वकीलों की हड़ताल खत्म
जयपुर। राज्य के वकील शुक्रवार सुबह काम पर लौट आए। वकीलों और राज्य सरकार के बीच हुई वार्ता के बाद वकीलों ने हड़ताल स्थगित कर काम पर लौट आने का निर्णय किया है। मुख्यमंत्री और मुख्य न्यायाधीश के दखल के बाद वकीलों और सरकार में सहमति बनी। इसके बाद वकीलों की कोर समिति ने आंदोलन स्थगित करने की घोष्ाणा की।
पखवाड़े भर रहे हड़ताल पर गौरतलब है कि चौमूं निवासी वकील मुरलीधर यादव की आत्महत्या के बाद राजधानी सहित कई जिलों के वकील 11 जनवरी से हड़ताल पर थे। वकीलों ने यादव की आत्महत्या के लिए पुलिस पर प्रताड़ना के आरोप लगाए थे। मामले की जांच हाइकोर्ट के आदेश पर सीबीआई कर रही है। वकील यादव के परिवार को 50 लाख रूपए मुआवजा, मृतक के परिवार में एक सदस्य को सरकारी नौकरी और आंदोलन के दौरान वकीलों के खिलाफ दर्ज मामले वापस लेने की मांग कर रहे थे। वकील आंदोलन की वजह से राज्य में हजारों मुकदमों की सुनवाई प्रभावित हो रही थी।
गुरूवार को हुई पहल
गुरूवार को मुख्यमंत्री और मुख्य न्यायाधीश ने वकील आंदोलन समाप्त कराने के लिए प्रयास शुरू किए। इसके बाद वकीलों की कोर समिति ने वार्ता के बाद आंदोलन समाप्त करने की घोष्ाणा कर दी। हाइकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष करणपाल सिंह के अनुसार, राज्य सरकार ने मृत वकील के परिवार को अंतरिम तौर पर पांच लाख रूपए आर्थिक सहायता, मृतक वकील की पत्नी को सरकारी नौकरी और वकीलों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने पर सहमति दी है। इसी के आधार पर वकीलों ने हड़ताल स्थगित कर दी है। द डिस्ट्रिक्ट एडवोकेट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ सुनील शर्मा के अनुसार, मुख्यमंत्री व मुख्य न्यायाधीश के दखल से वकीलों की मांग पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया गया। मांगों को मान लिए जाने के कारण वकीलों ने आंदोलन स्थगित कर दिया है। आज से सभी वकील काम पर लौट आएंगे।
करीब सवा लाख मुकदमे प्रभावित
एक अनुमान के अनुसार, वकील हड़ताल की वजह से राजधानी में ही करीब सवा लाख मुकदमों की सुनवाई प्रभावित हुई है। हड़ताल की वजह से
पदोन्नति में आरक्षण मामला, दारासिंह एनकाउंटर प्रकरण और जलमहल मामले की सुनवाई अगली तारीख तक स्थगित हो ग

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