कल भारत बंद: सांसत में सरकार, करुणा ने मनमोहन को झुकाया?
नई दिल्ली.
डीएमके सुप्रीमो करुणानिधि ने प्रधानमंत्री को झुकने पर मजबूर कर दिया है। पेट्रोल की कीमत में 7.50 रुपये की बढ़ोतरी के खिलाफ बुधवार को तमिलनाडु में विरोध प्रदर्शन कर रही डीएमके की मांग के आगे झुकते हुए प्रधानमंत्री ने इस मामले पर विचार करने को कहा है।
इससे पहले डीएमके के नेता डीएमके टीआर बालू ने प्रधानमंत्री से मुलाकात कर पेट्रोल के दाम बढ़ाए जाने पर नाराजगी जाहिर की है। यूपीए सरकार को समर्थन दे रही डीएमके ने बुधवार को बगावती तेवर दिखाते हुए धमकी दी थी कि अगर सरकार की जनविरोधी नीतियों का सिलसिला जारी रहा तो वह सरकार से समर्थन वापस ले लेगी। हालांकि, बाद में करुणानिधि ने यू-टर्न लेते हुए कहा कि उन्होंने समर्थन वापस लेने की धमकी कभी नहीं दी थी। डीएमके सुप्रीमो ने इसके लिए मीडिया को दोषी ठहराया। करुणानिधि के मुताबिक, 'मैंने यह नहीं कहा था कि अगर दाम घटे नहीं तो मैं यूपीए को छोड़ दूंगा। हम लोग कड़वाहट के साथ यूपीए के साथ ही रहेंगे। मैंने सिर्फ इतना ही कहा था कि डीएमके पहले भी गठबंधन से बाहर जा चुकी है। यह राष्ट्रपति चुनाव का समय है और ऐसे में गठबंधन को खतरे में नहीं डालेंगे।'
इससे पहले करुणानिधि ने कहा था कि उनकी पार्टी पेट्रोल के बढ़े दामों के मुद्दे पर यूपीए से समर्थन वापस ले सकती है। करुणानिधि ने कहा कि वह जनता के हित से जुड़े मुद्दों पर बोलने से पीछे नहीं हटेंगे और इस मुद्दे पर यूपीए के नेताओं से बात करेंगे। लेकिन अगर बढ़ोतरी वापस नहीं हुई तो वे समर्थन वापस लेने से भी नहीं हिचकेंगे। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात की उम्मीद है कि समर्थन वापस लेने की नौबत नहीं आएगी। तृणमूल कांग्रेस से यूपीए के तनावपूर्ण रिश्तों को देखते हुए यूपीए सरकार के लिए डीएमके का समर्थन अहम है।
वहीं, दूसरी तरफ एनडीए, समाजवादी पार्टी और लेफ्ट ने पेट्रोल के बढ़े दामों के खिलाफ 31 मई को 'भारत बंद' की तैयारियां कर ली हैं। बीजेपी के नेता राजीव प्रताप रूडी के मुताबिक पार्टी के संसद सदस्यों और विधायकों को अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर पेट्रोल की कीमत में अभूतपूर्व बढ़ोतरी के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन करने को कहा गया है।
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