आरक्षण लेकर रहेंगे 
बयाना
गुर्जर आरक्षण की लड़ाई समाज के लोगों द्वारा सामूहिक रूप से लड़ी जाएगी। गुर्जरों के आरक्षण का मुद्दा अब उस मुकाम पर आ गया है कि उसका तत्काल निस्तारण किया जाना आवश्यक है। गुर्जरों के लिए आरक्षण अब अस्मिता का सवाल है। इसे हर हाल में लिया जाएगा। यह बाते पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना ने गुरुवार को बयाना में पत्रकार वार्ता के दौरान कही। उन्होंने कहा कि गुर्जरों की मूल मांग एसटी के आरक्षण की थी। समझौते के बाद 5 प्रतिशत अंतरिम राहत के रूप में दिया गया, लेकिन वो भी आज तक नहीं मिल सका है। इसके लिए समाज के 72 लोग कुर्बानी दे चुके है। यदि गुर्जर एसटी के मापदंड पूरा करते है तो उसके हकदार है। 
सरकार संवैधानिक तौर पर एसबीसी की चार जातियों के हक को संख्या के आधार पर जो बनता हो उसे पूरा दे। जिसमें कोर्ट व सरकार को एतराज नहीं हो। गत दिनों दौसा में स्व.राजेश पायलट की प्रतिमा अनावरण के मौके पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, हरियाणा के मुख्यमंत्री व राष्ट्रीय महासचिव के सामने सचिन पायलट ने भी आरक्षण के लिए ओबीसी कमीशन के चेयरमैन, मुख्यमंत्री व दिल्ली में से चर्चा कर आरक्षण पर पूर्ण विराम लगाने की बात कही, लेकिन अभी तक कुछ नहीं हो सका। इसके अलावा कहा कि गुर्जरों ने मुगलों से लेकर अग्रेजों तक से लड़ाई लड़ी है। आरक्षण आंदोलन में प्रदेश के ही नहींं पूरे देश के गुर्जर समाज के लोगों ने सक्रिय होकर समर्थन किया। आज उनको उनका हक नहीं मिल सका है। इससे गुर्जर समाज में काफी आक्रोश व असंतोष व्याप्त है। आरक्षण का हक जब तक नहीं मिलेगा तब तक चैन से नही बैठेंगे। 
आने वाले समय में आरक्षण की लड़ाई अकेले किसी के सहारे व एक स्थान से नहीं लड़ी जाएगी। समाज एसबीसी में शामिल अन्य जातियों को लेकर सामूहिक रूप से लड़ी जाएगी। इसके लिए 21 सदस्यीय प्रदेश व्यापी गुर्जर आरक्षण संयुक्त संचालन समिति का गठन किया जा चुका है। समिति के सदस्य 5 सितंबर को सिकंदरा में होने वाली महापंचायत से पूर्व प्रदेश के विभिन्न हिस्सों का दौरा कर संपर्क करेगे। 5 सितंबर से पूर्व 3 सितंबर को कैमरी करौली के जगदीश धाम पर प्रदेश के प्रमुख लोगों की बैठक होगी। इसमें आगामी रणनीति को लेकर चर्चा कर निर्णय लिए जाएंगे। 4 सितंबर को पूरी रणनीति तैयार कर 5 सितंबर को होने वाली प्रदेश स्तरीय महापंचायत में रखकर सहमति ली जाएगी। 
इस बार आरक्षण को लेकर होने वाला आंदोलन अंतिम दौर का होगा। व आरपार का फैसला किया जाएगा। आरक्षण को लेने के लिए तहसील व जिलास्तरीय समितियों का गठन किया जाएगा। पंचायत में गुर्जर समाज के सभी लोगों को आमंत्रित किया जाएगा चाहे वह किसी भी दल में क्यों न हो सभी समाज हित में आकर कार्य करें जिससे समाज का भला हो सके। इस दौरान उपजिला प्रमुख रामस्वरूप कांमर, रेवतीरमन, गिरधर पटेल, दीवान शेरगढ़, बंजारा समाज के प्रदेश प्रदेश संयोजक व बंजारा क्रांति दल के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष मानसिंह बंजारा, रामकुमार भीमनगर, पूर्व थानेदार गिर्राज पटेल, गुमान शेरगढ़, हरभान दमदमा आदि शामिल थे। 

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