बाबा-केजरीवाल में मतभेद,छोड़ा मंच
नई दिल्ली।
योग गुरू बाबा रामदेव और टीम अन्ना के एकता के दावे की उस समय हवा निकल गई जब अरविंद केजरीवाल दिल्ली के जंतर मंतर पर चल रहे अनशन को बीच में छोड़कर चले गए। केजरीवाल ने जब मंच से नेताओं के नाम लेकर हमला बोला तो बाबा को यह रास नहीं आया। बाबा ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं है। केजरीवाल को किसी का नाम नहीं लेना चाहिए था। इससे विवाद पैदा हो सकता है। कृपया किसी पर व्यक्तिगत हमला न करें। यह पहले ही तय हुआ था कि किसी का नाम नहीं लिया जाएगा। हम चाहते थे कि बात मुद्दों पर ही केन्द्रित रहे। इस बीच अन्ना हजारे ने कहा है कि टीम अन्ना और बाबा के बीच कोई मतभेद नहीं है। केजरीवाल ने दी सफाई
अनशन के बीच मंच छोड़े जाने पर केजरीवाल ने सफाई दी है कि तबीयत खराब होने की वजह से वह मंच से उठकर चले गए थे। केजरीवाल ने कहा कि उनकी तबीयत पिछले तीन चार दिन से खराब है और वह सुबह से ही दवाई लेकर मंच पर बैठे हुए थे। अरविंद ने कहा कि वह बाबा रामदेव का बहुत सम्मान करते हैं और उनकी सलाह को लेकर कतई नाराज नहीं है।
केजरीवाल ने कहा कि नाम लेने या न लेने के मुद्दे पर वह योग गुरू से मिलकर बात करेंगे। उन्होंने साफ किया कि बाबा रामदेव की वह बहुत इज्जत करते हैं और उनसे किसी प्रकार का मतभेद नहीं है। वह मंच से गुस्से में उठकर नहीं आए। उन्होंने कहा कि बाबा रामदेव से अनुमति लेकर ही वह मंच से गए थे। अन्ना टीम के एक सदस्य संजय सिंह ने कहा कि केजरीवाल की तबीयत खराब चल रही है और पहले से ही डॉक्टर से परामर्श का उनका समय तय था।
क्या कहा था केजरीवाल ने
केजरीवाल ने अपने भाषण में एक पत्र का उल्लेखन करते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, मुलायम सिंह यादव और लालू प्रसाद यादव पर हमला किया। केजरीवाल ने कहा कि हमने लोकपाल बिल के लिए पीएम को पत्र लिखा था। संसद में बहस के दौरान लालू प्रसाद यादव ने कहा कि टीम अन्ना जब पीएम को सेवक समझती है तो हमें क्या समझेगी।
मुलायम सिंह यादव ने कहा था कि यदि लोकपाल बिल पास हो जाएगा तो कोई दरोगा हमें पकड़कर जेल में डाल देगा। मुलायम जी को डर क्यों लग रहा है। दरोगा तो चोर को पकड़ कर जेल में बंद करते है। केजरीवाल ने कहा कि कोई भी नेता नहीं चाहता है कि लोकपाल बिल पास हो। क्योंकि इसके पास होने के बाद वह परेशानी में पड़ जाएंगे।
0 comments:
एक टिप्पणी भेजें