गुजरात चुनाव:शराब तस्करों की पौ बारह
ट्रक की होती है पेट्रोलिंग
अवैध शराब के ट्रक पेट्रोलिंग कर गुजरात पहुंचाए जा रहे हैं। आबकारी विभाग के अधिकारी बताते हैं कि ट्रक से करीब 6-7 किलोमीटर आगे लग्जरी कार से पेट्रोलिंग की जाती है। इसकी जानकारी आबकारी चैक पोस्ट और स्थानीय थाना पुलिस को होती है। यदि कभी विशेष जांच होती है तो जानकारी मिल जाती है और ट्रक को गुप्त स्थान पर 10 से 12 घंटे तक खड़ा कर दिया जाता है। जांच बंद होने पर ट्रक आगे बढ़ता है। इस काम में चोरी के ट्रक या फर्जी नंबर वाले ट्रक उपयोग में लिए जाते हैं।
हरियाणा-पंजाब की शराब की तस्करी राजस्थान के रास्ते हो रही है। इसकी रोकथाम के लिए अतिरिक्त आबकारी आयुक्त, जिला आबकारी अधिकारी व पुलिस अधिकारियों को कार्रवाई को कहा है। यह सही है कि अभी तक कोई बड़ी कार्रवाई नहीं हो पाई।
दिनेश कुमार, आबकारी आयुक्त
यूं पहुंचती है
राज्य के तस्कर हरियाणा से शराब होलसेल ठेकेदारों से लेकर राजस्थान के रास्ते गुजरात सीमा तक पहुंचाते हैं। गुजरात में खेप लेने वाले शराब तस्कर अलग हैं, जिनका काम जगह-जगह बिक्री के लिए पहुंचाने का है।
चुनाव आयोग को जानकारी
राजस्थान के रास्ते गुजरात जाने वाली अवैध शराब की जानकारी मुख्य चुनाव आयुक्त को भी है। वे पिछले दिनों प्रदेश के मुख्य सचिव को भी शराब तस्करी पर शिकंजा कसने के निर्देश दे चुके हैं। इस पर कार्रवाई के लिए आबकारी आयुक्त को कहा गया, लेकिन आबकारी विभाग के विशेष दस्ते अब तक कोई बड़ी कार्रवाई नहीं कर पाए।
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