नई दिल्ली। टीम इण्डिया के विस्फोटक बल्लेबाज वीरेन्द्र सहवाग अब टी-20 फॉर्मेट में नहीं खेलना चाहते। इसकी वजह उन्होंने फिटनेस और टी-20 क्रिकेट की कठोरता को बताया है। सहवाग ने बीसीसीआई से कहा है कि जब टी-20 के लिए टीम चुनी जाए तो उनके नाम पर विचार न हो। एक न्यूज चैनल ने बीसीसीआई के एक अधिकारी के हवाले से यह खबर दी है। 

अधिकारी ने कहा कि हमें बताया गया है कि सहवाग अब टी-20 नहीं खेलना चाहते। वह वनडे और टेस्ट क्रिकेट पर ध्यान देना चाहते हैं। वे चाहते हैं कि टी-20 में युवा क्रिकेटरों को मौका दिया जाए। जब अधिकारी से पूछा गया कि इस फैसले के पीछे कहीं टी-20 विश्वकप के दौरान इंग्लैण्ड व ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ड्राप करना तो नहीं है? अधिकारी ने इसे बकवास करार दिया। 

अधिकारी ने कहा कि सहवाग को इतना अनुभव है कि टीम की जरूरतों को समझ सकें। इसलिए वह टीम मैनेजमेंट के फैसले पर सवाल नहीं उठाएंगे। ऎसा वही खिलाड़ी करेगा जो सिर्फ अपने बारे में सोचता है। 

जब टी-20 क्रिकेट शुरू हुआ था तब कहा गया कि यह फॉर्मेट सहवाग जैसे खिलाडियों के लिए ही बना है लेकिन मौजूदा दौर के सबसे विस्फोटक बल्लेबाजों में से एक सहवाग का टी-20 में कोई खास कमाल नहीं कर पाए। लगता है कि सहवाग को भी इसका अहसास हो गया है। हाल ही में टी-20 विश्वकप में सहवाग ने 18 की औसत से सिर्फ 54 रन बनाए थे।

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