पाक क्रिकेटरों को क्यों लगी धोनी से मिर्ची?
कराची।
टीम इण्डिया के कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी की पाकिस्तानी अंपायर अलीम डार से बहस करना वहां के कई पूर्व क्रिकेटरों को रास नहीं आया है। पाकिस्तान की क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान मोइन खान और इंजमाम उल हक ने अपने देश के अंपायर से बहस करने के लिए धोनी की कड़ी आलोचना की है।मोइन खान ने कहा कि धोनी का बर्ताव स्वीकार करने योग्य नहीं है। आईसीसीई को इस मामले पर कार्रवाई करनी चाहिए थी लेकिन हमें आईसीसी के रूख को लेकर कोई आश्चर्य नहीं है? उन्होंने कहा कि बीसीसीआई सबसे ज्यादा पैसे वाली संस्था है। उसका वर्ल्ड क्रिकेट में अच्छा प्रभाव है इसलिए आईसीसी उसे परेशान नहीं कर सकती। गौरतलब है कि इंग्लैण्ड के खिलाफ जारी टेस्ट सीरीज के दौरान धोनी की पाकिस्तानी अंपायर से बहस हो गई थी। मोइन खान ने कहा कि सभी टेस्ट देशों पर आईसीसी को एक जैसे नियम लागू करने चाहिए। धोनी ने पहले भी अंपायरों से बहस की थी और वह बचकर निकल गए थे। उधर इंतजाम ने धोनी को अंपायर से बहस करने की बजाय अपने खिलाडियों पर ध्यान देने की सलाह दी है। इंजमाम ने कहा कि धोनी बहुत ही अनुभवी कप्तान और खिलाड़ी हैं। उन्हें इंग्लैण्ड के खिलाफ जारी सीरीज में अपने खिलाडियों के वीक प्वाइंट पर ध्यान देना चाहिए।
अगर आईसीसी की इस मामले पर कोई क्लीयर नीति है तो उसे सभी कप्तानों पर कड़ाई से लागू करनी चाहिए। अंपायरों के फैसलों पर सवाल खड़े करने पर मुझ पर जुर्माना लगाया गया था। धोनी ने खुले रूप से पाकिस्तानी अंपायर से बहस की लेकिन उनके खिलाफ अभी तक कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की गई।
हाल ही में ऑस्ट्रेलिया के पूर्व क्रिकेटर शेन वॉर्न ने भी डार की आलोचना की थी। वॉर्न ने डार पर खराब अंपायरिंग का आरोप लगाया था। वॉर्न ने कहा कि टेस्ट सीरीज के दौरान डार ने कई गलत फैसले दिए। वॉर्न की इस प्रतिक्रिया पर डार ने पाकिस्तान के एक चैनल से बातचीत में कहा था कि वह अपना काम कर रहे हैं और वॉर्न कमेंटेटर के रूप में अपनी नई भूमिका निभा रहे हैं।
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