छूट की सीमा 3 लाख होगी
नई दिल्ली। अगर सरकार ने वित्तीय मामलों की संसदीय समिति की रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया तो आयकर में छूट की सीमा बढ़ना तय है। वित्तीय मामलों की संसदीय समिति में इस बात पर सहमति बन गई है कि आयकर में छूट की सीमा 3 लाख रूपए तक कर दी जाए। फिलहाल 1 लाख 80 हजार की आय पर कोई टैक्स नहीं लगता है। बढ़ती महंगाई के चलते संसदीय समिति ने आयकर में छूट की सीमा बढ़ाने की सिफारिश की है।
इस बीच, कांग्रेस ने भी वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी पर आयकर में छूट की सीमा बढ़ाने का दबाव बनाना शुरू कर दिया है। पार्टी नेताओं ने गुरूवार को प्रणव मुखर्जी से मुलाकात की। इन नेताओं ने कहा कि छूट की सीमा बढ़ाने मेे ज्यादा टालमटोल नहीं करनी चाहिए क्योंकि इससे कोई फायदा नहीं होगा। बजट सत्र से पहले कांग्रेसी नेताओं की वित्त मंत्री से हुई इस मुलाकात को काफी अहम माना जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस की नजर मध्य वर्ग पर है। आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर मध्य वर्ग को लुभाने के लिए कांग्रेस आयकर में छूट की सीमा बढ़ाए जाने पर जोर दे रही है। सूत्रों के मुताबिक मुखर्जी ने वरिष्ठ मंत्रियों और एआईसीसी नेताओं से बात कर देश के आर्थिक हालात के बारे में जानकारी दी थी। प्रणव ने कहा था कि वैश्विक आर्थिक हालत का भारत पर भी असर पड़ रहा है।
नई दिल्ली। अगर सरकार ने वित्तीय मामलों की संसदीय समिति की रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया तो आयकर में छूट की सीमा बढ़ना तय है। वित्तीय मामलों की संसदीय समिति में इस बात पर सहमति बन गई है कि आयकर में छूट की सीमा 3 लाख रूपए तक कर दी जाए। फिलहाल 1 लाख 80 हजार की आय पर कोई टैक्स नहीं लगता है। बढ़ती महंगाई के चलते संसदीय समिति ने आयकर में छूट की सीमा बढ़ाने की सिफारिश की है।
इस बीच, कांग्रेस ने भी वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी पर आयकर में छूट की सीमा बढ़ाने का दबाव बनाना शुरू कर दिया है। पार्टी नेताओं ने गुरूवार को प्रणव मुखर्जी से मुलाकात की। इन नेताओं ने कहा कि छूट की सीमा बढ़ाने मेे ज्यादा टालमटोल नहीं करनी चाहिए क्योंकि इससे कोई फायदा नहीं होगा। बजट सत्र से पहले कांग्रेसी नेताओं की वित्त मंत्री से हुई इस मुलाकात को काफी अहम माना जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस की नजर मध्य वर्ग पर है। आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर मध्य वर्ग को लुभाने के लिए कांग्रेस आयकर में छूट की सीमा बढ़ाए जाने पर जोर दे रही है। सूत्रों के मुताबिक मुखर्जी ने वरिष्ठ मंत्रियों और एआईसीसी नेताओं से बात कर देश के आर्थिक हालात के बारे में जानकारी दी थी। प्रणव ने कहा था कि वैश्विक आर्थिक हालत का भारत पर भी असर पड़ रहा है।

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