पुलिस ने मांगा छात्राओं का रिकॉर्ड
निवाई / जयपुर।
आएगा राष्ट्रीय महिला आयोग दल
टोंक कलक्टर मुक्तानंद अग्रवाल ने बताया कि मामले की जांच के लिए सोमवार को राष्ट्रीय महिला आयोग का तीन सदस्यीय दल विद्यापीठ आएगा।
कुलपति ने बताया भ्रामक प्रचार
कुलपति आदित्य शास्त्री ने शनिवार शाम प्रेस नोट जारी कर पूरे प्रकरण को भ्रामक प्रचार बताया है। इसके साथ छेड़छाड़ की शिकार हुई छात्रा के परिजन का भेजा गया फैक्स भी संलग्न है। इसमें कहा गया है कि उक्त छात्रा के साथ कुछ नहीं हुआ है। कुलपति ने बताया कि 4 अक्टूबर को छात्राओं ने कथित दुर्व्यवहार की बात रखी, लेकिन वे कोई तथ्य पेश नहीं कर पाई। उन्होंने बताया कि विद्यापीठ ने यौन उत्पीड़न समिति को प्रकरण की गहनता से जांच कर एक माह में रिपोर्ट देने का आदेश दिया है।
छात्राओं का प्रदर्शन जारी
छात्राओं ने शनिवार को भी कक्षाओं का बहिष्कार करते हुए प्रदर्शन किया। सुबह कुछ कक्षाएं चलीं तो आंदोलनकारी छात्राओं ने पढ़ाई बंद करा दी। जयपुर के महारानी कॉलेज, राजस्थान विवि सहित अन्य कॉलेजों से छात्र-छात्राओं के आने की सूचना पर परिसर के मुख्य द्वार पर चादर व अन्य अस्थाई बेरीकेड्स लगा दिए गए। पुलिस, आरएसी और निजी सुरक्षाकर्मियों की संख्या भी बढ़ा दी गई। हालांकि राजधानी से कोई नहीं गया। निजी सुरक्षा गार्डो ने किसी भी मीडियाकर्मी को अंदर नहीं जाने दिया।
हो रही आरोपों की जांच
एसपी एस. परिमाला ने पत्रकारों को बताया कि एसीपी विनीता, पुलिस उपाधीक्षक अनुकृति उज्जैनिया और वनिता शर्मा छात्राओं से पूछताछ कर रही हैं। छात्राओं के आरोपों की जांच करा रहे हैं। कुलपति आदित्य शास्त्री से पूछताछ पर उन्होंने कहा कि राज्य महिला आयोग की टीम सभी पक्षों से पूछताछ कर चुकी है। आगे कमेटी जांच करेगी।
दुष्कर्म की शिकायत मिली
5 अक्टूबर को विद्यापीठ की छात्रा शारदासिंह और आकांक्षा मलिक ने रिपोर्ट दी है, जिसमें 11 वीं और बीटेक की छात्रा के साथ दुष्कर्म होने की बात कही है। 11वीं की छात्रा वनस्थली में नहीं है और बी.टेक छात्रा को जयपुर रैफर किया गया है।
एस.परिमाला, पुलिस अधीक्षक
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