अतिक्रमण के मुद्दे पर फिर से लामबंद नजर आए सभी पार्षद
साधारण बैठक नगरपालिका अध्यक्ष महेश बी चौहान की अध्यक्षता में दोपहर करीब सवा तीन बजे शुरू हुई। बैठक शुरू होते ही नव नियुक्त ईओ नंदलाल व्यास ने पार्षदों व चेयरमैन का आभार जताने के साथ गत बैठक में हुए निर्णयों की पुष्टि करवाई। इसके बाद इस बैठक के एजेंडों पर चर्चा शुरू की। एजेंडे के पहले पोइंट बाह्य विकास शुल्क वसूली को लेकर पक्ष व विपक्ष सभी पार्षदों ने विरोध जताया। ईओ व्यास ने बताया कि वर्ष 2008 के बाद राज्य सरकार ने वाह्य विकास शुल्क अनिवार्य कर दिया है। इस पर पार्षदों ने कहा कि वर्ष 2008 से पूर्व जिनसे वाह्य विकास शुल्क वसूला गया है या पहले के मामलों में इस शुल्क के लिए पट्टों की कार्रवाई रोकी हुई है, उनका शुल्क लौटाया जाए। काफी देर बहस के बाद सहमति बनी कि बाह्य विकास शुल्क वर्ष 2008 के बाद के प्रकरणों पर ही वसूला जाए और राज्य सरकार को प्रस्ताव भिजवाकर जिनसे इससे पहले के मामलों में वसूला गया है, उनको राशि वापस लौटाई जाए। इस पर पार्षद नैनाराम सुंदेशा ने कहा कि बाह्य विकास शुल्क मनमर्जी से वसूला गया है, किसी से कम तो किसी से ज्यादा, उसका क्या होगा? ईओ व्यास ने इस मुद्दे को चैंबर में बैठकर बात करने का कहकर टाल दिया।
बालोतरा
नगरपालिका सभागार में मंगलवार को आयोजित साधारण बैठक में तनातनी का माहौल रहा। पहले जहां अतिक्रमण के मुद्दे पर पार्षदों ने चेयरमैन व ईओ को जमकर खरीखोटी सुनाई, वहीं सामग्री खरीद में धांधली करने के भी जमकर आरोप लगे। इधर एक पार्षद की बात से नाराज नगरपालिका कर्मचारियों ने बैठक के बाद 2 मई को एक दिवसीय पेन डाउन हड़ताल का ऐलान कर दिया।
साधारण बैठक नगरपालिका अध्यक्ष महेश बी चौहान की अध्यक्षता में दोपहर करीब सवा तीन बजे शुरू हुई। बैठक शुरू होते ही नव नियुक्त ईओ नंदलाल व्यास ने पार्षदों व चेयरमैन का आभार जताने के साथ गत बैठक में हुए निर्णयों की पुष्टि करवाई। इसके बाद इस बैठक के एजेंडों पर चर्चा शुरू की। एजेंडे के पहले पोइंट बाह्य विकास शुल्क वसूली को लेकर पक्ष व विपक्ष सभी पार्षदों ने विरोध जताया। ईओ व्यास ने बताया कि वर्ष 2008 के बाद राज्य सरकार ने वाह्य विकास शुल्क अनिवार्य कर दिया है। इस पर पार्षदों ने कहा कि वर्ष 2008 से पूर्व जिनसे वाह्य विकास शुल्क वसूला गया है या पहले के मामलों में इस शुल्क के लिए पट्टों की कार्रवाई रोकी हुई है, उनका शुल्क लौटाया जाए। काफी देर बहस के बाद सहमति बनी कि बाह्य विकास शुल्क वर्ष 2008 के बाद के प्रकरणों पर ही वसूला जाए और राज्य सरकार को प्रस्ताव भिजवाकर जिनसे इससे पहले के मामलों में वसूला गया है, उनको राशि वापस लौटाई जाए। इस पर पार्षद नैनाराम सुंदेशा ने कहा कि बाह्य विकास शुल्क मनमर्जी से वसूला गया है, किसी से कम तो किसी से ज्यादा, उसका क्या होगा? ईओ व्यास ने इस मुद्दे को चैंबर में बैठकर बात करने का कहकर टाल दिया। बताइये, कब हटेंगे अतिक्रमण
इसके बाद राज हर्ष हेमेंद्र जैन ट्रस्ट मेवानगर को अस्पताल बनाने के लिए जमीन आबंटन की बात आई तो चेयरमैन ने कहा नगरपालिका की अवाप्त जमीन में से पांच बीघा आबंटन कर देते हैं। इस पर पार्षद नृसिंह प्रजापत ने कहा कि पहले ट्रस्ट का बाइलॉज लें कि वे सेवाएं निशुल्क देंगे या कैसे कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि अवाप्त जमीन पर हर हाल में जमीन आबंटन नहीं किया जाए, कल को बालोतरा जिला बना तो जमीन कहां से लाएंगे। पार्षद मांगीलाल सांखला ने कहा कि जितने भी अस्पताल चल रहे हैं वे किसी न किसी ट्रस्ट से संबंधित है और वहां दुकानें चल रही है। इसलिए पहले बाइलॉज लेना जरूरी है। चेयरमैन व ईओ ने कहा कि ट्रस्ट ने आवेदन कर दिया है, निर्णय बोर्ड को करना है, इस पार्षद मनोज खींची ने कहा कि आप जमीन देने के लिए इतने उतावले क्यों हो रहे हैं। अगली बैठक में उनका बाइलॉज देखने के बाद निर्णय ले लेंगे। पार्षद नृसिंह प्रजापत ने कहा कि पहले ये बताइये कि शहर से अतिक्रमण कब तक हटेंगे। इस पर पक्ष-विपक्ष के सभी पार्षद लामबंद हो गए। पार्ष नैनाराम ने कहा कि कहीं अतिक्रमियों की मिलीभगत तो नहीं जो कमेटियां बनाकर मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। चेयरमैन ने कहा कि मैं अतिक्रमण हटाने के मुद्दे पर आपके साथ हूं। ईओ व्यास ने कहा कि मेरी प्राथमिकता होगी कि प्लान बनाकर अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान शुरू किया जाएगा। नगरपालिका उपाध्यक्ष रामलाल पुरोहित ने कहा कि लूणी नदी की जमीन से पार्षदों ने अतिक्रमण हटवाए थे, वहां नगरपालिका ने पट्टे जारी कर दिए, वे क्या अतिक्रमण हटाएंगे। पार्षदों ने कहा कि पहले गलत जारी हुए पट्टे खारिज किए जाए।
कहां है मेरे वार्ड का सुलभ कॉम्पलेक्स:
वार्ड नं. 35 के पार्षद रामचंद्र ने कहा कि उनके वार्ड में सुलभ कॉम्पलेक्स स्वीकृत हुआ था, मगर आज तक नहीं बना। इस पर ईओ ने कहा मैंने यह मामला देखा है, आपका सुलभ कॉम्पलेक्स दूसरी जगह बन गया। नैनाराम ने कहा कि कहां बना, मेरे वार्ड में तो कोई सुलभ कॉम्पलेक्स नहीं बना। ईओ बोले, बन गया है, मेरे चैंबर में आ जाना पूरी जानकारी दे दूंगा। आखिर बार-बार पूछने के बावजूद बैठक के अंत तक नैनाराम को अपने सवाल का उत्तर नहीं मिल पाया। इन कार्यों पर सहमति: दीनदयाल उपाध्याय सेवा संस्थान व राजीव गांधी सेवा संस्थान के कार्यालयों के लिए भूमि आबंटन र सदन ने सर्वसम्मति जाहिर की। वहीं टाउन हॉल को वातानुकूलित करने के मुद्दे पर पहले तो पार्षद भड़के कि कहां से आएगी इतनी राशि। मगर जब चेयरमैन ने बताया कि जिला कलेक्टर ने आश्वासन दिया है कि राशि वे उपलब्ध कराएंगी तो पार्षदों ने कहा फिर हमें कोई आपत्ति नहीं।

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