सीबीआई के समक्ष पेश होगी इंद्रा!
जोधपुर. भंवरी मामले में फरार इंद्रा विश्नोई सीबीआई के सामने 5 मार्च को पेश हो सकती है। इंद्रा के वकील के इस कथन पर हाईकोर्ट ने 5 मार्च तब तक इंद्रा के गिरफ्तारी वारंट पर अंतरिम रोक लगाते हुए कहा कि इसके बावजूद वह नहीं आती है तो इसे कोर्ट की अवमानना माना जाएगा। यह आदेश न्यायाधीश आरएस चौहान ने गुरुवार को इंद्रा की ओर से उसके गिरफ्तारी वारंट को चुनौती देने वाली याचिका की सुनवाई में दिए। इससे पहले सुनवाई के दौरान इंद्रा के वकील ने उसके 5 मार्च को सीबीआई के समक्ष पेश होने की कन्फर्मेशन दी थी। न्यायाधीश ने आदेश में यह भी कहा कि उसकी संपत्ति कुर्क किए जाने को चुनौती देने वाली याचिका की सुनवाई भी अब छह मार्च को होगी। फरार इंद्रा विश्नोई के खिलाफ अपर मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट (सीबीआई) कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट जारी हो चुके हैं और उसकी संपत्तियां भी कुर्क कर ली गई हैं। करीब तीन माह से फरार इंद्रा ने अपने वकील मनोज गर्ग के मार्फत हाईकोर्ट में गिरफ्तारी वारंट और कुर्की की कार्रवाई को चुनौती दी थी। बुधवार को हाईकोर्ट मे सुनवाई के दौरान वकील ने कहा था कि इंद्रा जांच में सहयोग करने के लिए तैयार है, मगर सीबीआई उसे बेवजह गिरफ्तार करना चाहती है। वह पहले भी कई बार सीबीआई के बुलावे पर आई थीं। अब भी हाजिर हो सकती है, मगर गिरफ्तारी रोकी जाए। इस पर न्यायाधीश आरएस चौहान ने वकील से कहा था कि इंद्रा आने को तैयार हो तो वारंट रोक सकते हैं। गुरुवार को सुनवाई जारी रखते हुए हाईकोर्ट ने वकील मनोज गर्ग से फिर कहा कि वे इंद्रा से संपर्क कर बताएं कि कब आ रही है? कानून के दायरे में बंध गई इंद्रा
हाईकोर्ट के इस फैसले से इंद्रा को 5 मार्च तक सीबीआई के समक्ष पेश होना पड़ेगा। यदि वह नहीं आती है तो यह कोर्ट के आदेश की अवमानना होगी और गिरफ्तारी वारंट बहाल हो जाएगा। उससे कुर्की की कार्रवाई का विरोध करने वाली याचिका भी खत्म हो सकती है। यदि वह पूछताछ के लिए हाजिर होती है तो उसकी गिरफ्तारी की आशंका भी बनी रहेगी। दोनों ही स्थिति में इंद्रा कानून के दायरे में बंध चुकी हैं।
मदेरणा-मलखान की अंतरिम जमानत पर फैसला आज
जेल में बंद पूर्व मंत्री महिपाल मदेरणा और लूणी विधायक मलखानसिंह विश्नोई को अंतरिम जमानत देने का फैसला अपर मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट (सीबीआई) ने सुरक्षित रखा है। मदेरणा ने अस्पताल में भर्ती अपने पिता परसराम मदेरणा और बीमार मां से मिलने तथा विधानसभा के बजट सत्र में शामिल होने के लिए 60 दिन और मलखानसिंह ने भी बजट सत्र के लिए 40 दिन की अंतरिम जमानत मांगी है। महानगर मजिस्ट्रेट जेपी ज्याणी ने सुनवाई पूरी कर फैसला शुक्रवार तक सुरक्षित रख लिया है।
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