कबूल नहीं होगी जरदारी की दुआ
मुंबई, शिव सेना प्रमुख बाल ठाकरे का मानना है कि अजमेर शरीफ की ड्योढ़ी पर पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी की दुआ कबूल नहीं होगी क्योंकि उनका देश भारत पर हमेशा बुरी दृष्टि रखता है। जरदारी आगामी रविवार को निजी यात्रा पर दिल्ली आ रहे हैं। वहां से वह अजमेर शरीफ जाएंगे।ठाकरे ने अपनी पार्टी के मुखपत्र 'सामना' के संपादकीय में लिखा है कि अजमेर शरीफ में ऐसे लोगों की दुआ कैसे कबूल हो सकती है जो भारत पर बुरी दृष्टि रखते हों। जरदारी की यात्रा का उद्देश्य न तो दोनों देशों के रिश्तों में सुधार लाना है, न ही वह यहां चल रहे पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद को रोकने के इच्छुक हैं। उन पर भ्रष्टाचार के तमाम आरोप हैं। उन्हें जेल भी जाना पड़ सकता है। पाकिस्तान में आम जनता की भावनाएं भी उनके विरुद्ध हैं।ठाकरे जरदारी को यह याद दिलाना भी नहीं भूले कि उनके पूर्ववर्ती राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ को अजमेर शरीफ की यात्रा के बाद ही न सिर्फ अपना पद बल्कि देश भी छोड़ना पड़ा था। इसलिए उन्हें अजमेर यात्रा पर आने से पहले दो बार सोचना चाहिए। उल्लेखनीय है कि जरदारी अजमेर में ख्वाजा मोइनुद्दीन चिस्ती की दरगाह पर माथा टेकने से पहले दिल्ली में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ के साथ दोपहर का भोजन भी करेंगे। इस दौरान प्रधानमंत्री के साथ उनकी राजनीतिक बातचीत भी होने की संभावना है।
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