रिफाइनरी से प्रदेष का इतिहास बदलेगा- गहलोत

धोरों की धरती का भविष्य सुनहरा- मोईली

बाड़मेर, 23 मार्च। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत एवं केन्द्रीय पेट्रोलियम तथा प्राकृतिक गैस मंत्री डाॅ. एम. वीरप्पा मोइली ने षनिवार को बाडमेर के मंगला प्रोसेसिंग टर्मिनल में बटन दबाकर राजस्थान में गैस के व्यवसायिक उत्पादन की विधिवत षुरूआत की तथा वाॅल्व घुमाकर बाड़मेर बेसिन के तीसरे सबसे बडे तेल क्षेत्र एष्वर्या से तेल उत्पादन का राष्ट्र को समर्पित किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री अषोक गहलोत ने इसे बाडमेर जिले तथा राजस्थान के लिए ऐतिहासिक दिन बताया तथा कहा कि राजस्थान का भविष्य अत्यन्त उज्जवल है तथा इन्दिरा गांधी नहर परियोजना के पष्चात् बाडमेर की रिफाइनरी प्रदेष का इतिहास बदलेगी। लाखों लोगों को रोजगार मुहैया होनेे के साथ ही क्षेत्र का आमूलचूल परिवर्तन हो जाएगा। उन्होने बताया कि एक समय बाडमेर को काला पानी माना जाता था लेकिन अब यही भूमि सोना उगलने लगी है तथा देष का इतिहास बदलेगी। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के बाद राजस्थान के विकास के लिए यह सबसे बडा निवेष होने जा रहो है। इससे विभिन्न उद्योग स्थापित होंगे तथा बडी संख्या में लोगों को रोाजगार मिलेगा। उन्होने कहा कि रिफाइनरी समय पर स्थापित हो इसके लिए सभी के सहयोग से प्रयास किए जाएगें। उन्होने विष्वास दिलाया कि भूमि अधिग्रहण का किसानों को पूरा मुआवजा मिलेगा तथा उन्हें कोई तकलीफ नही आने दी जाएगी। गहलोत ने कहा कि केन्द्रीय पेट्रोलियम मंत्री ने एचपीसीएल को निर्देष दिए है कि प्रदेष के युवाकों को प्रषिक्षण देने के लिए मैंगलोर रिफाइनरी के माॅडल के आधार पर समन्वय करें जिससे कि नौजवानों के कौषल का विकास हो तथा उन्हें रोजगार उपलब्ध हो सकें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कई सालों के बाद अब मुबारक मौका आया है जिससे राज्य में निकलने वाले खनिज तेल का यहीं परिषोधन हो सकेगा। गहलोत ने कहा कि देष में उत्पादित होने वाले कच्चे तेल का 20 प्रतिषत आज राजस्थान से निकलता है। प्रदेष में रिफाइनरी की स्थापना के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री डाॅ. मनमोहन सिंह एवं यूपीए चेयरपर्सन श्रीमती सोनिया गांधी से समय समय पर आग्रह किया था कि इस काम को आगे बढाया जाए। मुख्यमंत्री ने रिफाइनरी की स्वीकृति के लिए प्रधानमंत्री, यूपीए चेयपर्सन, मोइली एवं एचपीसीएल प्रबन्धन का भी आभार व्यक्त किया। उन्होने कहा कि केन्द्रीय ऊर्जा मंत्री के रूपे में मोइली द्वारा राज्य के विकास में किए गए सहयोग का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्नाटक एवं राजस्थान के रिष्ते प्रगाढ़ हुए हैं। इससे पहले कर्नाटक के ही निवासी पूर्व केन्द्रीय रेलमंत्री सी.के. जाफर षरीफ ने भी राजस्थान में रेल सेवाओं के विस्तार में महत्वपूर्ण योगदान दिया था। विख्यात वास्तुकार स्वत्र मिर्जा इस्माइल जिनकी स्मृति में जयपुर के एम.आई. रोड का नामकरण किया गया, वे भी कर्नाटक में ही जन्मे थे।

इस अवसर पर केन््रदीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री डाॅ. एम. वीरप्पा मोइली ने कहा कि लगभग 37 हजार 230 करोड रूपये के भारी निवेष से एक लाख लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा। राज्य के आर्थिक विकास को मजबूती मिलेगी और देष को समृद्धि एवं खुषहाली के पथ पर अग्रसर करने में राजस्थान महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होने कहा कि राजस्थान से निकलने वाले खनिज तेल की गुणवत्ता विषिष्ट किस्म की है तथा यहां रिफाइनरी के लिए पर्याप्त मात्रा में खनिज तेल उपलब्ध है।
केन्द्रीय पेट्रोलियम मंत्री ने आषा व्यक्त की कि 2016-17 तक इस रिफाइनरी को पूरा कर लिया जाएगा। उन्होने बताया कि एचपीसीएल को स्थानीय लोगों को कुषल तथा प्रषिक्षित कर दो वर्ष में तैयार करने के निर्देष दिए गए है ताकि उन्हें रिफाइनरी में रोजगार दिया जा सकें। साथ ही रिफाइनरी के जुडे रोजगार में अधिकाषः बाडमेर के लोगों को रोजगार दिया जाएगा। उन्होने बताया कि एचपीसीएल को एक टास्क फोर्स के गठन के निर्देष दिए गए है जो जिला प्रषासन से समन्वय कर अधिकाषः रोजगार के क्षेत्र में स्थानीय लोगों को नियोजित करना सुनिष्चित करेगी। उन्होने आष्वस्त किया कि उनकी और गहलोत की मित्रता अनवरत जारी रहेगी तथा रिष्तों में और प्रगाढता आएगी।
इससे पूर्व केन्द्रीय पेट्रोलियम राज्यमंत्री श्रीमती पानाबाका लक्ष्मी ने बाड़मेर के लोगों को गैस के व्यवसायिक उत्पादन की बधाई दी तथा रिफाइनरी से क्षेत्र के अपूर्व विकास की उम्मीद जताई। उन्होने बताया कि रिफाइनरी के दौरान पर्यावरण के सभी पहलुओं का विषेष ध्यान रखा जाएगा।
इस मौके पर राज्य के खान एवं उद्योग मंत्री राजेन्द्र पारीक ने कहा कि राजस्थान की जनता आज के इन सुखद क्षणों को सदैव याद रखेगी। उन्होने केन्द्रीय पेट्रोलियम मंत्री को रिफाइनरी का सपना साकार करने पर बधाई दी और आषा व्यक्त की कि राजस्थान के विकास के प्रति उनका स्नेह बना रहेगा। उन्होने मुख्यमंत्री गहलोत की प्रतिबद्धता की तारीफ की जिसकी वजह से रिफाइनरी का सपना साकार हुआ।
इस अवसर पर राजस्व मंत्री हेमाराम चैधरी ने बाडमेर के लोगों के पूरे सहयोग का आष्वासन देते हुए कहा कि विकास की परम्परा में थार के निवासी हमेषा आगे रहे है तथा वे पूरे सहयोग से देष के विकास में आगे आएगें। उन्होने रिफाइनरी के दौरान स्थानीय लोगोें को वरियता देने तथा उनकी समस्याओं का प्राथमिकता से निपटाने का अनुरोध किया।
इससे पूर्व वेदान्ता समूह के अध्यक्ष अनिल अग्रवाल ने कहा कि कैयर्न कम्पनी बाडमेर के लोगों की है तथा बाडमेर के विकास में कम्पनी कोई कमी नहीं रखेगी। उन्होने कहा कि रोजगार, आधारभूत संसाधनों का विकास तथा सामुदायिक कार्यो में कम्पनी सर्वोच्च प्राथमिकता देगी। कार्यक्रम के दौरान उन्होने खडे होकर सामाजिक सामुदायिक कार्यो में 100 करोड रूपये की भागीदारी की घोषणा की। इस दौरान कैयर्न इण्डिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पी इलांगो ने कम्पनी की तेल उत्पादन कार्यो की विस्तृत जानकारी दी। उन्होने बताया कि आने वाले दिनों में बाडमेर बेसिन से देष का सर्वाधिक तेल का उत्पादन होगा। कार्यक्रम में अल्पसंख्यक मामलात एवं वक्फ राज्यमंत्री अमीन खान तथा संसदीय सचिव दिलीप चैधरी समेत जिले के कई जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन अयोध्या प्रसाद गौड ने किया। 

1 comments:

  1. वैसा ही हो, जैसा सोच रहे है.
    ये योजना किसी राजनेता की महत्वकान्सा का शिकार न बने.
    बाड़मेर के नागरिको के लिए लक्ष्मी साबित हो,

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