ग्रामीण डाकसेवकों ने प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन जिला कलेक्टर को सौंपा
बाड़मेर
अखिल भारतीय ग्रामीण डाककर्मचारी यूनियन, राष्ट्रीय मुख्यालय नई दिल्ली के आहवान पर 16.10.2012 से ग्रामीण डाकसेवकों की देश व्यापी अनिश्चित कालीन हड़ताल के दौरान दूसरें दिन जिले भर के सभी 800 ग्रामीण डाकसेवकों ने अपने 446 शाखा डाकघरों को बंद कर प्रधान डाकघर बाड़मेर के आगे धरना देकर प्रदशर्न किया। बाद मे प्रधान डाकघर बाड़मेर से एक भव्य रैली के रूप में सभी ग्रामीण डाकसेवकों ने प्रधान डाकघर बाड़मेर से नेहरू नगर अहिंसा चौराये से होते हुए कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंच कर माननीय प्रधानमंत्री व संचार मंत्री, संचार राज्य मंत्री, तथा सचिव डाक विभाग दिल्ली के नाम ज्ञापन श्रीमान जिला कलेक्टर बाड़मेर को सौंपा।
भारत सरकार को श्रीमान जिला कलेक्टर के मार्फत सौंपे गये ज्ञापन के तहत ग्रामीण डाक सेवकों ने अपनी मांगों के तहत नियमितीकरण करने व बोनस की सीमा 2500 से 3500 रूपये करने, राष्ट्रीय स्वास्थय बीमा स्कीम लागू करने, अनुकम्पा नियुक्ति का प्रावधान, सभी जीडीएस पर लागू करने, ।ब्च पदोन्नति स्कीम लागू करने, जीडीएस के पद समाप्त नहीं करने व पार्ट टाईम कैज्यूल वर्कर को मंहगाई भत्ता छठे वेतन आयोग के अनुसार लागू करने आदि मांगों का ज्ञापन सौेंपा गया।
धरने पर बैठे सभी ग्रामीण डाक सेवकों को सम्बोधित करते हुए यूनियन के डिवीजनल सेके्रटरी हरीराम जसोल ने कहा कि मांगे नहीं माने जाने तक हड़ताल जारी रहेगीं। जब तक सरकार ग्रामीण डाक सेवकों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने की मांग स्वीकार नहीं किये जाने तक संघर्ष जारी रहेगां।
उन्होंने कहा कि भारत सरकार गा्रमीण डाकसेवकों के साथ भारी अन्याय कर रही है। आठ से दस घन्टे सेवा देने के बावजूद मात्र तीन से पांच घन्टे तक सरकारी रिकार्ड में सेवा मानी जा रही है। व पांच हजार से सात हजार तक वेतन दिया जा रहा है। जो ऊॅट के मुंह में जीरे के समान है जिससे परिवार का पालन पोषण करना मुश्किल है। मंहगाई के इस दौर में इतने कम वेतन से हम हमारे घर नहीं चला सकते।
इस कारण समय के परिवेश में हमारा नियमितिकरण होना अतिआवश्यक है। इसलिए यह हड़ताल अंतिम क्षणों तक लड़ी जायेगी। उन्होने कहा कि देश के कुल 1 लाख 55 हजार पन्द्रह डाकखानों मे से एक लाख 29 हजार डाकखानों का काम ग्रामीण डाक कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से प्रभावित हुआ जिसके अन्तर्गत देश की 80 प्रतिशत ग्रामीण डाक सेवा के तहत डाक का जमा होना, डाक वितरण, बचत बैंक, नरेगा कार्य भुगतान, मनिऑर्डर का भुगतान तथा विशोष कर ग्रामीण स्तर पर पैदा होने वाली प्रतिभाओं को मिलने वाले नौकरी के बुलावा पत्र जैसी महत्वपूर्ण डाक व्यवस्था ठप्प हो चुकी है।
सभा को नानकदास धारीवाल ब्लॉक सचिव भारतीय कम्यूनिष्ट पार्टी, हुकमपुरी सचिव पोस्टमैन यूनियन बाड़मेर , आसनदास पूर्व सचिव पोस्टमैन यूनियन,बाड़मेर शंकरलाल नामा, व यूनियन के जिला अध्यक्ष पूरसिंह राठौड़ ने सम्बोधित किया इस अवसर पर जिला कार्यकारिणी के सभी पदाधिकारी, सभी 25 ब्रान्च सेके्रटरी, सभी 25 सुप्रिम कान्सलर तथा जिले भर से आये लगभग 800 ग्रामीण डाकसेवकों ने हड़ताल को सफल बनाने का सकल्प लिया। दिनांक 16.10.2012 से देश व्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी है। पूर्व से बनायी योजना अनुसार आगे गा्रमीण डाक सेवक अपनेअपने उपडाकघरों के आगे जब तक मांगे नहीं मानी जायेगी तब तक हड़ताल को जारी रखेंगें।
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