आशाये रोकेगी बाल विवाह
बाडमेर। जिला स्वास्थ्य भवन में शनिवार को बाल विवाह को लेकर आशा सहयोगिनियों की कार्याशाला आयोजित की गई। आईईसी अनुभाग की ओर से मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अजमल हुसैन की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्याशाला में उच्चाधिकारियों ने बाल विवाह को पूरी तरह से रोकने के लिए आशाओं की भूमिका पर चर्चा की। सीएमएचओ डॉ. हुसैन ने आशाओं को संबोधित करते हुए कहा कि आगामी 24 अप्रेल को आखातीज पर बाल विवाह होने की प्रबल संभावना रहेगी। इस सामाजिक कुप्रथा रोकने के लिए जिला प्रशासन सहित स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क रहेगा, जिसमें आशा सहयोगिनियों की भूमिका अहम होगी। उन्होंने कहा कि बाल विवाह नहीं करने के लिए आमजन को प्रेरित करें और जनजागरूकता पैदा करें। इसके अलावा जहां कहीं भी बाल विवाह होने की जानकारी मिले, उसकी सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन में दें। आईईसी समन्वयक विनोद बिनोई ने कहा कि ज्यादा से ज्यादा प्रचारप्रसार से ही इस कुप्रथा से रोक संभव है, क्योंकि समाज में जितनी अधिक जागरूकता आएगी उतना ही उसका प्रभाव होगा। आशाओं को भ्रमण के दौरान घर-घर जाकर लोगों में बाल विवाह के बारे में बताने के लिए प्रेरित किया गया। आईसीडीएस के सुपरवाईजर दूर्गसिंह सोढा ने कहा कि वे हर संभव प्रयास कर इस मुहीम को आगे ब़ाएंगे और जनमानस में बाल विवाह के प्रति जागृति पैदा करेंगे। कार्याशाला में आशा समन्वयक राको भाटी, आईईसी समन्वयक विनोद बिनोई, आयुश अधिकारी डॉ. अनिल झा, आईसीडीएस सुपरवाईजर दूर्गसिंह सोढा, डॉ. मुकेश गर्ग, जयंत चटर्जी आदि मौजूद थे।
पोलियो अभियान में निभाएं भागीदारी
रविवार को जिलास्तर पर आयोजित होने वाले पोलियो अभियान को लेकर भानिवार को जिला स्वास्थ्य भवन में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अजमल हुसैन की अध्यक्षता में बैठक हुई। बैठक में अभियान को सफल बनाने को लेकर चर्चा की गई। इस अवसर पर आशाओं को पल्स पोलियो अभियान में भागीदारी निभाने के लिए निर्देश दिए गए। सीएमएचओ डॉ. हुसैन ने कहा कि प्रत्येक बूथ पर आशाओं की भागीदारी नजर आनी चाहिए ताकि राश्ट्रीय कार्यक्रम को सफल बनाया जा सके। उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि विव स्वास्थ्य संगठन ने भारत को पोलियो मुक्त घोशित कर दिया है और इसे निरंतर बनाए रखने के लिए सभी की भागीदारी जरूरी है। उल्लेखनीय है कि रविवार को जिले के प्रत्येक बूथ पर पोलियो दवा पिलाई जाएगी। सोमवार को घर-घर जाकर दवा पिलाई जाएगी।
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