मल्लीनाथ पशु मेले में उमड़ा हुजूम
बालोतरा। देश विख्यात मल्लीनाथ पशुमेला तिलवाड़ा में इस वर्ष बड़ी संख्या में पहुंचे पशुओं व पशु व्यापारियों के कारण रौनक बनी हुई है। मेले का आनंद उठाने व जरूरत के सामान की खरीदारी करने के लिए हर रोज हजारों की संख्या में मेलार्थी पहुंच रहे हैं।प्रसिद्ध मल्लीनाथ पशु मेला तिलवाड़ा इस वर्ष देशी सैलानियों की पसंद बना हुआ है। मेले में हजारों की संख्या में पहुंचे पशुओं को निहारने व सैकड़ों लगी दुकानों पर खरीदारी करने को लेकर हर रोज हजारों मेलार्थी पहुंच रहे हैं। गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष मौसम भी मेलार्थियों के अनुकूल बना हुआ है। मेले में अभी तक पशुओं की खरीद फरोख्त में तेजी नहीं आई है। पशु व्यापारी मोल भाव करने में जुटे हुए है। तीन वर्ष से कम आयु के बछेड़ों को राज्य से बाहर ले जाने को लेकर राज्य सरकार द्वारा लगाई रोक पर पशु व्यापारी खरीदी में ज्यादा रूचि नहीं ले रहे हैं। मेले में अब तक सर्वाधिक 1 लाख 71 हजार में घोड़ा बिका है। शुक्रवार को रवानगी चिट्टी कटने के साथ ही पशुओं की रवानगी शुरू होगी।
मेले हमारी संस्कृति की धरोहर
मेले हमारी संस्कृति की धरोहर है। तिलवाड़ा का मल्लीनाथ पशु मेला न केवल भारत वरन् विदेशों में भी जाना पहचाना जाता है। पशु मेले में गुरूवार को आयोजित पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्य अतिथि जिला प्रमुख श्रीमती मदन कौर ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि इस मेले के विकास के लिए सरकार की ओर से भरसक प्रयास किए गए हैं। पशुपालकों को आकर्षित करने के लिए और अधिक प्रयास किए जाएंगें। विशिष्ट अतिथि प्रधान श्रीमती जमना देवी गोदारा ने भी विचार रखे।
मेला मैदान पर पशुपालन विभाग की ओर से पुरस्कार वितरण समारोह में विभाग की ओर से आयोजित पशु प्रतियोगिताओं में विजेता रहे सभी प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम में उपखंड अधिकारी कमलेश आबूसरिया ने कहा कि देश व परिवार में समृद्धि लाने के लिए उन्नत नस्ल के पशु अपनाएं। पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक जी पी पंचोरी ने स्वागत भाषण प्रस्तुत करते हुए कहा कि पशुपालन व्यवसाय को अपनाएं। मेला अधिकारी बी आर जेदिया ने आभार ज्ञापित किया।
संगोष्ठी आयोजित
जल संरक्षण के अभाव में भूमिगत जल में अधिक गिरावट आ रही है। इससे आने वाले वर्षो में जल संकट की भारी समस्या खड़ी हो जाएगी। ग्राम पंचायत मांजीवाला सरपंच कूंपाराम पंवार ने बुधवार शाम मल्लीनाथ पशुमेला तिलवाड़ा में क्षेत्रीय प्रचार कार्यालय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय भारत सरकार शाखा जोधपुर, बाड़मेर द्वारा आयोजित संगोष्ठी कार्यक्रम में विचार व्यक्त करते हुए यह बात कही। क्षेत्रीय प्रचार अधिकारी राजेश मीणा ने पशुपालकों व किसानों को कहा कि जल संकट से बचने के लिए जागरूक होकर जल संरक्षण करें।मेला अधिकारी बी आर जेदिया ने भी जल संरक्षण करने की बात कही। इस अवसर पर निदेशालय की ओर से मौखिक, रस्साकशी प्रतियोगिता आयोजित की गई। इस अवसर पर तिलवाड़ा सरपंच अन्नपूर्णा भाटी, डॉ. अजय गोस्वामी, डॉ. नारायणसिंह, पूर्व सरपंच गोपाराम पालीवाल मौजूद थे।
इनका हुआ सम्मान
समारोह के दौरान जिला प्रमुख श्रीमती मदन कौर ने मेले के दौरान उत्कृष्ट सेवाओं पर कई जनों का सम्मान किया। क्षेत्रीय प्रचार अधिकारी नरेंद्र तनसुखानी, तिलवाड़ा सरपंच सुश्री अन्नपूर्णा भाटी, झंडा पुजारी पं.जोगराज दवे, सागरमल, अणदाराम आदि को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।

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