मेयर के साथ सिर्फ चार पार्षद!
जयपुर। 
भाजपाई पार्षदों के रवैये और अधिकारियों के खिलाफ मोर्चाबंदी करने की नीयत से गांधी सर्कल पर धरना देने की घोषणा कर चुकी महापौर तब अचकचा गई, जब उन्हें धरनास्थल पर पर्याप्त संख्या में समर्थक ही नहीं दिखे। उन्हें तब बेहद मायूसी हुई जब उनके साथ महज तीन निर्वाचित व एक मनोनीत सहित कुल चार पार्षद ही कार्यक्रम में जुट सके। मनमाफिक समर्थन मिलता न देख महापौर ने गांधी सर्कल पर जाने का इरादा ही छोड़ दिया और इंदिरा गांधी सर्कल पर ही धरने पर बैठ गई।

10.30 बजे पहुंचीं मेयर

जानकारी के मुताबिक, धरने के लिए महापौर सुबह करीब साढ़े दस बजे इंदिरा गांधी सर्कल पहुंच गई थीं। यहां का नजारा देख कर उनके चेहरे पर हवाइयां उड़ने लगीं। महापौर करीब आधे घंटे तक पार्षदों के आने का इंतजार करती रहीं लेकिन पार्षद गुलाम नबी, मंजू शर्मा,संजय वर्मा (तीन समितियों के अध्यक्ष) व मनोनीत पार्षद जाकिर ही वहां पहुंचे। महापौर गांधी सर्किल पर सुबह 11 बजे से 2 बजे तक धरना देने वाली थीं लेकिन भीड़ की कमी को देखते हुए वे इंदिरा गांधी सर्कल पर ही बैठ गईं। 

करती रहीं फोन

गौरतलब है कि नगर निगम बोर्ड की 14 वीं बैठक में हुए हंगामे के बाद महापौर ने आज सुबह गांधी सर्कल पर धरना देने की घोषणा की थी। इसके लिए महापौर इंदिरा सर्कल से गांधी सर्किल तक रैली निकालने वाली थीं लेकिन भीड़ नहीं जुटने पर महापौर ने इंदिरा सर्कल पर ही धरना शुरू कर दिया। इस धरने के लिए महापौर ने सभी कांग्रेसी पार्षदों के अलावा विधायक एवं सांसद को भी बुलाया था लेकिन धरने में शामिल होने के लिए अधिकांश पाष्ाüद नहीं पहुंचे। महापौर ज्योति खंडेलवाल मोबाइल से फोन पर फोन करती रहीं लेकिन पार्षदों की संख्या खबर लिखे जाने तक चार ही बनी रही।

धरने में अनुमति का पेच

कानून के मुताबिक,किसी भी धरने या प्रदर्शन के लिए पुलिस प्रशासन की अनुमति लेना चाहिए लेकिन महापौर ने धरने के लिए पुलिस से अनुमति नहीं ली। ऎसे में महापोर के धरने पर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि, एडीसीपी योगेश दाधीच ने कहा कि हमने मौखिक अनुमति दी है।

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