'सोच बदलने से मिलेगा बेटियों को सम्मान' 

सुजानगढ़।
राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष लाडकुमारी जैन ने कहा कि समाज की सोच बदलने से ही बेटी को अघिकार व सम्मान मिलेगा। प्रगतिशील युग में भी बेटी का शोषण व प्रताडित किया जाना चिंतनीय है। वे बुधवार को सोनादेवी सेठिया कन्या महाविद्यालय में छात्रसंघ उद्घाटन समारोह को बतौर मुख्य अतिथि सम्बोघित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि बेटी को दया की प्रतिमूर्ति बनाने की बजाय उसे उसका हक दिया जाना चाहिए। उन्होंने यह मानने से इनकार किया कि भड़काऊ व कम कपड़े लड़कियों के साथ ज्यादती के लिए जिम्मेदार हैं।

सोनोग्राफी मशीन ने गिराई बालिका जन्म दर 
city newsजैन ने कहा कि शिक्षा, विवेक व साहस के बलबूते छात्राओं को अपने साथ होने वाले अन्याय व छेड़खानी का विरोध करना चाहिए। महिला सशक्तिकरण को लेकर देश में राज्य की स्थिति मजबूत बताते हुए उन्होंने कहा कि महिला अत्याचारो व भेदभावों को लेकर जो आवाज राजस्थान से उठी, उसकी गूंज समूचे विश्व में सुनाई दी। जैन ने आधुनिक तकनीक के दुरूपयोग पर चिंता जताते हुए कहा कि सोनोग्राफी मशीन आने के बाद बालिकाओं की जन्म दर गिरी है। अध्यक्षीय उद्बोधन में जयपुर की डा. राजप्रभा कागडिया ने कविता दे दे मेरे अधरों को ज्ञान सस्वर... प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि अन्याय का डटकर विरोध करें। जीवन में आगे बढ़ने के लिए सपने देखना और हिम्मत रखना जरूरी है। अतिथियों का प्राचार्या संतोष व्यास, छात्रसंघ अध्यक्ष सरोज जानू, प्रेम नेहरा, एनके जैन ने स्वागत किया। छात्राओं ने नृत्य आदि की प्रस्तुतियां दी।

महिलाएं फुटबॉल नहीं
लाडकुमारी जैन ने महिलाओं पर घरेलू हिंसा व शोषण को लेकर कहा कि वे फुटबाल नहीं है, जो घर से निकाल फेंक दे। उन्होंने महिलाओं में नई मानसिकता के सृजन पर बल दिया। इससे पहले उन्होंने महिला कानून व राज्य सरकार की ओर से बने नियमों की जानकारी दी।

छात्रासंघ कार्यालय का उद्घाटन
समारोह से पहले अतिथियों ने छात्रसंघ कार्यालय का उद्घाटन किया। आयोग अध्यक्ष जैन ने अध्यक्षा जानू, उपाध्यक्ष कीर्ति शर्मा, महासचिव अंजू जाखड़, संयुक्त सचिव दीप ज्योति का परिचय लिया। इस मौके पर विजयराज, कमलादेवी सिंघी व कमला कागडिया आदि बतौर विशिष्ट अतिथि मौजूद थे।

महिलाओं की खुशी में ही परिवार की खुशी
सुजानगढ़. स्थानीय दस्साणी भवन में बुधवार को तेरापंथ महिला मंडल के तत्वावधान में स्वस्थ परिवार स्वस्थ समाज कार्यक्रम के तहत हमारी संस्कृति हमारे संस्कार विषयक संगोष्ठी को मुख्य वक्ता बतौर संबोघित करते हुए लाडकुमारी ने कहा कि महिलाओं की खुशी में ही परिवार की खुशी निहित है। महिलाएं खुश रहेंगी तो पूरा परिवार खुश रहेगा। साध्वी राजीमती के सान्निध्य में हुई संगोष्ठी में डा. राजप्रभा ने समाज से बेटा-बेटी का भेद मिटाने पर बल दिया। साध्वी राजीमती ने भी विचार व्यक्त किए। संचालन सुनीता भूतोडिया ने किया। विमला लोढ़ा ने आभार व्यक्त किया।

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