कृष्णा की छुट्टी तय,15 नए मंत्री बनेंगे! 

नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की सोमवार को पार्टी के विभिन्न नेताओं से हुई मुलाकात से कैबिनेट में बड़े फेरबदल की अटकलें तेज हो गई है। तृणमूल कांग्रेस के छह मंत्रियों के इस्तीफों के बाद कैबिनेट में फेरबदल जरूरी हो गया है। 

कहा जा रहा है कि 15 नए मंत्रियों को शपथ दिलाई जा सकती है जबकि पांच मंत्रियों की छुट्टी हो सकती है। विदेश मंत्री एसएम कृष्णा की छुट्टी तय मानी जा रही है। सोनिया गांधी ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण,स्वास्थ्य मंत्री गुलाब नबी आजाद और भूतल परिवहन मंत्री सीपी जोशी से मुलाकात की। इस दौरान सोनिया के राजनीतिक सलाहकार अहमद पटेल भी मौजूद थे। इन मुलाकातों को मंत्रिमण्डल में संभावित फेरबदल से जोड़कर देखा जा रहा है। 

28 सितंबर को हो सकता है फेरबदल

सूत्रों के मुताबिक मंगलवार को कैबिनेट में फेरबदल हो सकता है। अगर मंगलवार को फेरबदल नहीं हुआ तो फिर 28 सितंबर को ही होने की संभावना है। दरअसल राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी दो दिवसीय जम्मू कश्मीर के दौरे पर जा रहे हैं। 26 और 27 सितंबर को राष्ट्रपति जम्मू कश्मीर में रहेंगे। ऎसे में फेरबदल के लिए 25 तारीख ही बचती है लेकिन 25 और 26 सितंबर को कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी दिल्ली से बाहर हैं। ऎसे में 28 तारीख को मंत्रिमण्डल में फेरबदल की पूरी संभावना बनती है। 


इनकी हो सकती है छुट्टी

एसएम कृष्णा
अगाथा संगमा 
बेनी प्रसाद वर्मा
सुबोधकांत सहाय
श्री प्रकाश जायसवाल

इनको मिल सकता है मंत्री पद
चिरंजीवी
शशि थरूर
ज्योति मिर्धा
मनीष तिवारी
दीपा दासमुंशी
तारिक अनवर
जर्नादन दि्वेदी
के.रहमान खान
मीनाक्षी नटराजन
अन्य 

राहुल पर असमंजस

मंत्रिपरिषद में पांच कैबिनेट मंत्री शामिल किए जाने की पहले से ही गुंजाइश थी। रेल मंत्री के पद से मुकुल राय के इस्तीफे से यह संख्या छह हो गई है। राय के साथ तृणमूल के पांच राज्य मंत्रियों ने भी इस्तीफा दिया है,अत: उनकी जगह भी भरी जानी है। कांग्रेस के भीतर लंबे समय से यह मांग होती रही है कि पार्टी महसचिव राहुल गांधी को सरकार और पार्टी में बड़ी जिम्मेदारी दी जानी चाहिए।

हाल ही में गांधी ने कहा था कि वह इसके लिए तैयार हैं। लेकिन उन्हें इस बार सरकार में लाया जाएगा या पार्टी में ही बड़ी जिम्मेदारी सौंपी जाएगी अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। मंत्रिपरिषद से ए. राजा तथा दयानिधि मारन काफी पहले हट गए थे लेकिन उनकी पार्टी द्रविड मुनेत्र कषगम ने उनकी जगह अपने दूसरे प्रतिनिधि नहीं दिए थे। अभी भी उसने इस बारे में अभी अपनी स्थिति स्पष्ट नहीं की है।

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