जोधपुर एयरपोर्ट पर बाल बाल बचे 150 यात्री
मुंबई। 
मुंबई-जोधपुर फ्लाइट में सवार 150 यात्री उस वक्त बाल बाल बच गए जब लैण्डिग के वक्त प्लेन एक तरफ से झुक गया। प्लेन रनवे से टकराने वाला ही था तभी जोधपुर पायलट ने प्लेन को फिर से ऊपर ले लिया। इसके बाद प्लेन ने सुरक्षित लैण्डिग की। घटना रविवार दोपहर 11.44 बजे की है।
जेट एयरवेज की फ्लाइट को एयर ट्रैफिक कंट्रोल रूम ने सुरक्षित लैण्डिग से पहले उतरने के लिए कहा था। एयरपोर्ट अधिकारियों का कहना है कि यह घटना इसलिए हुई क्योंकि प्लेन रनवे से भी आगे चला गया। प्लेन में सवार यात्रियों ने बताया कि उनकी धड़कनें उस वक्त बढ़ गई जब पायलट ने पावर को बढ़ा दिया और ग्राउंड को टच करने से कुछ फीट पहले प्लेन को टेक ऑफ किया। प्लेन में सवार मुंबई के बिजनेसमैन जसवंत मकवाना ने बताया कि एयर क्राफ्ट रनवे के काफी करीब था।
प्लेन में सवार यात्री डर गए। मैंने अपनी जिंदगी में ऎसा स्थिति का कभी सामना नहीं किया। उन्होंने बताया कि बोइंग 737-800 ग्राउंड से सिर्फ 7 फीट ऊपर था। जोधपुर एयरपोर्ट के सूत्रों के मुताबिक दुर्घटना होने ही वाली थी। सूत्रों के मुताबिक विस्तृत रिपोर्ट डीजीसीए को सौंपी जाएगी। जेट के इस प्लेन ने सुबह 1.15 बजे मुंबई से उड़ान भरी थी। जोधपुर के सिविल-मिलिट्री एयरपोर्ट के रनवे नंबर 5/23 पर लैण्डिग के वक्त प्लेन एक तरफ झुक गया। अनिल अंबानी की कंपनी एडीएजी में काम करने वाले व उसी प्लेन में सवार विश्वास जोशी ने बताया कि पायलट ने स्लोपिंग पोजिशन में लैण्डिग कराने की कोशिश की।
जब उसे लगा कि दुर्घटना से बचने का एक ही विकल्प है कि प्लेन को फिर से ऊपर किया जाए तो उसने वैसा ही किया। इसके बाद प्लेन ने दोबारा लैण्डिग की। हालांकि दोबारा लैण्डिग भी स्मूथ नहीं थी। विश्वास ने बताया कि वह 1995 से प्लेन में यात्रा कर रहे हैं। वह अब तक 5 लाख मील की यात्रा कर चुके हैं। लेकिन ऎसा कभी नहीं हुआ। जोधपुर एयरपोर्ट के निदेशक एसएन बोरकर ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि यह बहुत ही बहुत खराब है कि पायलट और क्रू मेंबर्स यही नहीं बता रहे कि हुआ क्या था?
यही नहीं हमने जो भयानक वक्त फेस किया उसके लिए माफी भी नहीं मांगी है। घटना इसलिए हुई क्योंकि पायलट लैण्डिग से पहले सही रास्ते को नहीं चुन पाया। मामले की जांच का आदेश दे दिया है। चूंकि एयरपोर्ट के एटीसी का प्रबंधन एयरफोर्स के पास है इसलिए वे ही मामले को आगे ले जा सकते हैं। उधर केन्द्रीय मंत्री अजीत सिंह ने इस मामले पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया है। उनका कहना है कि मेरे पास कोई शिकायत नहीं आई है।

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