भाईयों की कलाई पर सजी बहन की राखी
बाड़मेर
शुभ मुहूर्त के लिए इंतजार नहीं
चार साल से रक्षाबंधन पर भद्रा होने से राखी बांधने के लिए कम समय मिल रहा था लेकिन इस बार इससे राहत मिली। गुरूवार को राखी पूर्णतया भद्रा रहित है। पं. बंशीधर जयपुर पंचाग निर्माता दामोदर प्रसाद शर्मा व ज्योतिषाचार्य पं. चंद्रमोहन दाधीच के अनुसार सूर्योदय कालीन श्रवण नक्षत्र का योग ग्यारह साल बाद बना है। बुधवार रात्रि 10.19 बजे से ही श्रवण नक्षत्र शुरू हो चुका है जो गुरूवार रात 9.17 बजे तक रहेगा।
0 comments:
एक टिप्पणी भेजें