मलाला बच गई तो मार देंगे: तालिबान
रावलपिंडी।
तालिबान ने मलाला युसुफजई का लेकर अपने नापाक इरादे फिर जाहिर कर दिए हैं। आतंकी संगठन ने कहा है कि वे 14 साल की मलाला युसुफजई या उसके पिता की हत्या कर देंगे। वहीं पुलिस ने कहा है कि मलाला पर जानलेवा हमले के सिलसिले में उसने कई लोगों को गिरफ्तार किया है। उल्लेखनीय है कि इस आतंकी संगठन की आलोचना करने पर तालिबान ने मलाला पर गोलियां दाग दी थीं।
मलाला का हाल जानने पीएम अस्पताल गए -
शुक्रवार की नमाज के बाद प्रधानमंत्री राजा परवेज अशरफ मलाला से मिलने अस्पताल गए। डाक्टर इस पर विचार कर रहे हैं कि क्या मलाला को इलाज के लिए विदेश भेजा जाए। डाक्टर मलाला की आंख की रोशनी को लेकर चिंतित हैं। वह अभी वेंटिलेटर पर है। अशरफ ने बताया कि अगले 48 घंटे काफी मुश्किल भरे हैं। स्वात घाटी के मिनगोरा में मंगलवार को स्कूल बस में सवार मलाला पर तालिबानी आतंकियों ने गोली चलाई थीं जो उसके सिर में लगी थी।
हमने बहुत समझाया लेकिन वह नहीं मानी: तालिबान -
स्वात घाटी में तालिबान के प्रवक्ता सिराजुद्दीन अहमद ने कहा कि मलाला पर इसलिए हमला किया गया क्योंकि उसके पिता जियाउद्दीन युसुफजाई ने मत परिवर्तन किया है और इसी कारण वह तालिबान के खिलाफ बयान दे रही थी। हमने उसके पिता को कई बार चेताया था कि मलाला हमारे खिलाफ बोलती है उसे रोका जाए। वह नहीं मानी इसलिए हमें ऎसा कदम उठाना पड़ा।
दो हमलावरों की पहचान -
आंतरिक मंत्री रहमान मलिक ने कहा कि पुलिस ने दो हमलावरों की पहचान की है। इन्हें अभी पकड़ा नहीं जा सका है। पूछताछ के लिए करीब 70 लोगों को हिरासत में लिया गया है। मलाला पर हमले में एक बस में मौजूद 15 साल की एक लड़की भी घायल हो गई थी। वह पेशावर के अस्पताल में भर्ती है। उसने बताया कि करीब 20 साल का एक युवक बस के पास आया और उसने मलाला के बारे में पूछा। इसके बाद उसने गोलियां चला दीं। इस हमले की देश के सभी राजनीतिक दलों ने निंदा की है।
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