जननी के साथ शिशु भी हुए सुरक्षित 
बाडमेर। 
अतिमहत्वाकांक्षी और जनहितेशी जननी शिशु सुरक्षा योजना के सफल संचालन का जिले में एक वशर पूरा हो गया है। बाडमेर में 12 सितंबर से 14 सितंबर के बीच जिले के प्रभारी मंत्री दिलीप चौधरी सहित तत्कालीन प्रशासनिक व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों द्वारा योजना का ाुभारंभ किया गया था। योजना प्रारंभ होने से अब तक जिले में हजारों महिलाओं को लाभान्वित किया जा चुका है। बहरहाल, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. हेमराज सोनी के नेतृत्व में योजना बेहतर तरीके से संचालित की जा रही है। 
जिला आईईसी समन्वयक विनोद बिश्नोई ने बताया कि योजना लागू होने के बाद जिले में अब तक 29327 गर्भवती महिलाओें को नि:शुल्क दवा उपलब्ध करवाई गई और 11312 गर्भवती महिलाओं की लैब जांच की गई। इसी तरह 27610 प्रसूताओं को गर्म एवं पौश्टिक भोजन दिया गया। वहीं 28542 महिलाओं को रैफरल परिवहन सुविधा उपलब्ध करवाई गई। गर्भवती व प्रसूता महिलाओं को योजना का भरपूर लाभ मिल रहा है। वहीं शिशुओं को भी योजना के तहत मिल रहे हैं। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक 30 दिवस तक के 1010 नवजात शिशुओं को नि:शुल्क दवा उपलब्ध करवाई गई। इसी तरह 236 शिशुओं की लैब जांच की गई। वहीं 144 शिशुओं को रैफरल सुविधा प्रदान की गई। विभाग द्वारा उक्त सभी सेवाओं की हर पखवाड़े समीक्षा की जाती है। इसके साथ ही जिला ग्रामीण स्वास्थ्य समिति की बैठक में भी जननी शिशु सुरक्षा योजना पर विस्तार से चर्चा कर समीक्षा की जाती है। 
कैसे लाभान्वित हुए योजना से 
योजना के तहत जननी को संस्थागत प्र्रसव, सिजेरियन ऑपरेशन, दवाईयां व अन्य सामग्री, लैब जांच, भोजन, ब्लड एवं रैफरल ट्रांसपोर्ट पूर्णतः नि:शुल्क उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। इसी तरह 30 दिवस तक नवजात शिशुओं को भी लैब जांच, ब्लड, रैफरल ट्रांसपोर्ट सहित अन्य सुविधाएं भी मुहैया करवाई जा रही है। योजना का मुख्य उद्देश्य मातृ मृत्यु दर तथा शिशु मृत्यु दर में भी कमी लाना था, जिसका प्रभाव भी क्षेत्र में दिखने लगा है। उल्लेखनीय है कि जिले में जिला अस्पताल व उपखण्ड अस्पताल पर 50 प्रकार की जांच, सीएचसी पर 35, पीएचसी पर 25 और सब सेंटर पर पांच प्रकार की जांच की सुविधा दी जा रही है। जिले में एक जिलास्तरीय अस्पताल, एक उपजिला अस्पताल, आठ ब्लॉक, 14 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 69 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तथा 546 उप स्वास्थ्य केंद्र हैं, जिनके जरिए जननी एवं शिशुओं को जननी शिशु सुरक्षा योजना के लाभ एवं अन्य स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही है। 

आईईसी कार्यशाला संपन्न 
ग्लूकोमीटर प्रिशक्षण के जरिए स्वास्थ्य कार्यकर्ता को किया सुदृ़ 
बाडमेर। विगत तीन दिवस से जारी आईईसी कार्यशाला और ग्लूकोमीटर प्रिशक्षण शिविर गुरूवार को संपन्न हुआ। इस मौके पर बड़ी संख्या में महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता, विभागीय अधिकारी व प्रिशक्षक मौजूद थे। सोमवार से शुरू हुई कार्यशाला में जिले के आठ ब्लॉकों की महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को सूचना, शिक्षा एवं संचार (आईईसी) की जानकारी दी गई। वहीं ग्लूकोमीटर का प्रिशक्षण दिया गया, जिसके बाद अब महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता क्षेत्र में जाकर मरीजों के साथ ही साधारण लोगों के रक्त की जांच कर सकेंगी। इससे मुख्यतः शुगर संबंधी बीमारी पकड़ में आएगी, जिसका विभाग द्वारा निदान किया जाएगा। गुरूवार को समापन अवसर पर वरिश्ठ चिकित्सक डॉ. हनुमानाराम, आयुश अधिकारी डॉ. अनिल झा, आईईसी समन्वयक विनोद बिश्नोई, आशा समन्वयक राकेश भाटी, जोधपुर से आए प्रिशक्षक सैदय शिफा अली, एनसीडी सेल के सौरभ माथुर, मुकेश भाटी एवं तनुसिंह सो़ा मौजूद थे। अधिकारियों ने स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को परिवार कल्याण, टीकाकरण, एमएनडीवाई, जेएसएसवाई सहित अन्य योजनाओं एवं स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी देते हुए उन्हें बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित किया।

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