'पीएम के नीचे सीबीआई इसलिए जांच मंजूर नहीं'
नई दिल्ली।
दस लाख 70 हजार करोड़ रूपए के कोयला ब्लाक आवंटन घोटाले की जांच का काम सीवीसी ने गुरूवार को सीबीआई को सौंपा है और उसके बाद सीबीआई ने प्रारंभिक छानबीन शुरू भी कर दी है पिछले कई वर्षो से अनेक घोटालों के आरोपों का सामना कर रही संप्रग सरकार के कार्यकाल में यह पहला मौका है जब प्रधानमंत्री स्वयं आरोपों से घिरे हैं।
वर्ष 2004 से 2009 के बीच हुए इस घोटाले के दौरान कई वर्षो तक यह मंत्रालय प्रधानमंत्री के पास ही था। कैग ने अपनी रिपोर्ट में कथित रूप से यह खुलासा किया है कि कोयला ब्लाकों का आवंटन नीलामी से न किए जाने के कारण राजस्व को अरबों-खरबों रूपए का नुकसान हुआ। भाजपा के प्रवक्ता और राज्यसभा सदस्य प्रकाश जावडेकर ने इस घोटाले की शिकायत सीवीसी से की थी। जावडेकर का आरोप है कि कोयला ब्लाक आवंटन घोटाला टू जी घोटाले की तरह ही हैं लेकिन इसमें कई गुना अधिक धनराशि का राजस्व नुकसान हुआ है।
0 comments:
एक टिप्पणी भेजें