जयपुर में तोड़फोड,कोटा में लाठीचार्ज 

जयपुर।
रिटेल में एफडीआई और डीजल के दामों में बढ़ोतरी के खिलाफ भाजपा सहित अन्य राजनीतिक दलों की ओर से गुरूवार को आयोजित बंद का राजस्थान में व्यापक असर देखा गया। राजधानी जयपुर सहित प्रदेश के तमाम बड़े शहरों में बंद को व्यापक समर्थन मिला। बंद के दौरान प्रदेश के कई इलाकों से तोड़फोड़ की घटनाएं भी सामने आई। 
hoge response of  bharat bandh in rajasthan
जयपुर के रामगंज में 'नो एंट्री'

बंद के दौरान राजधानी जयपुर में भाजपाइयों की रैली को पुलिस ने रामगंज बाजार में प्रवेश से रोक दिया। इस पर भाजपा मंडल अध्यक्ष अनिल भौमिया और रामगंज थाने के एसएचओ में कहासुनी हो गई जिसके बाद प्रदर्शनकारी उग्र हो गए और नारेबाजी करते हुए पुलिस के साथ उलझ गए। उल्लेखनीय है कि जयपुर में बंद को सफल बनाने के लिए सुबह से ही व्यापार मंडल व भाजपा की टोलियों ने मोर्चा संभाल लिया था। भाजपा कार्यकर्ताओं ने अलग अलग इलाकों में रैली निकालकर एफडीआई के खिलाफ प्रदर्शन किया। 

कारफूर स्टोर के खिलाफ नारेबाजी

सीकर रोड स्थित कारफूर स्टोर के बाहर बंद समर्थकों ने प्रदर्शन किया गया। इस दौरान सैकड़ों का कार्यकर्ताओं ने कारफूर व केन्द्र सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। इससे पहले भाजपा कार्यकर्ता रैली के रूप में वीकेआई रोड नंबर एक से कारफूर स्टोर पहुंचे। रैली में केंद्र सरकार के पुतले की शवयात्रा भी निकाली गई। रैली के कारफूर स्टोर पहुंचने के बाद यहां भीड़ के कारण काफी देर तक सीकर रोड जाम हो गया। इससे वाहनों की लंबी कतारें लग गई। पुलिस को दखल देकर रास्ता खुलवाना पड़ा।

कोटा में भाजपाईयों पर लाठीचार्ज

कोटा में वॉलमार्ट स्टोर पर प्रदर्शन कर रहे भाजपाइयों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया। वॉलमार्ट के स्टोर पर करीब 100-150 भाजपाई नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान पुलिस अघिकारियों और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई बहस ने उग्र रूप ले लिया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के लिए पुलिस ने लाठियां भांजी,जिसमें कई लोग घायल भी हो गए।

अजमेर में यात्रियों को बस से उतारा

उदयपुर में नगर परिषद के कार्यायल में तोड़फोड़ की गई। यहां माकपा कार्यकर्ताओं ने ट्रेन को रोक दिया। अजमेर में गुरूवार को भाजयुमो के कार्यकर्ताओं ने रोडवेज की बस को रोककर सवारियों को नीचे उतार दिया। 

बाजार बंद,परिवहन ठप

बंद में बाजारों,निजी व सरकारी परिवहन सेवाओं के साथ शिक्षण संस्थानों को भी शामिल किया। ऑटो रिक्शा,मिनी बस व ट्रक एसोसिएशन ने बंद को समर्थन दिया। हालांकि अस्पताल व दवा की रिटेल दुकान को बंद से मुक्त रखा गया।

जयपुर में सड़कों पर पसरा रहा सन्नाटा

राजधानी जयपुर में बंद का व्यापक असर देखा गया। मिनी बसें और ऑटो सड़कों से नदारद रही और सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। मिनी बसें और ऑटो नहीं मिलने के कारण सिंधी कैंप बस स्टैण्ड और रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की भारी भीड़ देखी गई। लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

पुलिस के भारी इंतजाम

बंद के मद्देनजर राजधानी सहित अन्य प्रमुख शहरों में भारी सुरक्षा बंदोबस्त किए गए थे। स्थानीय थाना पुलिस के अलावा शहर पुलिस लाइन का जाप्ता व चार कम्पनी आरएसी की तैनात किया गया। जयपुर पुलिस कमिश्नर बीएल सोनी के अनुसार सभी अधिकारियों को फिल्ड में रहने के निर्देश दिए गए थे। 

गली मोहल्लों की दुकानें भी बंद 

जयपुर समेत राज्य की सभी 247 मण्डियां बन्द रही। इससे यहां किसी प्रकार के माल की आवक व निकासी नहीं हो सकी। प्रमुख बाजार और गली मोहल्लों की दुकानें बंद होने से उपभोक्ताओं को खासी मुसीबत झेलनी पड़ी। एक अनुमान के अनुसार जयपुर में करीब दो लाख खुदरा दुकानें बंद रही। 

स्कूलों को जबरन बंद करवाया

बंद का शिक्षण व्यवस्था का भी असर पड़ा। शहर के अधिकांश निजी स्कूल बंद रही,जो निजी स्कूल खुले मिले उन्हें भाजपा कार्यकर्ताओं ने बंद करा दिया। इससे बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सरकारी स्कूलों में भी बंद के कारण उपस्थिति आधे से भी कम रही। कॉलेजों में यही हाल देखा गया। 

जयपुर के ये स्कूल रहे बंद

कुछ निजी स्कूलों ने पहले ही छुट्टी की घोषणा कर दी थी। हालांकि,कई निजी स्कूलों ने अर्द्धवाçष्ाüक परीक्षाओं के दौरान गुरूवार का 'गैप डे' घोçष्ात किया गया। टैगोर ग्रुप के सभी स्कूलों,सेंट जेवियर,सेंट एन्सलम-निवारू रोड,सुबोध पब्लिक स्कूल,स्टेप बाय स्टेप स्कूलों में छुट्टी रही। माहेश्वरी ग्रुप के स्कूलों में पहले से ही अवकाश था। विद्याश्रम,आईआईएस समेत कई स्कूलों में परीक्षाओं के दौरान गुरूवार का गैप रखा गया। सेंट एडमण्ड्स स्कूल,जवाहर नगर और केम्ब्रिज कोर्ट स्कूल ने भी अवकाश की घोष्ाणा कर दी गई। जबकि एसएमएस स्कूल में बाल वाटिका से लेकर कक्षा 5 तक अवकाश था। हालांकि परीक्षाएं यथावत रखी गई।

लोगों को नहीं मिला पेट्रोल 

शहर के पेट्रोल पम्पों पर सुबह 10 से शाम 4 बजे तक बिक्री बंद रखी गई। इससे लोगों को गाडियों में पेट्रोल और डीजल भरवाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। राजस्थान पेट्रोलियम डीलर्स एसोएसिशन के अध्यक्ष सुनीत बगई के अनुसार सिर्फ आपातकालीन सेवा में संचालित वाहनों को ही ईधन दिया गया। हालांकि प्रदर्शनकारियों ने कई पेट्रोल पम्पों को जबरन भी बंद करवाया। 

इन्होंने किया बंद का समर्थन

बंद को व्यापार मण्डलों,टैक्सी यूनियन,स्कूल,प्राइवेट बस एसोसिएशन,हॉलसेल,कपड़ा,किराना,दवा बाजार एसोसिएशनों ने समर्थन दिया। उद्यमियों के दो बड़े संगठन फैडरेशन ऑफ राजस्थान ट्रेड एण्ड इंडस्ट्री (फोर्टी) व विश्वकर्मा इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ने बन्द का समर्थन किया। विश्वकर्मा एसोसिएशन के महासचिव जगदीश सोमानी ने बन्द का समर्थन किया। पेन्ट टे्रडर्स एसोसिएशन के साथ ही विभिन्न विकास समितियों ने भी बन्द का समर्थन किया।

बंद का असर
1.247 मंडिया राज्यभर में बंद 
2.5000 मिनी बसें शाम तक ठप
3.3.2.5 लाख दुकानें जयपुर में बंद
4.350 व्यापारिक संगठनों का समर्थन
5.21,400 करोड़ का कारोबार अटका
6.360 करोड़ का अकेले जयपुर में

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