक स्तर पर प्रभावी प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होने प्रशिक्षण में उपस्थित कार्मिकाें को स्वाईन फ्लू इन्फ्लूएन्जा ए (एचआईएनआई) रोग के लक्षणों, सावधानियों व उपचार के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की एवं बताया कि स्वाईन फ्लू रोग एक संक्रामक रोग है जो एक संक्रमित व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में निकट सम्पर्क या संक्रमित वस्तु के माध्यम से फैलता है। हम अपने क्षेत्र मे स्वाईन फ्लू रोग की रोकथाम के लिए लोगों को जागरूक करना है एवं इस रोग के बचाव के लिए बरती जाने वाली सावधानियों से भी अवगत कराना है।
डॉ. बुनकर ने बताया कि खाँसते या छींकते समय अपने मुंह को रूमाल अथवा टिश्यू पेपर से ढंकें, नाक साफ करने के बाद अपने हाथों को साबुन से अच्छी तरह धोएं, स्वाइन फ्लू के रोगी के अधिक निकट न जायें और कुछ दूरी बनाये रखें, स्वाइन फ्लू से संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाये रखें,भीड़ वाले स्थानों पर नहीं जाएंं, तरल पदार्थ व पौष्टिक भोजन का सेवन करें, पर्याप्त नींद लें और तनाव से बचें तथा घबरायें नहीं, स्वाइन फ्लू के लक्षण पाये जाने पर 48 घंटे के भीतर चिकित्सक से सम्पर्क कर उपचार लेंं।
उन्होंने प्रशिक्षण में उपस्थित एएनएम,आशा एवं आँगनवाड़ी कार्यकत्र्ताओं को स्वाईन फ्लू रोग की प्रभावी रोकथाम के लिए किये जाने वाले सर्वे में उनकी भूमिका के बारे में अवगत कराया ।
प्रशिक्षण में डॉ. बबीता सिंह ने स्वाईन फ्लू रोग की प्रभावी रोकथाम के लिए किये जाने वाले सर्वे के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि सर्वे दल में आंगनवाड़ी कार्यकत्र्ता व आशा सहयोगिनी द्वारा अपने क्षेत्र में प्रतिदिन कम से कम 100 घरों का भ्रमण कर सर्वे किया जायेगा तथा सर्वे में पाये गये स्वाईन फ्लू रोग के सम्भावित लक्षणाें वाले व्यक्तियाें की सूचना क्षेत्र की एएनएम व एलएस को प्रतिदिन देें। एएनएम उन संभावित रोगियाें से सम्पर्क कर जाँच व उपचार की व्यवस्था संबंधित क्षैत्रके चिकित्सा अधिकारी के माध्यम से करेगी ।
खण्ड मुख्य चिकित्सा अधिकारी, सम डॉ. एन.आर.नायक ने भी स्वाईन फ्लू रोग की प्रभावी रोकथाम के लिए सर्वे सही ढंग से करने के निर्देश दिए। उप निदेशक महिला एवं बाल विकास विभाग उम्मेदसिंह ने उपस्थित आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं व आशा सहयोगिनियों को स्वाईन फ्लू रोग की प्रभावी रोकथाम के लिए समर्पित भाव से कार्य करने के निर्देश दिये ।
जिला कार्यक्रम प्रबंधक एनआरएचएम आशीष खंडेलवाल द्वारा ग्राम स्तर पर गठित ग्राम स्वास्थ्य एवं स्वच्छता समितियों की बैठक आयोजित कर स्वाईन फ्लू रोग की प्रभावी रोकथाम के लिए चर्चा करने व स्वाईन फ्लू रोग के लक्षणाें, सावधानियों व उपचार के बारे में जानकारी प्रदान करने की बात कही ।
जिला आईईसी समन्वयक उमेश आचार्य ने प्रशिक्षण में उपस्थित सदस्यों को अपने क्षेत्र में जन-जन तक स्वाईन फ्लू रोग के लक्षणाें, सावधानियों व उपचार के बारे में जानकारी प्रदान कर जागरूकता कार्यक्रम को गति प्रदान करने की बात कही। आयोजित प्रशिक्षण का प्रभावी मंच संचालन नर्सिग ट्यूटर शांतिलाल शर्मा द्वारा किया ।

ई-ग्रास प्रणाली में राजकोष के चालान जमा कराने की जानकारी के लिए कार्यशाला 4 मार्च को

जैसलमेर, 28 फरवरी/ राज्य सरकार के निर्देशानुसार जिन विभागों में राजस्व (प्राप्तियां) आय होती है वे ई-ग्रास प्रणाली के तहत राजकोष में जमा होने वाले चालान संबंधी जानकारी प्रदान करने के संबंध में 1 दिवसीय कार्यशाला का आयोजन 4 मार्च को अपराहन 3 बजे डीआरडी हॉल कलेक्टर परिसर जैसलमेर में रखा गया है। कोषाधिकारी रश्मि बिस्सा ने सभी आहरण-वितरण अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि संबंधित अधिकारी एवं लिपिक इस कार्यशाला में आवश्यक रूप से उपस्थित होकर ई-ग्रास प्रणाली में राजकोष में चालन जमा करने की विधि के बारे में जानकारी प्राप्त करें।

जैसलमेर में अन्नपूर्णा योजना के तहत गेहूं का आवंटन प्राप्त
जैसलमेर , 28 फरवरी/ खाद्य विभाग द्वारा जिले को वर्ष 2012-13 के लिए माह अक्टूबर2012 से माह मार्च 2013 तक के लिए प्रतिमाह 226.47 क्विलंटल के हिसाब से कुल 6 माह का1358.82 क्विंटल गेहूं का आवंटन अन्नपूर्णा योजना के लिए प्राप्त हुआ है। जिला रसद अधिकारी महावीर प्रसाद व्यास ने एक आदेश जारी कर इस अन्नपूर्णा गेहू का तहसील व ब्लॉक वार थोक विक्रेताओं को उप आवंटन कर दिया है।
आदेश के तहत जैसलमेर सहकारी उपभोक्ता होलसेल भण्डार लिमिटेड जैसलमेर को 766क्विंटल अन्नपूर्णा का गेहूं पंचायत समिति जैसलमेर व सम (जैसलमेर की 14 पंचायतों के अलावा) व नगरपालिका जैसलमेर के लिए आबंटित कर दिया है। इसी प्रकार पोकरण क्रय विक्रय सहकारी समिति को 592.82 क्विंटल अन्नपूर्णा का गेहू पंचायत समिति सांकड़ा (जैसलमेर की 14 पंचायतें शामिल) व नगरपालिका पोकरण के लिए आवंटित किया है। अन्नपूर्णा योजना के पात्र व्यक्तियों को 10 किलोग्राम गेहूं प्रतिमाह निःशुल्क दिया जायेगा।

नहरी क्षेत्र में 9 मार्च से 17 मार्च तक चक्रीय कार्यक्रम में
4 समूह में सिंचाई के लिए पानी दिया जायेगा
जैसलमेर , 28 फरवरी/ इन्दिरा गांधी नहर परियोजना के जैसलमेर संभाग में रबी फसल2013-13 के लिए 9 मार्च से 27 मार्च तक 4 समूहों में चक्रीय कार्यक्रम के अनुसार सिंचाई के लिए नहरों में पानी दिया जायेगा। अधीक्षण अभियन्ता द्वितीय चरण वृत तृतीय इगानपा जैसलमेर ने बताया कि 9 मार्च प्रातः 6 बजे से 17 मार्च सायः 6 बजे तक निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्रथम समूह द में, द्वितीय समूह ब में, तृतीय समूह अ में तथा चतुर्थ समूह स की नहरों मे पानी दिया जायेगा। उन्होंने सम्भाग के सिंचित क्षेत्र के समस्त किसानों से अनुरोध किया है कि वे निर्धारित चक्रीय प्रणाली के अनुसार उपलब्ध सिंचाई जल का उपयोग करें।

जैसलमेर में शुक्रवार से प्रारम्भ होगा इलैक्टि्रक, वायरमैन प्रशिक्षण
जैसलमेर, 28 फरवरी/ जिले में अल्पसंख्यक वर्ग के बेरोजगार युवाओं को व्यावसायिक व तकनीकी शिक्षा प्रदान कर रोजगार के काबिल बनाने के लिए 30 आशार्थियों को भारत निर्माण विकास परिषद् के द्वारा प्रशिक्षण देने के लिए अल्पसंख्यक मामलात विभाग राज.जयपुर की स्वीकृति जारी की गई है।
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी राणाराम गेंवा ने बताया कि चयनित आशार्थियों का इलैक्टि्रक/वायरमैन प्रशिक्षण शुक्रवार, 1 मार्च से प्रारम्भ होगा। यह प्रशिक्षण तीन माह तक चलेगा। इस प्रशिक्षण का उद्घाटन जनप्रतिनिधियों व गणमान्य अतिथियों के सान्निध्य में अल्पसंख्यक कार्यालय के पास सरस्वती उच्च प्राथमिक विद्यालय, नवखुणिया, जैसलमेर मे शुक्रवार, 1 मार्च को प्रातः 11.00 बजे रखा गया है। 

स्वाईन फ्लू की रोकथाम के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण सम्पन्न
जैसलमेर , 28 फरवरी/ जैसलमेर जिले में स्वाईन फ्लू रोग की प्रभावी रोकथाम एवं जनजागृति के लिए जैसलमेर व सम ब्लॉक में कार्यरत एएनएम, ऑगनवाडी कार्यकत्र्ताओं व आशा सहयोगिनियों का एक दिवसीय प्रशिक्षण जिला मुख्यालय स्थित स्वास्थ्य भवन परिसर में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आनंद गोपाल पुरोहित की अध्यक्षता में आयोजित किया गया ।
इस एक दिवसीय प्रशिक्षण में जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बी.एल. बुनकर ने बताया कि जिले में स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्वाईन फ्लू रोग की प्रभावी रोकथाम के लिए व्यापक स्तर पर प्रभावी प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होने प्रशिक्षण में उपस्थित कार्मिकाें को स्वाईन फ्लू इन्फ्लूएन्जा ए (एचआईएनआई) रोग के लक्षणों, सावधानियों व उपचार के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की एवं बताया कि स्वाईन फ्लू रोग एक संक्रामक रोग है जो एक संक्रमित व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में निकट सम्पर्क या संक्रमित वस्तु के माध्यम से फैलता है। हम अपने क्षेत्र मे स्वाईन फ्लू रोग की रोकथाम के लिए लोगों को जागरूक करना है एवं इस रोग के बचाव के लिए बरती जाने वाली सावधानियों से भी अवगत कराना है।
डॉ. बुनकर ने बताया कि खाँसते या छींकते समय अपने मुंह को रूमाल अथवा टिश्यू पेपर से ढंकें, नाक साफ करने के बाद अपने हाथों को साबुन से अच्छी तरह धोएं, स्वाइन फ्लू के रोगी के अधिक निकट न जायें और कुछ दूरी बनाये रखें, स्वाइन फ्लू से संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाये रखें,भीड़ वाले स्थानों पर नहीं जाएंं, तरल पदार्थ व पौष्टिक भोजन का सेवन करें, पर्याप्त नींद लें और तनाव से बचें तथा घबरायें नहीं, स्वाइन फ्लू के लक्षण पाये जाने पर 48 घंटे के भीतर चिकित्सक से सम्पर्क कर उपचार लेंं।
उन्होंने प्रशिक्षण में उपस्थित एएनएम,आशा एवं आँगनवाड़ी कार्यकत्र्ताओं को स्वाईन फ्लू रोग की प्रभावी रोकथाम के लिए किये जाने वाले सर्वे में उनकी भूमिका के बारे में अवगत कराया ।
प्रशिक्षण में डॉ. बबीता सिंह ने स्वाईन फ्लू रोग की प्रभावी रोकथाम के लिए किये जाने वाले सर्वे के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि सर्वे दल में आंगनवाड़ी कार्यकत्र्ता व आशा सहयोगिनी द्वारा अपने क्षेत्र में प्रतिदिन कम से कम 100 घरों का भ्रमण कर सर्वे किया जायेगा तथा सर्वे में पाये गये स्वाईन फ्लू रोग के सम्भावित लक्षणाें वाले व्यक्तियाें की सूचना क्षेत्र की एएनएम व एलएस को प्रतिदिन देें। एएनएम उन संभावित रोगियाें से सम्पर्क कर जाँच व उपचार की व्यवस्था संबंधित क्षैत्रके चिकित्सा अधिकारी के माध्यम से करेगी ।
खण्ड मुख्य चिकित्सा अधिकारी, सम डॉ. एन.आर.नायक ने भी स्वाईन फ्लू रोग की प्रभावी रोकथाम के लिए सर्वे सही ढंग से करने के निर्देश दिए। उप निदेशक महिला एवं बाल विकास विभाग उम्मेदसिंह ने उपस्थित आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं व आशा सहयोगिनियों को स्वाईन फ्लू रोग की प्रभावी रोकथाम के लिए समर्पित भाव से कार्य करने के निर्देश दिये ।
जिला कार्यक्रम प्रबंधक एनआरएचएम आशीष खंडेलवाल द्वारा ग्राम स्तर पर गठित ग्राम स्वास्थ्य एवं स्वच्छता समितियों की बैठक आयोजित कर स्वाईन फ्लू रोग की प्रभावी रोकथाम के लिए चर्चा करने व स्वाईन फ्लू रोग के लक्षणाें, सावधानियों व उपचार के बारे में जानकारी प्रदान करने की बात कही ।
जिला आईईसी समन्वयक उमेश आचार्य ने प्रशिक्षण में उपस्थित सदस्यों को अपने क्षेत्र में जन-जन तक स्वाईन फ्लू रोग के लक्षणाें, सावधानियों व उपचार के बारे में जानकारी प्रदान कर जागरूकता कार्यक्रम को गति प्रदान करने की बात कही। आयोजित प्रशिक्षण का प्रभावी मंच संचालन नर्सिग ट्यूटर शांतिलाल शर्मा द्वारा किया ।

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