महिला शक्ति को मिला दवाओं का संबल 
बाडमेर।

जनहितेशी राज्य सरकार की ओर से गांधी व शास्त्री जयंती पर शुरू की गई मुख्यमंत्री नि:शुल्क दवा योजना का असर अब व्यापक रूप से चहुं ओर नजर आने लगा है। आमजन जहां इस योजना से लाभान्वित हो रहा है, वहीं राज्य की महिलाएं भी योजना का लाभ उठा रही हैं। अब उन्हें सामान्य बीमारी की स्थिति में घरेलू बजट नहीं बिगाड़ना पड़ता, बल्कि सरकारी चिकित्सालयों में पूर्णतः नि:शुल्क दवा उपलब्ध हो जाती है। यही वजह है कि 02 अक्टूबर 2011 से पूर्व और बाद के आंकड़ों पर नजर डालें तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आते हैं। पहले के मुकाबले अब दोगुनी से कहीं अधिक दवा महिलाओं को सुलभ होने लगी है। आंकड़े बयां करते हैं कि पहले यही दवाएं निजी मेडिकल स्टोर से लेनी पड़ती, जिस कारण महिलाओं को एक बड़ी रकम अदा करनी होती थी लेकिन योजना शुरू होने के बाद इस नौबत से छुटकारा मिला है। बाडमेर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग द्वारा वशर 20102011 और 20112012 के सरकारी चिकित्सालयों के आंकड़ों पर किए गए एक अध्ययन में ये तथ्य सामने आए हैं। जिला कलेक्टर डॉ. वीणा प्रधान का कहना है कि यदि आमजन में जागरूकता का आलम यूंही ब़ता रहा तो इन आंकड़ों में भी ब़ोतरी और अधिक होगी। उनका मानना है कि राज्य सरकार ने बेहतरीन निर्णय लेते हुए आमजन की खातिर यह महत्वाकांक्षी योजना लागू की, जो आज अति लोकप्रिय योजना बनकर सामने आई है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अजमल हुसैन ने बताया कि जिला कलेक्टर डॉ. वीणा प्रधान के आदेशानुसार बाडमेर के आठों ब्लॉकों पर एक औपचारिक अध्ययन करवाया गया। जिसमें 0 से छह आयु वशर तक की बालिकाओं और छह वशर से उपर की महिलाओं को मिलने वाली दवाओं के तथ्य शामिल किए गए। इसमें वशर 20102011 और 20112012 के आंकड़ों का तुलनात्मक अध्ययन किया गया। जिसमें सामने आया कि सभी ब्लॉकों पर स्थित सरकारी चिकित्सालयों में दवाओं की संख्या 99 से 100 प्रतिशत की ब़ोतरी हुई है। जिला आईईसी समन्वयक विनोद बिश्नोई के मुताबिक बाडमेर ब्लॉक में 0 से छह आयु वशर तक की बालिकाओं को 20102011 में जहां 5794 को दवा दी गई वहीं 201112 में यह संख्या ब़कर 15255 हो गई। इसी तरह बालोतरा ब्लॉक में 0 से छह आयु वशर तक की बालिकाओं को 20102011 में जहां 304 को दवा दी गई, जबकि 201112 में 1441 को, सिणधरी ब्लॉक में 20102011 में 4464 को दवा दी गई, जबकि 201112 में 8220 को, शिव ब्लॉक में 20102011 में 6429 को दवा दी गई, जबकि 201112 में 11921 को, सिवाणा ब्लॉक में 20102011 में 7934 को दवा दी गई, जबकि 201112 में 13273 को, धोरीमन्ना ब्लॉक में 20102011 में 4600 को दवा दी गई, जबकि 201112 में 7621 को और चौहटन ब्लॉक में 20102011 में जहां 2135 बालिकाओं को दवा दी गई, जबकि 201112 में यह संख्या 5032 तक पहुंच गई। इससे सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि योजना लागू होने के बाद बालिकाओं को बेहतरीन स्वास्थ्य सुविधाओं के साथसाथ दवाएं भी नि:शुल्क मिल रही हैं। वहीं छह वशर आयु से ज्यादा की किशोरी व महिलाओं को बाडमेर ब्लॉक में 20102011 में जहां 3711 को दवा दी गई, जबकि 201112 में यह संख्या ब़कर 9374 हो गई। इसी तरह बालोतरा ब्लॉक में 20102011 में 2713 को दवा दी गई, जबकि 201112 में 7008 को, सिणधरी ब्लॉक में 20102011 में 4725 को दवा दी गई, जबकि 201112 में 15753 को, शिव ब्लॉक में 20102011 में 2515 को दवा दी गई, जबकि 201112 में 14566 को, सिवाणा ब्लॉक में 20102011 में 16939 को दवा दी गई, जबकि 201112 में 39723 को, धोरीमन्ना ब्लॉक में 20102011 में 28783 को दवा दी गई, जबकि 201112 में 34074 को दवा मिली। वहीं चौहटन ब्लॉक में 20102011 में जहां 8633 किशोरियों व महिलाओं को दवा दी गई, जबकि 201112 में यह आंकड़ा 14929 को छू गया। यानी छह वशर आयु तक की बालिकाओं के मुकाबले किशोरियों व महिलाओं को मिलने वाली दवाओं में अधिक ब़ोतरी हुई। लबोलुआब, यही है कि अतिसंवदेनशील राज्य सरकार ने नि:शुल्क दवा योजना लागू कर जहां राज्य की गरीब व निर्धन जनता को सीधे तौर पर लाभान्वित किया है, वहीं आमजन को योजना लागू होने से राहत मिली है।

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