दक्षिण अफ्रीका पहुंचीं राष्ट्रपतिदक्षिण अफ्रीका के साथ संबंधों को और प्रगाढ़ बनाने के इरादे के साथ राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल दक्षिण अफ्रीका पहुंच गई हैं. अपने एक बड़े व्यापारिक सहयोगी दक्षिण अफ्रीका के साथ संबंधों को और प्रगाढ़ बनाने के इरादे के साथ राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल मंगलवार को दक्षिण अफ्रीका पहुंची. एक सप्ताह के इस दौरे में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है. यह उनकी नौ दिवसीय विदेश यात्रा का दूसरा चरण है. पहले चरण में उन्होंने सेशेल्स की यात्रा की थी. यहां पहुंचने पर हवाईअड्डे पर दक्षिण अफ्रीकी विदेश मंत्री एनकोआना मासहाबाने ने उनकी अगवानी की. प्रतिभा पाटिल 25 जुलाई को सेवानिवृत्त होने जा रही हैं. यह संभवत: उनकी अंतिम विदेश यात्रा है. दक्षिण अफ्रीका प्रवास के दौरान वह राष्ट्रपति जैकब जुमा से मुलाकात करेंगी. राष्ट्रपति के साथ एक व्यावसायिक प्रतिनिधिमंडल भी गया है. यह प्रतिनिधिमंडल भारत दक्षिण अफ्रीका व्यापार मंच को संबोधित करेगा. दोनों देशों के बीच व्यापार करीब 11 अरब डॉलर का है. 2014 तक इसे बढ़ाकर 15 अरब डॉलर करने का लक्ष्य है. इससे पूर्व सेशेल्स के राष्ट्रपति जेम्स मिशेल और उनके मंत्रिमंडल के अन्य सदस्यों ने प्रतिभा को विक्टोरिया हवाईअड्डे पहुंचकर विदाई दी. भारत ने सेशल्स के लिए आर्थिक पैकेज की घोषणा के साथ दो सहमति पत्रों पर भी हस्ताक्षर किए हैं. प्रतिभा पाटिल के सम्मान में बीती रात जेम्स मिशेल ने रात्रिभोज दिया. इस दौरान उन्होंने समुद्री डकैतों से मुकाबले में भारत के समर्थन की तारीफ की थी और 7.5 करोड़ डॉलर का वित्तीय पैकेज देने पर भारत का शुक्रिया अदा किया था. राष्ट्रपति मिशेल ने पाटिल की इस यात्रा को ‘मील का पत्थर’ करार देते हुए कहा, ‘हम इस बात को लेकर आस्त हैं कि जब भारत दमकता है तो इसकी चमक हमारे समूचे क्षेत्र पर पड़ती है.’ उन्होंने कहा,‘मैं इस बात को लेकर आशावान हूं कि निकट भविष्य में व्यापार, निवेश, पर्यटन एवं परिवहन जैसे क्षेत्रों में भी आपसी संबंधों में इजाफा होगा. चूंकि सेशल्स भी तेल खोजने की कगार पर है और भारत भी अक्षय ऊर्जा प्रौद्योगिकी के उत्पादन में लगातार इजाफा कर रहा है तो मैं भी दोनों देशों के बीच नई ऊर्जा साझेदारी को लेकर आस्त हूं.’
राष्ट्रपति पाटिल के सेशेल्स के दो दिवसीय दौरे की खास बात यह रही कि उन्हें मेजबान देश की संसद को संबोधित करने का सम्मान मिला. वह किसी देश की पहली ऐसी नेता हैं जिन्हें यह सम्मान मिला. भारत जहां विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है वहीं सेशेल्स दुनिया का सबसे छोटा गणराज्य है जिसकी आबादी महज 90,000 है.
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