"विकास नहीं विनाश का गड्ढा है एफडीआई"
नई दिल्ली।
विपक्ष की नेता ने रिटेल में एफडीआई के खिलाफ प्रस्ताव पेश किया। सुषमा के प्रस्ताव का तृणमूल कांग्रेस के नेता सौगत राय ने समर्थन किया। सुषमा ने चर्चा की शुरूआत करते हुए सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार ने कहा था कि एफडीआई पर फैसला सहमति के बाद लिया जाएगा। उस समय सदन के नेता प्रणब मुखर्जी ने संसद में यह वादा किया था लेकिन सरकार ने वादा नहीं निभाया। सरकार ने सहमति बनाने की कोशिश ही नहीं की। राजनीतिक दलों से चर्चा के बगैर ही एकतरफा फैसला ले लिया।
हमें तो टीवी से पता चला कि सरकार ने रिटेल में 51 फीसदी एफडीआई को मंजूरी दे दी है। उन्होंने कहा कि अगर रिटेल में एफडीआई को मंजूर दी गई तो इससे सभी को घाटा होगा। बाजार कुछ बड़ी कंपनियों के हाथ में चला जाएगा।
भाषण के मुख्य अंश
पेप्सीको आज भी बाहर से आलू-टमाटर मंगाती है
पेप्सीको ने पंजाब के आलू-टमाटर रिजेक्ट कर दिए
मैकडोनल्ड भारतीय किसानों से आलू नहीं लेती है
रिटेल में एफडीआई से नए बिचौलिए खड़े हो जाएंगे
जब कई दुकानदार होते हैं तो ग्राहक को ठग नहीं सकते
कर्मचारियों को कम सैलरी देकर कीमतें घटाती है विदेशी कंपनियां
किसानों से सस्ता अनाज खरीदकर कीमतें घटाती है विदेशी कंपनियां
छोटे और मझौले किसानों से अनाज नहीं खरेदेगी विदेशी कंपनियां
प्रतियोगी बाजार ही उपभोक्ता के हित में होता है न कि एकाधिकार वाला
वॉलमार्ट के एक स्टोर में सवा दो सौ कर्मचारी होते हैं तो वो 40 लाख नौकरियां कैसे देगा
एक शहर में 600 स्टोर खुलेंगे तब मिल पाएगी 40 लाख लोगों को रोजगार
रिटेल में एफडीआई से मैन्यूफैक्चरिंग यूनिटें बंद हो जाएगी
कारखाने खुलेंगे चीन में और अंधेरा होगा हमारे यहां 12 करोड़ लोगों के घर में
नौकरियां मिलेगी चीन में और हमारे यहां होगी बेरोजगारी
जहां जहां रिटेल में एफडीआई की अनुमति मिली वहां-वहां छोटे दुकानदार खत्म हुए
90 फीसदी सामान चीन से लाएंगी बड़ी रिटेल में कंपनियां
एफडीआई को गिराइए देश को बचाए
हम आपको हराना नहीं बचाना चाहते हैं
पीएम अपनों के लिए लड़ें गैरों के लिए नहीं
विकास की सीढ़ी नहीं विनाश की सीढ़ी है एफडीआई
वॉलमार्ट मजबूर है लेकिन हम क्यों मजबूरी दिखा रहे हैं
वॉलमार्ट के बारे में खबर है कि उसने बड़ी राशि घूस के रूप में दी
एनडीए शासनकाल के दौरान भी आया था एफडीआई का प्रस्ताव
तब कांग्रेस सांसद प्रियरंजन दासमुंशी ने इसे देशविरोधी बताया था
एफडीआई से बेरोजगारी बढेगी:तृणमूल
तृणमूल कांग्रेस ने मल्टीब्रांड रिटेल में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश का विरोध करते हुए कहा है कि सरकार के इस फैसले से देश की अर्थव्यवस्था एवं करोड़ों छोटे खुदरा कारोबारियों की आजीविका पर घातक प्रभाव पडेगा। तृणमूल कांग्रेस के सौगत राय ने कहा कि मल्टीब्रांड रिटेल में 51 प्रतिशत एफडीआई को अनुमति देने से तीन करोड़ से अधिक खुदरा कारोबारियों एवं छोटे व्यापारियों की आजीविका बर्बाद हो जाएगी।
ये भी कहा
एफडीआई से अमरीकी कंपनियों को फायदा
क्या हम चांदी के कुछ सिक्कों के लिए देश को बेच देंगे।
वालमार्ट हर मिनट 20 हजार डालर का लाभ कमाता है।
वालमार्ट को 82 प्रतिशत काम चीन में होता है।
खुदरा में विदेशी निवेश से देश की जीडीपी में भी कोई बढ़ोतरी नहीं होगी।
क्या वालमार्ट जैसी कंपनियों के सुपर मार्केट से किसानों को कोई फायदा पहुंचेगा।
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