भाजपा के हर दांव पर कांग्रेस की नजर 

नई दिल्ली। 
संसद में सरकार को घेरने में लगी प्रमुख विपक्षी पार्टी भाजपा ने आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। भाजपा के तेवर बता रहे हैं कि वह किसी भी हद तक जा सकती है। भ्रष्टाचार को लेकर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के इस्तीफे की मांग के साथ-साथ अब टूजी घोटाले की जांच कर रही जेपीसी को लेकर भी भाजपा-कांग्रेस में जंग छिड़ गई है।
बुधवार को जेपीसी में हुई तकरार के बाद भाजपा के सदस्य बैठक का बहिष्कार कर गए। भाजपा ने अन्य संसदीय समितियों से इस्तीफा देने की धमकी भी दी। भाजपा के इस रूख के बाद कांग्रेस इस बात को लेकर परेशानी में हैं कि कहीं भाजपा अपने अगले कदम के रूप में लोकसभा से सामूहिक इस्तीफा न दे दें। लेकिन गुरूवार को संसद की कार्यवाही शुरू होने से पहले हुई पार्टी की बैठक के बाद भाजपा ने कहा कि उसके सांसदों के संसदीय समितियों और संसद से सामूहिक इस्तीफा देने की रिपोर्टें मनगढंत हैं। पार्टी ने ऎसा कोई फैसला नहीं लिया है।

भाजपा की तरफ से संसद में बनाए जा रहे दबाव व गतिरोध से निपटने के लिए बुधवार यूपीए को ऑर्डिनेशन कमिटी की बैठक में सहयोगी दलों के नेताओं ने चर्चा की। सोनियागांधी, मनमोहन सिंह समेत कुछ नेताओं की राय थी कि भाजपा दबाव बढ़ाने के लिए अन्य संसदीय समितियों से अपने सांसदों को इस्तीफा दिलवा सकती है। इतना ही नहीं बल्कि कुछ नेताओं ने आशंका जताई कि भाजपासांसद लोकसभा की सदस्यता से सामूहिक इस्तीफा देकर नया दाव चल सकते हैं।

भाजपा के सभी 114 सांसद इस्तीफा देते हैं तो इसके लिए यूपीए के कुछ नेताओं की राय जाहिर कि की लोकसभा का कार्यकाल अभी 20 माह और बचा हुआ है, इसलिए सभी 114 सीटों पर चुनाव लड़ा जाए। अगर यूपीए इन चुनाव में चंद सीटें भी जीत लेगी तो 2014 के चुनाव से पहले ही मनोवैज्ञानक रूप से बढ़त बनाई जा सकेगी। उधर, भाजपा जीत भी जाएगी तो भी वह ज्यादा कुछ फायदें में नहीं रहेगी।

जेपीसी की बैठक में गाली-गलोच

इससे पहले 2-जी स्पेक्ट्रम घोटाले की जांच कर रही संयुक्त संसदीय समिति की बैठक में बुधवार को जमकर हंगमा हुआ। भाजपा के सदस्यों ने कांग्रेस के एक नेता पर गाली गलौज का आरोप लगाते हुए बैठक का बहिष्कार कर दिया। भाजपा के सदस्य मांग कर रहे थे कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और वित्त मंत्री पी.चिदंबरम को जेपीसी के सामने पेश होना चाहिए। भाजपा सदस्यों की इस मांग पर कांग्रेस के सदस्य भड़क गए। 

उन्होंने कहा कि जो विपक्ष कहेगा वही हो,ऎसा नहीं हो सकता। इसके बाद भाजपा सदस्य यशवंत सिन्हा,जसवंत सिंह,रविशंकर प्रसाद,गोपीनाथ मुंडे और धमेन्द्र प्रधान बैठक का बहिष्कार करते हुए बाहर आ गए। बैठक के बाद भाजपा के एक सदस्य ने कहा कि यह कंगारू कोर्ट है,इसलिए हम बाहर आ गए। बैठक में उन लोगों के नाम फाइनल किए जाने थे,जिन्हें संसद की संयुक्त संसदीय समिति के सामने पेश होना है। जेपीसी में कुल 30 सदस्य हैं। 20 लोकसभा और 10 राज्यसभा के सदस्य हैं। जेपीसी के अध्यक्ष हैं पीसी चाको। जेपीसी में कांग्रेस के 10 सदस्य हैं।

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