पेट्रोल सस्ता,बीड़ी सिगरेट महंगी
जयपुर। महंगाई की मार झेल रही राजस्थान की जनता को बड़ी राहत मिली है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आम जनता को बड़ी राहत देते हुए पेट्रोल सस्ता कर दिया है। गहलोत ने विधानसभा में साल 2012-13 का बजट पेश करते हुए पेट्रोल पर वैट की दर में कमी करने की घोषणा की है। पेट्रोल पर वैट की दर में 2 फीसदी की कमी की गई है। पहले वैट की दर 28 फीसदी थी जो अब 26 फीसदी हो गई है। वैट दर में कमी के बाद प्रदेश में पेट्रोल करीब 1 रूपए 30 पैसा सस्ता हो जाएगा। पेट्रोल पर वैट की दर में कमी की पहले से ही उम्मीद थी। गोवा की सरकार ने हाल ही में पेट्रोल पर वैट के दरों में कमी की घोषणा की थी।
सिनेमा देखना और टू व्हिलर सस्ते
टू व्हिलर खरीदने वालों को बड़ी राहत मिली है। 125 सीसी वाले टू व्हिलर पर लगने वैट की दर को 8 फीसदी से घटाकर 4 फीसदी कर दी गई है। इससे टू व्हिलर सस्ते हो जाएंगे। इसके साथ ही कूलर, धूप के चश्मे, त्रिपाल,टैंट, सोलर,पॉवर व बायोगैस के प्लांट में काम आने वाले उपकरण सस्ते हो गए हैं। जबकि बीड़ी,सिगरेट, पान मसाला और गुटखा महंगा हो गया है।
गहलोत के बजट में नौकरियों की भरमार
जयपुर। राजस्थान सरकार ने बेरोजगारों को बड़ी सौगात दी है। शिक्षा और चिकित्सा क्षेत्र में हजारों नौकरियां देने की घोषणा की गई है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने साल 2012-13 का बजट पेश करते हुए 20 हजार नए शिक्षकों की भर्ती की घोषणा की। उन्होंने मदरसों में एक हजार टीचरों की भर्ती किए जाने की भी घोषणा की है।
उर्दू विषय के व्याख्याताओं के 100 पदों, प्रधानाध्यपकों के 200 पदों और तृतीय श्रेणी शिक्षकों के 500 पदों पर भर्ती की घोषणा की गई है। चिकित्सा के क्षेत्र में 21 हजार नई नौकरियों की घोषणा की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2 साल में 3 हजार नए स्वास्थ्य केन्द्र खोले जाएंगे। 1 हजार नए स्वास्थ्य कर्मियों की भर्ती होगी। सहयाक कृषि अधिकारियों के नए पद सृजित करने की घोषणा की गई है।
जयपुर में जल्द खुलेगी जर्नलिज्म यूनिवर्सिटी
जयपुर। राजस्थान के छात्रों को पत्रकारिता की पढ़ाई के लिए अब दूसरे राज्य में नहीं जाना पड़ेगा। प्रदेश की राजधानी जयपुर में ही वे पत्रकारिता की पढ़ाई कर सकेंगे। जल्द ही जयपुर में पत्रकारिता व जनसंचार विश्वविद्याल बनेगा। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने साल 2012-13 का आम बजट पेश करते हुए इसकी घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि काफी समय से प्रदेश में एक उच्च स्तरीय पत्रकारिता संस्थान की जरूरत थी। उन्होंने कहा कि इस विश्वविद्याल की स्थान पर 10 करोड़ रूपए खर्च होंगे।

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