खुदकुशी करना चाहता है बेघर भारतीय
मस्कट।
गल्फ न्यूज के अनुसार, रफीक ने अपने पत्र में कहा है, "मैं एक फार्महाउस में रह रहा हूं। हार्निया, किडनी में दर्द तथा जोड़ों के दर्द से पीडित हूं।" उसने यह भी लिखा है कि उसके पड़ोसी उसे निजी क्लिनिक ले गए, लेकिन उसके पास बीमारी के इलाज के लिए राशि नहीं है। तेलुगू भाषा में लिखे पत्र में रफीक ने कहा है कि मेरी चार बेटियां और एक बेटा है। मुझे भारत भेजें, वरना मैं मस्कट में खुदकुशी कर लूंगा और मेरा परिवार भारत में मर जाएगा।
रेड्डी ने यह पत्र रीता सैमुअल रूचिका को भेज दिया है, जो तनाव में जी रहे भारतीय कामगारों के लिए हेल्पलाइन वेबसाइट चलाती हैं। वह रफीक को क्लिनिक ले गई और उस स्थान पर भी गई, जहां रफीक रह रहा है। उन्होंने बताया कि तीन-चार लोग हेल क्षेत्र स्थित खुले मैदान में एक पेड़ के नीचे रह रहे हैं।
रफीक वर्ष 2008 में एक प्रतिष्ठित कम्पनी के साथ काम करने यहां आया था। लेकिन एक सहकर्मी के साथ मिलकर कॉफी शॉप खोलने के प्रस्ताव पर उसने सालभर बाद ही नौकरी छोड़ दी और देश लौट गया। नए रोजगार वीजा पर वह फिर यहां पहुंचा, लेकिन उसे मालूम हुआ कि कॉफी शॉप खोलने की बात झूठी थी।
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