भूपिंदर सिंह हुड्डा ने पहुंचाया वाड्रा को फायदा! 

नई दिल्ली। 
रॉबर्ट वाड्रा की कंपनी द्वारा गुड़गांव में एक फार्मलैंड खरीदने के एक माह बाद ही वाणिज्यिक गतिविधि की शुरूआत करने के लिए इस भूमि के रूपांतरण की इजाजत हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा ने दी थी। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद वाड्रा की कंपनी ने यह जमीन साल 2008 में खरीदी थी।


वाड्रा व रीयल एस्टेट कंपनी डीएलएफ के बीच 3.5 एकड़ की इस जमीन के सौदे को स्टेट लैंड रजिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट के एक आईएएस अधिकारी द्वारा रद्द किए जाने को लेकर तूफान खड़ा हो गया है।


एक अखबार का दावा है कि उसके पास दस्तावेज हैं जिनसे यह पता चलता है कि वाड्रा की कंपनी स्काई लाइट हॉस्पिटेलिटी ने शिखोपुर गांच में 12 फरवरी,2008 को 7.5 करोड़ रूपए में यह जमीन खरीदी थी। वाड्रा की कंपनी ने इस जमीन पर व्यावयायिक कॉलोनी के निर्माण की अनुमति मांगी थी। इस पर हुड्डा सरकार ने 21 फरवरी को इसकी इजाजत दे दी थी। 


इजाजत मिलने के तीन माह में ही स्काई लाइट ने यह जमीन 58 करोड़ रूपए में यानी खरीद से आठ गुना ज्यादा राशि पर डीएलएफ को बेचने का सौदा कर लिया।


इस जमीन की फाइल पर सीएम के अतिरिक्त प्रधान सचिव छतर सिंह ने लिखा है - यह केस कॉमर्शियल कॉलोनी के निर्माण के लिए दिए जाने वाले लाइसेंस की मूल शर्तो को पूरा करता है। सीएम ने इसे अप्रूव किया है। 


हरियाणा सरकार हालांकि दावा कर रही है कि यह डील पूरी तरह पारदर्शी है। वहीं फाइल नोटिंग व लैंड रजिस्ट्रेशन इंस्टपेक्टर जनरल द्वारा जांच के आदेश देना इसके विपरीत हैं। जांच रिपोर्ट से सवाल खड़ा होता है कि क्यों राज्य सरकार ने जनवरी 2011 में कॉमर्शियल बिल्डिंग जारी रखने के लिए वाड्रा की कंपनी का लाइसेंस रीन्यू किया जबकि कागजों पर यह जमीन डीएलएफ को 2008 में बेच दी गई थी।

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