दुश्मन का सीना चीर, आगे बढ़े 'शूरवीर'
पश्चिमी सीमा से। दुनिया की सबसे बड़ी सेनाओं में शुमार भारतीय सेना के महापराक्रमी योद्धाओं की पलटनें थार के मरूस्थल को थर्राते हुए दुश्मन का सीना चीर रहे हैं। धोरे तोप के गोलों के आवाज से गुंजायमान थे। देश की पश्चिमी सीमा पर जारी थल व वायुसेना के संयुक्त युद्धाभ्यास 'शूरवीर' में एक तरफ तोप, टैंक और युद्धक विमान अपनी ताकत दिखा रहे हैं तो दूसरी तरफ सेना के इंजीनियरों की टुकड़ी थार के धोरों के बीच राह बनाती हुई ये साबित कर रही है कि भारतीय सेना के लिए कोई भी बाधा अजेय नहीं है।
एयर फोर्स की घेराबंदी
युद्धाभ्यास में थल सेना को वायु सेना के युद्धक विमानों और लड़ाकू हेलीकाप्टरों का पूरा सहयोग मिल रहा है। सुखोई-30 के साथ ही लड़ाकू हेलीकॉप्टर एमआई-35 और ट्रांसपोर्ट हेलीकॉप्टर एमआई-17 कमाल का सहयोग कर रहे हैं।
रक्षा मंत्री नहीं, सेनाध्यक्ष आएंगे
ऑपरेशन का जायजा लेने रक्षा मंत्री ए. के. एंटनी के बजाय थल सेना अध्यक्ष जनरल वी. के. सिंह बुधवार आएंगे। वे यहां दो दिन तक रहेंगे।
छद्म युद्घ में किया सीमा पार करने का अभ्यास: सेना के सबसे बड़े युद्धाभ्यास में रण बांकुरों ने पिछले दो माह में वही शौर्य साबित कर दिया है जो 1965, 1971 और करगिल मे देश का मान बढ़ा गया था। छद्म युद्ध के मैदान में जोशीले सैनिकों ने गोलीबारी के बीच जलीय सीमा को नाव के माध्यम से पार किया।
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