अन्ना का ऎलान,अब राजनीति भी करेंगे
नई दिल्ली।
गांधीवादी समाजसेवक अन्ना हजारे ने साफ कर दिया है कि अगर जनता चाहेगी तो उन्हें राजनीति से भी कोई एतराज नहीं। देश की राजनीति पार्टियों के आचरण से तंग आई जनता अब विकल्प चाहती है। बड़े पैमाने पर देश की जनता जनलोकपाल की मांग कर रही है, लेकिन सरकार जनता की इस मांग को स्वीकार नहीं कर रही। ऎसे में जनता को विकल्प की जरूरत है। हम जनता के बीच इस बात को लेकर जाएंगे। उनकी राय जानेंगे। जनता से कहेंगे अपने क्षेत्र में कोई आदर्श व्यक्ति चुनिए, वह सेवाभावी, ईमानदार हो। हम भी उसके पीछे खड़े हो जाएंगे। जनता कहेगी तो राजनीतिक दल बनाने में भी कोई एतराज नहीं। हालांकि अन्ना ने साथ किया कि वे खुद किसी राजनीतिक दल का गठन नहीं करेंगे। लेकिन अगर भ्रष्टाचार के खिलाफ कोई राजनीतिक दल बनता है तो वे उसका पूरा समर्थन करेंगे। उन्हें एतराज नहीं है अगर अरविंद केजरीवाल, किरणबेदी, बाबा रामदेव जैसे लोग कोई राजनीतिक पार्टी का गठन करें। भ्रष्टाचार के मुद्दे पर हम उनका पूरा साथ देंगे।एक न्यूज चैनल से बातचीत के दौरान अन्ना ने यह भी कहा कि वे जल्द ही जनता के बीच जाएंगे, लोगों को कांग्रेस, भाजपा, बसपा, सपा समेत सभी राजनीतिक दलों की करनी बताएंगे। उन्होंने अपनी टीम में किसी तरह की दरार से इनकार करते हुए कहा कि जन्तर मन्तर पर चल रहे टीम के अनशन को लेकर कोई मनमुटाव नहीं है। हमारा मुख्य मुद्दा अब भी जन लोकपाल है। टीम 15 दागी मंत्रियों की बात इसलिए उठा रही हैं क्योंकि ये दागी ही लोकपाल को संसद में पास होने में रूकावट डाल रहे हैं। इन 15 मंत्रियों के घर जाने से भ्रष्टाचार नहीं रूकेगा। महाराष्ट्र में छह भ्रष्ट मंत्री हटा दिए गए क्या उससे भ्रष्टाचार रूका। अन्ना ने कहा कि 65 प्रतिशत भ्रष्टाचार तो सिर्फ सख्त लोकपाल बिल पास होने पर ही रूकेगा।
आखिर अनशन का यह सिलसिला कब थमेगा सवाल के जवाब में अन्ना ने कहा कि गांधीजी कहते थे आशावादी बने रहो, हमें आशा है कि सरकार के दिमाग में अच्छा विचार आ जाए और वह लोकपाल बिल पास करा दे। लोकपाल बन जाने के बाद दागियों का नम्बर आएगा। अन्ना ये जब यह पूछा गया कि आप प्रणब को भ्रष्टाचारी कहते रहे हैं फिर भी उनकी तारीफ क्यों की। इस सवाल के जवाब में अन्ना ने कहा कि प्रणब अब राष्ट्र के सर्वोच्च पद पर हैं। हम पद का सम्मान करते हैं।
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