केजरीवाल को अपनी हत्या की आशंका
नई दिल्ली।
पिछले 8 दिन से अनशन पर बैठे टीम अन्ना के सदस्य अरविंद केजरीवाल और गोपाल राय की सेहत बिगड़ती जा रही है। टीम अन्ना ने दोनों से अनशन तोड़ने की सलाह दी है लेकिन उन्होंने सलाह मानने से इनकार कर दिया है। केजरीवाल और राय की तबीयत खराब होने के बावजूद सरकार टीम अन्ना से बातचीत को तैयार नहीं हैं। कहा जा रहा है कि सरकार केजरीवाल और राय का अनशन जबरन तुड़वाया जा सकता है।
केजरीवाल ने कहा कि मीडिया और अन्य विश्वस्त सूत्रों से उन्हें जानकारी मिली है कि सरकार मुझे जबरन अस्पताल में भर्ती करा सकती है। अगर मुझे जबरन अस्पताल में भर्ती कराया जाता है तो वहां से बाहर निकलवाने की जिम्मेदारी आप लोगों की होगी। मेरी सेहत की चिंता पी.चिदंबरम से ज्यादा देश के लोगों को हैं। इसलिए चिदंबरम मेरी सेहत की चिंता न करें।
सरकार का कहना है कि मैं आत्म हत्या की कोशिश कर रहा हूं। मैं बलिदान देने के लिए अनशन पर बैठा हूं। आत्महत्या के लिए कानून अंग्रेजों की सरकार के वक्त बना था।
अंग्रेजी की सरकार के वक्त महात्मा गांधी ने 36-36 दिन अनशन किया था। अंग्रेजों की सरकार ने तो कभी उनका अनशन जबरन नहीं तुुड़वाया। क्या हमारी सरकार अंग्रेजों की सरकार से भी बदतर हो गई है? मेरा सभी अंग ठीक से काम कर रहे हैं। कमजोरी ज्यादा है। चलने और बैठने में तकलीफ है। अब हमें सरकारी अस्पताल के डॉक्टरों पर भरोसा नहीं है।
सरकार को कसाब की बिरियानी की चिंता
टीम अन्ना का कहना है कि सरकार को मुंबई हमले के दोषी अजमल आमिर कसाब की बिरयानी की तो चिंता है लेकिन भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ने वालों की कोई परवाह नहीं है। टीम अन्ना के सदस्य संजय सिंह ने कहा कि केन्द्र की सरकार असंवेदनशील है। उसे अनशनकारियों की कोई परवाह नहीं है।
बालकृष्ण की जान को खतरा
इस बीच योग गुरू बाबा रामदेव ने कहा है कि अगर सरकार ने अन्ना हजारे की मांगे नहीं मानी तो उनका और अन्ना का आंदोलन एक हो जाएगा। बाबा रामदेव का आंदोलन 9 अगस्त से शुरू हो रहा है। बाबा ने कहा कि उनके सहयोगी आचार्य बालकृष्ण की जान को खतरा है। बालकृष्ण को जेल में 50 खूंखार कैदियों के साथ रखा गया है। बालकृष्ण को धीमा जहर देकर मारा जा सकता है। कैदियों को बालकृष्ण पर हमले के लिए उकसाया जा सकता है। यह सब केन्द्र और उत्तराखण्ड की कांग्रेस सरकार के इशारे पर हो रहा है।
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